बाल गीत : संविधान में लिखी हुई है
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | गुरुवार,अप्रैल 9,2026
वोट डालकर हमको चुनना, है सरकार हमारी। संविधान में लिखी हुई है, यही व्यवस्था सारी। मिली हमें आज़ादी थी तो, नूतन पथ था ...
वर्तमान में जीने वाले : एक पद्य कथा
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | मंगलवार,अप्रैल 7,2026
एक पद्य कथा और प्रेषित है वेबदुनिया के लिए। एक बड़ा ज्योतिष विज्ञानी, तारों से बातें करता था। तारों को ही देख- देख कर, ...
एक पद्य कथा : अभिमानी का सिर नीचा
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | सोमवार,अप्रैल 6,2026
यहां एक मौलिक और अप्रकाशित पद्य कथा प्रस्तुत हैं... एक संत के पास एक दिन, एक आदमी आया। बोला पानी पर चलने का, मंत्र सीख ...
कविता: बेटी
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | मंगलवार,फ़रवरी 17,2026
अब बेटी है बनी कलेक्टर, बनी पुलिस कप्तान। बड़े सूरमाओं तक के अब,
बेटी काटे कान। बेटी, बेटे से कुछ कम है, सोच नहीं यह ...
क्रिसमस पर कविता: परियां उतरीं आसमान से
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | बुधवार,दिसंबर 24,2025
परियां उतरीं आसमान से चॉकलेट हाथों में लेकर, परियां उतरीं आसमान से। कुछ आईं हैं पंख लगाकर, कुछ उतरीं हैं वायुयान से। ...
बाल गीत : आज मनाना क्रिसमस डे
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | बुधवार,दिसंबर 24,2025
डोर वैल की ट्रिन-ट्रिन सुनकर, मीना ने दरवाजा खोला। बाहर सांताक्लाज़ खड़े थे, टांगे थे कंधे पर झोला। हाथ बढ़ाकर बोले बेटी, ...
हिन्दी दिवस पर बाल गीत : हिन्दी ऊपर लाना है
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | शनिवार,सितम्बर 13,2025
Hindi Diwas Poem in Hindi : खुलीं कापियां खुलीं किताबें, निकल पड़े बस्तों से पेन। मुन्ना बांच रहा पुस्तक में, मुरगी का ...
बाल गीत: बुढ्ढी के बाल
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | मंगलवार,जुलाई 22,2025
लेकर आया लल्लू लाल, लाल लाल बुढ्ढी के बाल। हरे गुलाबी पीले भी हैं।
स्वेत बैगनी नीले भी हैं। सजे धजे बैठे डिब्बे में, ...
बाल कविता : चंद्र ग्रहण
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | बुधवार,जून 25,2025
बहुत दिनों से सोच रहा हूं, मन में कब से लगी लगन है। आज बताओ हमें पिताजी, कैसे होता सूर्य ग्रहण है। कहा पिताजी ने प्रिय ...
बाल गीत: गरम जलेबी
प्रभुदयाल श्रीवास्तव | गुरुवार,जून 12,2025
मंगवा देना गरम जलेबी
गरम जलेबी पापाजी से,
मंगवा देना मम्मी।
दो दो दादा दादी को दो,
मुझे खिलाना दो मम्मी।

