biodatamaker

Karva Chauth 2025: करवा चौथ पर राहु का साया, राहुकाल में बिल्कुल भी ना करें ये काम

Written By WD Feature Desk
Updated: बुधवार, 8 अक्टूबर 2025 (16:50 IST)
Karwa Chauth Rahukal time: करवा चौथ सुहागिनों का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सौभाग्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलती हैं। शुभ मुहूर्त में की गई पूजा ही इस व्रत को सफल बनाती है। लेकिन इस साल, व्रत की तैयारी के दौरान एक महत्वपूर्ण समय का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, वह है राहुकाल। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 10 अक्टूबर, शुक्रवार को करवा चौथ के दिन राहुकाल का साया रहेगा। यह अशुभ समय सुबह 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 08 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में इस समय को किसी भी शुभ कार्य के लिए वर्जित माना गया है।

राहुकाल को अशुभ क्यों माना जाता है?
राहुकाल की अवधारणा ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है और यह सप्ताह के हर दिन लगभग 90 मिनट का एक समयखंड होता है।

राहु का प्रभाव: राहु को ज्योतिष में एक छाया ग्रह माना जाता है, जिसका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है, लेकिन इसका प्रभाव बहुत गहरा होता है। राहु को भ्रम, विलंब, और अचानक आने वाली बाधाओं का कारक माना जाता है। मान्यता है कि राहुकाल में शुरू किए गए किसी भी कार्य का परिणाम या तो अशुभ होता है, या वह कार्य अधूरा रह जाता है।
पुराणों के अनुसार, राहु, जिसका दूसरा नाम स्वर्भानु था, ने छल से अमृत पान करने की कोशिश की थी, जिससे उसे मृत्युदंड मिला। इसी कारण राहु को असुर और क्रूर ग्रह माना जाता है। इसलिए, राहुकाल के दौरान किसी भी सकारात्मक ऊर्जा वाले कार्य या देवी-देवताओं की पूजा को अशुभता का सामना करना पड़ सकता है। करवा चौथ की पूजा और तैयारी एक मांगलिक और पवित्र कार्य है। इसलिए, राहुकाल के दौरान इन 4 महत्वपूर्ण कार्यों से पूरी तरह बचना चाहिए:
  1. नए काम की शुरुआत: अगर आप करवा चौथ के दिन किसी नए व्यापार, प्रोजेक्ट या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत की योजना बना रहे हैं, तो राहुकाल के समय से बचें। राहु का प्रभाव उसमें अनावश्यक विलंब या बाधा पैदा कर सकता है।
  2. खरीद-बिक्री: सोने-चांदी, कपड़े या अन्य कोई भी महत्वपूर्ण वस्तु जो आप करवा चौथ के अवसर पर खरीद रहे हैं, उसकी खरीद-बिक्री इस समय में न करें। माना जाता है कि राहुकाल में खरीदी गई वस्तु लंबे समय तक फलदायी नहीं रहती है।
  3. यात्रा: यदि आवश्यक न हो तो राहुकाल के दौरान यात्रा शुरू करने से बचें। ऐसा माना जाता है कि इस समय की गई यात्रा में कष्ट या अप्रत्याशित समस्याएँ आ सकती हैं।
  4. मांगलिक कार्य: करवा चौथ की पूजा, कथा वाचन या कोई भी अन्य शुभ अनुष्ठान राहुकाल के दौरान भूलकर भी शुरू न करें। विशेष रूप से, करवा माता या शिव-पार्वती की पूजा का आरंभ इस अशुभ घड़ी में नहीं करना चाहिए। पूजा हमेशा राहुकाल शुरू होने से पहले या समाप्त होने के बाद ही करें। ALSO READ: Karwa Chauth 2025: करवा चौथ पर सूर्य और चंद्रमा की बदलेगी चाल, इन 3 राशियों के लिए बनेंगे आकस्मिक धनलाभ के महासंयोग
    अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
     

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

कावड़ यात्रा आज से शुरू: जानिए रूट, ट्रैफिक डायवर्जन और जरूरी नियम

मंगल का मिथुन राशि में प्रवेश: 5 राशियों के लिए प्रमोशन और तरक्की के खुलेंगे नए रास्ते

केतु का स्व-नक्षत्र मघा में महागोचर: इन 5 राशियों की रातों-रात चमकेगी किस्मत, शुरू होगा गोल्डन टाइम

Shravan 2026: श्रावण मास 2026: शिव पूजा के खास दिन और रुद्राभिषेक का महत्व

गुरुवार के संयोग में श्रवण नक्ष‍त्र में हुआ श्रावण मास प्रारंभ, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त

अगला लेख