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दीपावली 2022 : महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस, पढ़ें परिचय, आरती और चालीसा

मंगलवार,अक्टूबर 25, 2022
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Vidyasagar ji : जैन आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज जन्मदिवस प्रतिवर्ष शरद पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। आचार्य श्री विद्यासागर जी मन से जल की तरह निर्मल, प्रसन्न और हमेशा मुस्कराते रहते हैं। वे अपनी तपस्या की अग्नि में कर्मों की निर्जरा के लिए हर ...
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Jain forgiveness day 2022 :पयुर्षण या दशलक्षण पर्व जैन धर्म में बहुत महत्व का माना गया है। इस महापर्व के समापन पर क्षमावाणी पर्व मनाया जाता है। यह हमें अपने अहंकार को दूर रखकर धर्म के मार्ग पर चलते हुए सभी को माफ करने और सभी से माफी मांगने की सीख ...
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31 अगस्त से दिगंबर जैन समाज के दशलक्षण महापर्व शुरू हो गए हैं। इस पर्व के अंतर्गत आज सुगंध/ धूप दशमी पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन धूप खेवन जिनेंद्र देव के समक्ष धूप अर्पित करके यह पर्व मनाया जाता है। आज के दिन सभी जैन मंदिरों में दर्शनार्थियों की ...
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संवत्सरी पर्व (samvatsari parv) यानी क्षमावाणी पर्व पर 'मिच्छामी दुक्कड़म्' (Michhami Dukkadam) कहकर सभी से क्षमा मांगी जाती है। उसके बाद दिगंबर संप्रदाय वाले 10 दिन तक पर्युषण मनाते हैं। उन्हें वे 'दसलक्षण' के नाम से भी संबोधित करते हैं। jain ...
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Samvatsari Parv :श्वेतांबर जैन धर्म के पर्युषण पर्व के समापन पर 'मिच्छामी दुक्कड़म्' का खास अवसर आ रहा है। इस दिन जैन धर्मावलंबी भगवान महावीर की पूजा-अर्चना करके उनके द्वारा मानव जीवन के कल्याण के लिए समझाए गए महत्व और उपदेशों को अपने आचरण में ...
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31 अगस्त को श्वेतांबर जैन समुदाय का खास पर्व है। यह पर्व संवत्सरी महापर्व के रूप में मनाया जाता है, इस दिन मिच्छामी दुक्कड़म् कहने का विशेष महत्व है। 'मिच्छामी दुक्कड़म्' प्राकृत भाषा का एक शब्द है। जिसमें मिच्छामी का अर्थ क्षमा और दुक्कड़म का अर्थ ...
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paryushan parv 2022 पर्युषण महापर्व संपूर्ण मानव जाति की आत्मशुद्धि का महायज्ञ है। आम मनुष्य की भाषा में पर्युषण के दो अर्थ हैं, पहला जैन तीर्थंकरों की सेवा-पूजा, स्मरण और दूसरा कठिन व्रतों के माध्यम से शारीरिक, मानसिक एवं वाचिक तप में स्वयं को पूरी ...
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The festival of Jainism इन दिनों श्वेतांबर जैन समुदाय के पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व चल रहे हैं। इसका समापन जहां 31 अगस्त 2022 को होगा, वहीं 31 अगस्त से दिगंबर जैन धर्मबंधु दसलक्षण महापर्व यानी पर्वाधिराज पर्युषण मनाएंगे। आइए जानते हैं कब से कब तक मन ...
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Mahavir Janma Vanchan Mahotsav : पर्वाधिराज पयुर्षण तप और त्याग का पर्व है। यह भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांतों और अहिंसा के मार्ग पर चलकर आत्मा की अज्ञानता दूर करने का पर्व है तथा यही सच्चा धर्म भी है। पयुर्षण पर्व के दौरान आठ कर्मों का जलाकर तथा ...
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Teej special दिगंबर जैन समुदाय 30 अगस्त 2022 को रोट तीज का पर्व मनाया जाएगा, वहीं हिन्दू धर्म के लोग इस दिन हर‍तालिका पर्व मनाएंगे। जैन समुदाय में रोट तीज के दिन बनाया जाने वाला यह एक विशेष व्यंजन (Indian Jain Recipes) है, जो सभी घरों में भाद्रपद ...
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Rot Teej in Jainism प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल तृतीया के दिन सकल दिगंबर जैन समाज के लोग रोट तीज का उत्सव उत्साहपूर्वक मनाते हैं। इस दिन यानी त्रिलोक तीज के दिन श्रावकों द्वारा चौबीस महाराज का पूजन किया जाता है। तथा इस मौके पर अपनी अनूठी परंपरा को ...
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paryushan parv 2022 इन दिनों श्वेतांबर समाज के पर्युषण पर्व चल रहे हैं, जिसका मूल उद्देश्य मनुष्य के अंदर तप बल विकसित करके उसकी सारी सांसारिक प्रवृत्तियों को अहिंसा से सराबोर करना है, क्योंकि पर्युषण संपूर्ण मानव जाति की आत्मशुद्धि का महायज्ञ है। ...
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Jain festivals 2022 24 अगस्त से महापर्व पर्युषण शुरू हो गए हैं। जैन धर्म के अनुसार इन दिनों जैन समुदाय के 8 दिनों तक आराधना में लीन रहते हुए आध्यात्मिक चिंतन, धार्मिक, क्षमाशील विचार अपनाते हुए इस पर्व मनाएंगे। इन दिन जहां कर्मों की निर्जरा की ...
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Jains Paryushan 2022 : 24 अगस्त, बुधवार से श्वेतांबर जैन समाज के पर्युषण पर्व शुरू होकर 31 अगस्त तक जारी रहेंगे। इन 8 दिनों के अंतर्गत आत्मशुद्धि और मोक्ष मार्ग को प्रशस्त करने का प्रयास किया जाता है। जैन धर्म में अहिंसा एवं आत्मा की शुद्धि को ...
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Jain rakshabandhan katha हिन्दू धर्म में रक्षा बंधन का त्योहार प्रारंभ होने की कई कथाएं मिलती हैं। इसी तरह जैन धर्म में भी श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षा बंधन पर्व को लेकर कथा वर्णित हैं, जिसके अनुसार हस्तिनापुर में जब 700 मुनियों पर उपसर्ग हुआ था तो ...
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lord parshvanath moksha kalyanak day इस वर्ष जैन पर्व मोक्ष सप्तमी 4 अगस्त 2022, गुरुवार को मनाया जा रहा है। यह दिन भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित है। इस दिन जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस मनाया जाएगा तथा उनके निर्वाण ...
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भगवान आदिनाथ (Lord aadinath), जिन्हें ऋषभनाथ भी कहा जाता है वे जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर है। भगवान ऋषभनाथ का जन्म चैत्र कृष्ण नौवीं के दिन सूर्योदय के समय हुआ।
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जैन धर्म के अनुसार अक्षय तृतीया (akshay tritiya) के दिन जैन धर्म के पहले तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का प्रथम आहार हुआ था, उस दिन वैशाख शुक्ल तृतीया थी। god adinath worship
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24th Tirthankar in Jainism जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मदिवस को आज महावीर जयंती (Mahavir Janma Kalyanak) के नाम से जाना जाता है। जैन समाज द्वारा पूरे भारत में भगवान महावीर के जन्म उत्सव के रूप मे 'महावीर जयंती' (celebrates the ...
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