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क्या जैन धर्म और शनि ग्रह में है कोई संबंध, जानिए रोचक जानकारी

रविवार,जून 2, 2019
shani dev in jain dharm
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जैन धर्म के सोलहवें तीर्थंकर शांतिनाथ का जन्म ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी के दिन शुभ नक्षत्रों के योग में हुआ था। उनका जन्म, ...
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जैन धर्म शास्त्रों में पर्यावरण को लेकर बहुत कुछ लिखा हुआ है। दुनिया के सभी धर्मों की अपेक्षा सबसे ज्यादा जैन धर्म ने ...
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सरयू नदी के तट पर बसे इस नगर की रामायण अनुसार विवस्वान (सूर्य) के पुत्र वैवस्वत मनु महाराज द्वारा स्थापना की गई थी। ...
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प्रत्येक वर्ष भगवान महावीर की जन्म-जयंती हम मनाते हैं। समस्त विश्व में जैन समाज और अन्य अहिंसा प्रेमी व्यक्तियों द्वारा ...
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महावीर एक राजा के परिवार में पैदा हुए थे। उनके घर-परिवार में ऐश्वर्य, धन-संपदा की कोई कमी नहीं थी, जिसका कि वे मनचाहा ...
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हिन्दू और जैन दो शरीर लेकिन आत्मा एक है। जानते हैं कि कैसे दोनों ही धर्म दो होकर भी एक हैं।
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जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का जन्म चैत्र कृष्ण नौवीं के दिन सूर्योदय के समय हुआ। उन्हें ऋषभदेव जी, ऋषभनाथ ...
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जैन और हिन्दू दो अलग अलग धर्म है, लेकिन दोनों ही एक ही कुल और खानदान से जन्मे धर्म है। भगवान ऋषभदेव स्वायंभुव मनु से ...
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भगवान आदिनाथ का जन्म चैत्र कृष्ण नौवीं के दिन सूर्योदय के समय हुआ। उन्हें जन्म से ही संपूर्ण शास्त्रों का ज्ञान था। ...
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भगवान महावीर का संपूर्ण जीवन तप और ध्यान की पराकाष्ठा है इसलिए वह स्वतः प्रेरणादायी है। भगवान के उपदेश जीवनस्पर्शी हैं ...
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भारत में हिन्दू, जैन, बौद्ध और सिख धर्म में दीपावली का त्योहार हर्षोउल्लास से मनाया जाता है। इस दिन सभी धर्मों के लोग ...
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सिद्ध समूह नमों सदा, अरु सुमरूं अरहन्त। निर आकुल निर्वांच्छ हो, गए लोक के अंत ॥ मंगलमय मंगल करन, वर्धमान महावीर। तुम ...
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भगवान महावीर की आरती- जय महावीर प्रभो, स्वामी जय महावीर प्रभो। कुंडलपुर अवतारी, त्रिशलानंद विभो॥
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महावीर स्वामी कहते हैं कि इस धरती पर जितने भी प्राणी हैं, वे सब अपने-अपने संचित कर्मों के कारण ही संसार में चक्कर लगाया ...
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आचार्यश्री विद्यासागर जी का जन्म आश्विन शुक्ल पूर्णिमा की चांदनी रात में कर्नाटक जिला बेलगाम के ग्राम सदलगा के निकट ...
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इस भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी को भी क्रोध आना या गुस्सा होना साधारण है, क्योंकि आजकल हर कोई व्यक्ति जीवन में इतना उलझ ...
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शांति और समता आत्मा का स्वाभाविक धर्म है, जो कभी नष्ट नहीं हो सकता। सिर्फ जैन धर्म ही हमें क्षमा भाव रखना नहीं सिखाता ...
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ऋषि पंचमी से दिगंबर जैन समाज के दशलक्षण महापर्व शुरू हो गए है। इस पर्व के अंतर्गत 19 सितंबर 2018, गुरुवार को सुगंध दशमी ...
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प्रतिवर्ष की तरह दिगंबर जैन समुदाय के पर्युषण पर्व यानी दशलक्षण पर्व शुरू हो गए हैं। आत्मचिंतन का यह पर्व हर साल ही ...
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