सुरक्षा विशेषज्ञों की चेतावनी, IS का अगला गढ़ हो सकता है अफ्रीका

Last Updated: बुधवार, 10 अगस्त 2022 (10:14 IST)
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संयुक्त राष्ट्र। अफ्रीका के मार्टिन एवी ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को आगाह किया कि अफ्रीका में का खतरा हर दिन बढ़ रहा है और यह महाद्वीप उसकी खिलाफत का भविष्य हो सकता है। उन्होंने कहा कि ये अब क्षेत्रीय गढ़ हैं, जो अफ्रीका में अस्थिरता लाने का जरिया बन गए हैं।

एवी ने कहा कि इस्लामिक स्टेट ने अफ्रीका में अपना दबदबा बढ़ाया है और कम से कम 20 देश आतंकवादी संगठन की गतिविधियों का प्रत्यक्ष तौर पर अनुभव कर रहे हैं तथा 20 से अधिक अन्य देशों का इस्तेमाल धन तथा अन्य संसाधन जुटाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये अब क्षेत्रीय गढ़ हैं, जो अफ्रीका में अस्थिरता लाने का जरिया बन गए हैं।

एवी ने कहा कि चाड, नाइजीरिया, नाइजर और कैमरून की सीमा से लगता लेक चाड बेसिन आतंकवादी संगठन की गतिविधियों का सबसे बड़ा अड्डा है, साहेल के कई इलाके अब अनियंत्रित हैं और सोमालिया अफ्रीका में आईएस का गढ़ बना हुआ है।
एवी ने अफ्रीका में आईएस के सफल होने के कई कराण बताए जिनमें प्राकृतिक संसाधनों की मौजूदगी भी शामिल है जिससे दाएश जैसे संगठनों को खुद के लिए धन एकत्रित करने में मदद मिलती है। इसके अलावा गरीबी और फिलीस्तीन के मुद्दे से निपटने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी कई अफ्रीकी युवाओं के कट्टर बनने की मुख्य वजह हैं।

संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद रोधी प्रमुख व्लादिमीर वोरोंकोव ने भी सुरक्षा परिषद को आगाह किया कि 2020 की शुरुआत में कोविड-19 वैश्विक महामारी फैलने के बाद से ही इस्लामिक स्टेट का खतरा बढ़ रहा है।(भाषा)



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