Narak Chaturdashi
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सिक्किम के आसमान में दिखाई दी रहस्यमयी रोशनी, वीडियो वायरल

Written By WD Feature Desk
Updated: शुक्रवार, 20 मार्च 2026 (15:25 IST)
हाल ही में (15 मार्च 2026 को), सिक्किम और दार्जिलिंग के आसमान में एक बेहद अजीब और रहस्यमयी 'जेलीफिश' (Jellyfish) जैसी आकृति दिखाई दी थी। शाम के वक्त आसमान में तैरती इस चमकदार नीली-सफेद रोशनी को देखकर लोग हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर इसे UFO (दूसरे ग्रह का यान) तक कहा जाने लगा।
 

क्या था यह नजारा?

वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के अनुसार, यह कोई एलियन गतिविधि नहीं बल्कि एक अद्भुत खगोलीय और तकनीकी घटना थी जिसे 'स्पेस जेलीफिश' (Space Jellyfish) कहा जाता है।
 
कारण: यह दृश्य SpaceX के Falcon 9 रॉकेट के लॉन्च के कारण बना था। यह रॉकेट फ्लोरिडा (अमेरिका) से लॉन्च किया गया था, जो स्टारलिंक उपग्रहों को अंतरिक्ष में ले जा रहा था।
 

जेलीफिश का आकार कैसे बना?

जब रॉकेट अंतरिक्ष की ऊंचाई पर पहुंचता है, तो उससे निकलने वाली गैसें (Exhaust Plumes) बहुत तेजी से फैलती हैं। सूर्यास्त के बाद जमीन पर अंधेरा होने के बावजूद, इतनी ऊंचाई पर सूरज की रोशनी मौजूद होती है। जब यह रोशनी उन फैलती हुई गैसों पर पड़ी, तो उन्होंने चमकते हुए जेलीफिश या छाते जैसा आकार ले लिया।
 
दृश्यता: यह नजारा सिक्किम और आसपास के इलाकों में लगभग 5 से 7 मिनट तक देखा गया।
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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सिक्किम में अन्य हालिया घटनाएं:

बर्फबारी: जनवरी 2026 में उत्तरी और पूर्वी सिक्किम में भारी बर्फबारी हुई थी, जिसने पहाड़ों को सफेद चादर से ढक दिया था।
 
ब्लड मून: 3 मार्च 2026 को सिक्किम सहित पूरे पूर्वोत्तर भारत में 'ब्लड मून' (चंद्र ग्रहण) का शानदार नजारा भी देखा गया था, जिसमें चांद गहरा लाल नजर आया था।

ब्रिटेन और जर्मन में नजर आया: ब्रोमाइड उल्कापिंड:

हाल ही में (मार्च 2026 के मध्य में) आसमान में "आग का गोला" दिखने की खबरें मुख्य रूप से यूरोप और उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों से सामने आई हैं। वैज्ञानिकों ने इसे एक 'ब्रोमाइड उल्कापिंड' (Fireball Meteor) बताया है।
 
स्थान: यह नजारा सबसे स्पष्ट रूप से यूनाइटेड किंगडम (UK), फ्रांस और जर्मनी के आसमान में देखा गया। सोशल मीडिया पर इसके कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें एक चमकदार नीली-हरी रोशनी वाला गोला आसमान को चीरते हुए दिखाई दे रहा है।
 
कारण: खगोलविदों के अनुसार, यह एक छोटा उल्कापिंड (Meteor) था, जो पृथ्वी के वायुमंडल में बहुत तेज गति से प्रवेश करने के कारण घर्षण से जल उठा। इसकी चमक इतनी तेज थी कि इसे कुछ सेकंड के लिए दिन जैसा उजाला पैदा करते देखा गया।
 
भारत के संदर्भ में: अगर आप भारत की बात कर रहे हैं, तो सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में जो नजर आया था, वह आग का गोला नहीं बल्कि SpaceX रॉकेट का धुआं (Space Jellyfish) था, जो सूरज की रोशनी में चमकने के कारण एक बड़े गोले या जेलीफिश जैसा दिख रहा था।
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