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आश्चर्य ! मछलियां भी हल कर सकती हैं गणित के सवाल, दिलचस्प जानकारी
आमतौर पर गणित के सवाल इंसान हल कर सकते हैं, कोई यह कहे कि कोई जीव गणित जानता समझता हो और यहां तक कि गणित जैसे विषय के सवाल भी हल कर सकता है तो शायद कोई यकीन नहीं करेगा।
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि अब सिर्फ इंसान ही नहीं, पानी में रहने वाली मछलियां भी गणित के सवाल हल कर सकती हैं। दरअसल, हाल ही में जर्मनी की बॉन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च में इस बात का दावा किया है।
उनका कहना है कि स्टिंग रे और जीब्रा मबूना सिक्लिड्स नाम की दो मछलियां ऐसी हैं, जो जोड़ आरै घटाना समझती हैं। इसके पहले आपको बता दें कि गणित समझने में वाले जीवों की सूची में मधुमक्खियों और कुछ पक्षियों के नाम भी शामिल हैं।
ऐसी है मछलियों की याददाश्त
बॉन यूनिवर्सिटी के जूलॉजिस्ट वेरा श्लूसेल और उनकी टीम ने रिसर्च में दावे किए हैं। उनके मुताबिक, स्टिंग रे और जीब्रा मबूना सिक्लिड्स सिंबल्स पहचानने और याद करने में सक्षम हैं। यदि हम किसी नंबर को रंग से डिनोट करें, तो मछलियां उस रंग के आधार पर मैथ्स के बेसिक सवाल हल कर सकती हैं।
बॉन यूनिवर्सिटी के जूलॉजिस्ट वेरा श्लूसेल और उनकी टीम ने रिसर्च में दावे किए हैं। उनके मुताबिक, स्टिंग रे और जीब्रा मबूना सिक्लिड्स सिंबल्स पहचानने और याद करने में सक्षम हैं। यदि हम किसी नंबर को रंग से डिनोट करें, तो मछलियां उस रंग के आधार पर मैथ्स के बेसिक सवाल हल कर सकती हैं।
रिसर्च के दौरान इन मछलियों ने रंग के आधार पर ही सबसे बड़ी संख्या और सबसे छोटी संख्या को चुनना सीखा। साथ ही, वे किसी संख्या से 'एक' को घटाना और जोड़ना भी सीख गई हैं।
कैसे हुई रिसर्च?
रिसर्च में अलग-अलग संख्या और आकारों के डिस्प्ले कार्ड्स की मदद से मछलियों को सही दरवाजे तक पहुंचना था। रिसर्चर्स के अनुसार, उन्होंने डिस्प्ले कार्ड की मदद से मछलियों को मैथ्स समझने की ट्रेनिंग दी। उनके सामने दो दरवाजे बनाए गए।
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अलग-अलग संख्या और आकारों के डिस्प्ले कार्ड्स की मदद से मछलियों को सही दरवाजे तक पहुंचना था उदाहरण के लिए, अगर मछलियों को 3 नीले स्क्वायर कार्ड दिखाए जाएंगे, इसका मतलब वह सही दरवाजा होगा। 4 नीले स्क्वायर कार्ड दिखाए जाने पर उन्हें संख्या में एक जोड़ना होगा, तभी उन्हें रिवॉर्ड मिलेगा। वहीं कार्ड का रंग पीला होने पर उन्हें सही दरवाजे तक पहुंचने के लिए संख्या में से एक घटाना होगा।
रिसर्च में अलग-अलग संख्या और आकारों के डिस्प्ले कार्ड्स की मदद से मछलियों को सही दरवाजे तक पहुंचना था। रिसर्चर्स के अनुसार, उन्होंने डिस्प्ले कार्ड की मदद से मछलियों को मैथ्स समझने की ट्रेनिंग दी। उनके सामने दो दरवाजे बनाए गए।
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अलग-अलग संख्या और आकारों के डिस्प्ले कार्ड्स की मदद से मछलियों को सही दरवाजे तक पहुंचना था उदाहरण के लिए, अगर मछलियों को 3 नीले स्क्वायर कार्ड दिखाए जाएंगे, इसका मतलब वह सही दरवाजा होगा। 4 नीले स्क्वायर कार्ड दिखाए जाने पर उन्हें संख्या में एक जोड़ना होगा, तभी उन्हें रिवॉर्ड मिलेगा। वहीं कार्ड का रंग पीला होने पर उन्हें सही दरवाजे तक पहुंचने के लिए संख्या में से एक घटाना होगा।
ये रहा मछलियों का रिजल्ट
स्टिंग रे मछलियां संख्या जोड़ने में 94% तक कामयाब रहीं, लेकिन संख्या घटाने में केवल 89% तक ही सफल हुईं। रिसर्च में 8 स्टिंग रे और 8 जीब्रा मबूना सिक्लिड्स मछलियों को शामिल किया गया था। जहां मैथ्स के सवाल हल करने में 8 में से 3 स्टिंग रे सफल हुईं, वहीं 8 सिक्लिड्स में से 6 ने गणित के कॉन्सेप्ट को समझा।
स्टिंग रे मछलियां संख्या जोड़ने में 94% तक कामयाब रहीं, लेकिन संख्या घटाने में केवल 89% तक ही सफल हुईं। रिसर्च में 8 स्टिंग रे और 8 जीब्रा मबूना सिक्लिड्स मछलियों को शामिल किया गया था। जहां मैथ्स के सवाल हल करने में 8 में से 3 स्टिंग रे सफल हुईं, वहीं 8 सिक्लिड्स में से 6 ने गणित के कॉन्सेप्ट को समझा।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, स्टिंग रे मछलियां संख्या जोड़ने में 94% तक कामयाब रहीं, लेकिन संख्या घटाने में
केवल 89% तक ही सफल हुईं। उधर सिक्लिड्स की बात करें तो उनके लिए भी संख्या जोड़ने से ज्यादा संख्या घटाना मुश्किल था। हालांकि सिक्लिड्स ने मैथ्स को जल्दी समझ लिया। ये ज्यादातर टास्क्स में कामयाब साबित हुईं।
केवल 89% तक ही सफल हुईं। उधर सिक्लिड्स की बात करें तो उनके लिए भी संख्या जोड़ने से ज्यादा संख्या घटाना मुश्किल था। हालांकि सिक्लिड्स ने मैथ्स को जल्दी समझ लिया। ये ज्यादातर टास्क्स में कामयाब साबित हुईं।
पानी में कार भी चलाती हैं मछलियां
रिसर्चर्स की मानें तो स्टिंग रे और जीब्रा मबूना सिक्लिड्स मछली की शिकारी प्रजातियां नहीं हैं। इन्हें अवसर मिलने पर ही खाना मिल पाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इन जीवों को बाकी जीवों से कम नहीं समझना चाहिए। ऐसे कई और शोधों में भी ये बात सामने आ चुकी है कि मछलियों में कॉग्निटिव स्किल्स होती हैं। कुछ महीनों पहले हुई एक रिसर्च में मछलियों ने पानी में कार चलाना भी सीखा था।
रिसर्चर्स की मानें तो स्टिंग रे और जीब्रा मबूना सिक्लिड्स मछली की शिकारी प्रजातियां नहीं हैं। इन्हें अवसर मिलने पर ही खाना मिल पाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इन जीवों को बाकी जीवों से कम नहीं समझना चाहिए। ऐसे कई और शोधों में भी ये बात सामने आ चुकी है कि मछलियों में कॉग्निटिव स्किल्स होती हैं। कुछ महीनों पहले हुई एक रिसर्च में मछलियों ने पानी में कार चलाना भी सीखा था।
