क्या सचमुच होती हैं जलपरियां, जानिए 10 रहस्य

sea ocean depth
मत्स्य कन्या (Mermaid) : दुनिया की हर संस्कृति और धर्म में मत्स्य कन्याओं या कहें कि जलपरियों के होने के किस्से और कहानियां मिलते हैं। कई लोग ऐसा दावा करते हैं कि उन्होंने मत्स्य कन्याओं को देखा है। आपको यूट्यूब पर इस तरह के दावे के कई वीडियो भी मिल जाएंगे। हालांकि इसमें कितनी सच्चाई है यह कोई नहीं जानता। जलपरी को जिसे अंग्रेजी में मर्मेड कहते हैं, फ्रेंच शब्द मर याने सागर और मेड यानी युवा लड़ीकी। आओ जानते हैं जलपरियों के बारे में 10 रहस्य।

1. भारतीय रामायण के थाई व कम्बोडियाई संस्करणों में रावण की बेटी सुवर्णमछा (सोने की जलपरी) का उल्लेख किया गया है। वह हनुमान का लंका तक सेतु बनाने का प्रयास विफल करने की कोशिश करती है, पर अंततः उनसे प्यार करने लगती है।

2. भारतीय दंतकथाओं में भगवान विष्णु के मत्स्यावतार का उल्लेख है जिसके शरीर का ऊपरी भाग मानव का व निचला भाग मछली का है। इसी तरह चीन, अरब और ग्रीक की लोककथाओं में भी जलपरियों के सैकड़ों किस्से पढ़ने को मिलते हैं।
3. बहुत से लोग मत्स्य कन्या को जलपरी कहते हैं। बहुत से लोग दावा करते हैं कि गुजरात के पोरबंदर के पास मधुपुरा गांव के पास स्थित समुद्री तट पर जलपरी पाई गई। सोशल मीडिया में इसकी तस्वीरें खूब वायरल हुई थीं। इन तस्वीरों में दिखाया गया है‌ कि स्किन कलर की एक पारदर्शी शरीर में जलपरी मरी हुई है। वायरल हुई इन तस्वीरों की पुष्टि किसी ने नहीं की है। कहा जा रहा है कि ऐसी ही जलपरियों की तस्वीर हाल ही में पाकिस्तान में भी देखी गई, हालांकि यह खबर झूठ साबित हुई।
4. कहते हैं कि दुनियाभर के समुद्री यात्रियों और नाविकों ने जलपरियों के देखे जाने के कई दावे किए हैं। अपनी कैरेबियंस की यात्रा के दौरान क्रिस्टोफर कोलंबस ने भी ऐसा ही कुछ देखने का जिक्र किया था। उन्होंने अपने एक लेख में लिखा था कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने मानव मछली की तरह एक जीव को देखा था और वह भी 3 बार। ऐसे ही दो दृश्य वैंकुवर और विक्टोरिया के तटों पर देखे गए। सन् 2009 में दर्जनों लोगों ने इसराइल के एक तट पर जलपरी की तरह ही दिखती एक आकृति को समुद्र में उछलते और कलाबाजियां करते देखा था। सुनामी आने के बाद भी एक तट पर ऐसी ही मृत जलपरी देखे जाने की खूब चर्चा हुई थी।
5. कुछ वर्ष पूर्व ग्रीनलैंड के समुद्र में एक पनडुब्बी में सवार कर्मचारियों ने एक ऐसा वीडियो जारी किया है जिसे जलपरियों के होने का निशान माना जा रहा है। इसी दौरान अचानक एक विचित्र प्राणी ने उनकी पनडुब्बी के शीशे पर हाथ लगाया जिसकी 4 अंगुलियां व 1 अंगूठा था और फिर वो तेजी से दूसरी ओर तैरता हुआ चला गया। 2 मिनट व 17 सेकंड के इस वीडियो के सच या झूठ होने पर अभी तक विशेषज्ञों के बीच बहस चल रही है।

6. कई बार हम सर्कस देखने जाते हैं या किसी मेले ढेले में अपने जलपरी या नागकन्या दिखाई जाती है। दरअसल, वह सब नकली रहती है। मात्र मनोरंजन के लिए।

7. किस्से, कहानियों और कॉमिक्स या कार्टून में हमें जल परियों की कहानियां खूब पड़ने या देखने को मिलती है। कहानियों के अनुसार जलपरियां मधुर धुन में गाना गाकर इंसानों या देवताओं को अपनी ओर आकर्षित करती है जिससे उनका ध्यान भटक जाता है और इस तरह समुद्र में कई इंसानों की जान चली जाती है।
8. कहते हैं कि जलपरियों की सबसे प्राचीन दंतकथा असायरिया में लगभग 1000 ईसा पूर्व पाई गई थी। असायरियन और रानी सेमिरमिस की मां देवी अटार्गेटिस थी, जो एक गडरिये से प्रेम कर बैठी थी। पर ना चाहते हुए भी उसे उसको मारना पड़ा। इस बात से दु:खी होकर उसने एक तलाब में छलांग लगा दी और एक मछली का रूप ले लिया, परंतु कहते हैं कि पानी भी उसकी सुंदरता को छिपा न सका। इस कारण उसने एक जलपरी का रूप धारण कर लिया था। कहते हैं कि महान अलेक्सैंडर की बहन थेसालॉयनिक मरने के बाद एक जलपरी बन गई थी और वह नाविकों से पूछती रहती थी कि क्या महान अलेक्सैंडर जीवित है? यदि कोई कहता कि नहीं जीवित है तो वह नाविक भी जीवित नहीं रह पाता था।
9. वन थाउसंड ऐंड वन नाइट्स में ऐसी कईं कहानियां है जिनमें जलमानवों की कहानियों का जिक्र है। अरेबियन नाइट्स की कहानी 'अबदुल्ला द फ़िशरमैन ऐंड अबदुल्ला द मर्मैन' जलमानव पर ही आधारित है। चीनी की प्राचीन कहानियों में जलपरियां एक खास जीव थी जिनके आंसू मोतियों में बदल जाते थे। इन करणों के चलते मछुआरे उन्हें पकड़ने का प्रयास करते थे परन्तु जलपरियां अपने गानों से उन्हें पानी की गहराइयों में खींच लेती थी।
10. कई बार ऐसी आकृति प्राकृतिक गड़बड़ी से भी बनती है। मरमेड सिंड्रोम नाम की एक बीमारी होती है जिसके चलते किसी नवजात के पैर नीचे से चिपके ही रह जाते हैं। जब गर्भ में विकास के दौरान मां की गर्भनाल दो धमनियां बनाने में असफल हो जाती है, तो बच्चे के पैर अलग नहीं हो पाते हैं और वह चिपके ही रहकर नीचे से मछली का आकार ले लेते हैं।



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