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इंदौर जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित, पानी की बर्बादी पर चालानी कार्रवाई, 2,000 का स्पॉट फाइन, निजी बोरिंग पर रोक

indore water crisis
इंदौर जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 27 अक्टूबर से निजी बोरिंग पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने पूरे जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करते हुए यह आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध आगामी आदेश तक लागू रहेगा।

कम बारिश और भू-जल के अत्यधिक दोहन से पेयजल स्रोतों और नलकूपों का जल स्तर तेजी से गिर रहा है। आने वाले समय में पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रतिबंध के बावजूद नलकूप खनन या बोरिंग का प्रयास करने पर मशीनें जब्त की जाएंगी।

संबंधित राजस्व, पुलिस और नगर निगम अधिकारियों को मशीनें जब्त करने और संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर 2,000 रुपए तक जुर्माना, दो साल तक की कैद या दोनों सजाएं हो सकती हैं।

बता दें कि इस बार इंदौर में बहुत कम बारिश हुई है, जिसके चलते शहर में जल संकट की आशंका जताई जा रही है, उसी के मद्देनजर स्‍थानीय प्रशासन अब जल संरक्षण के लिए तैयारी में जुट गया है।

निजी बोरिंग पर रोक : इंदौर जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 27 अक्टूबर से निजी बोरिंग पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने पूरे जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करते हुए आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध आगामी आदेश तक लागू रहेगा। कम बारिश और भू-जल के अत्यधिक दोहन से पेयजल स्रोतों और नलकूपों का जल स्तर तेजी से गिर रहा है। आने वाले समय में पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रतिबंध के बावजूद नलकूप खनन या बोरिंग का प्रयास करने पर मशीनें जब्त की जाएंगी।

12 जिले हो सकते हैं सूखा प्रभावित घोषित: राज्य सरकार इंदौर सहित 12 जिलों को सूखा प्रभावित घोषित कर सकती है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिमंडल बैठक में इन जिलों के नाम चिह्नित कर लिए गए हैं। इनके लिए केंद्र सरकार से आर्थिक मदद मांगी जाएगी। इन जिलों में इंदौर के अलावा, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, रतलाम, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, उज्जैन, पांडुर्ना, शाजापुर और छिंदवाड़ा भी शामिल हैं।

उल्लंघन करने पर 2,000 तक जुर्माना : संबंधित राजस्व, पुलिस और निगम अधिकारियों को मशीनें जब्त करने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार दिया है। आदेश का उल्लंघन करने पर 2,000 रुपए तक जुर्माना, दो साल तक की कैद या दोनों सजाएं हो सकती हैं। शासकीय योजनाओं के तहत होने वाले नलकूप खनन पर प्रतिबंध लागू नहीं होगा। जरूरत पड़ने पर निजी जलकूपों और अन्य मौजूदा निजी जल स्रोतों का सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था के लिए अधिग्रहण भी किया जा सकेगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निर्देश पर सीएसआई मनीष सिंह और सहायक सीएसआई रवि सिंह ने कार्रवाई की। नगर निगम नागरिकों से पानी की बर्बादी रोकने के लिए अपील कर रही है।
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