Hanuman Chalisa

इंजीनियरिंग छात्रों ने जनक पलटा मगिलिगन से सस्टेनेबिलिटी के गुर सीखे

WD Feature Desk
शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 (10:30 IST)
इंदौर के एक्रोपोलिस के इंजीनियरिंग छात्र शैक्षणिक भ्रमण पर सनावादिया स्थित जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट आए। सेंटर की निदेशिका पद्मश्री डॉ. श्रीमती जनक पलटा मगिलिगन ने उनका स्वागत कर संक्षिप्त परिचय के बाद अपने जैव विविधता फार्म में फूलों फलों और सब्जियों वनस्पतियों और जीवों के पास जाकर दिखाते हुए बताया कि उनके स्वर्गीय पति श्री जिम्मी मगिलिगन ने इस विशेष घर को बनाते समय एक तरफ प्रकृति के पांचो तत्वों मिट्टी, पानी, अग्नि, हवा का विशेष ध्यान रखा।
 
इतनी बड़ी खिड़कियां बनाई कि दिन भर घर में बिजली की जरूरत नहीं है, चारों तरफ पेडो से घिरे होने के कारण, तापमान भी सही रहता है और हवादार भी। इसके बाद प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित कई प्रकार की सरल लेकिन उन्नत और कुशल प्रौद्योगिकियों का लाइव प्रदर्शन भी किया जो प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विविध रूपों पर आधारित है। 
 
डॉ. मगिलिगन के साथ छात्रों ने पहली बार सोलर थर्मल में दुनिया भर में बनाए गए अलग.अलग प्रकार के 10 सोलर कुकर देखें और उन्होंने सोलर कुकिंग, बेकिंग, डीप फ्राइंग के बारे में जानकारी दी। वह हैरान हुए कि सेंटर केवल 2 किलोवाट सोलर, पवन ऊर्जा से आत्मनिर्भर तो है ही, लेकिन पिछले 15 साल से पड़ोस में 50 आदिवासी परिवारों को भी 19 स्ट्रीट लाइट निशुल्क मिल रही है।
 
पद्मश्री से सम्मानित, डॉ. जनक पलटा मगिलिगन से मिलने का सौभाग्य मिला, उनके व्यापक रिसर्च और सस्टेनेबल जीवन शैली के वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों को उनसे सीख स सके। इस दौरे ने छात्रों को यह देखने का एक दुर्लभ अवसर दिया कि पर्यावरणीय सिद्धांतों को घरों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों और समुदायों में जहां भी ज़रूरतहो, प्रभावी ढंग से कैसे लागू किया जा सकता है। उन्होंने उनकी यात्रा सीधे उन्हीं से सुनी, क्योंकि उन्होंने दशकों के रिसर्च, चुनौतियों और ग्रह के प्रति अटूट समर्पण के अनुभवों को साझा किया।
 
इस बातचीत ने छात्रों पर गहरा प्रभाव डाला, जिससे ज़िम्मेदारी, इनोवेशन आधारित सीखने के महत्व को बल मिला। वे देश भर के छात्रों, शोधकर्ताओं और संस्थानों को प्रेरित करती रहती हैं। उनके जीवन का काम यह साबित करता है कि सस्टेनेबिलिटी कोई वैकल्पिक जीवनशैली नहीं है, बल्कि यह एक सचेत विकल्प है जो एक स्वस्थ ग्रह और एक अधिक ज़िम्मेदार समाज को आकार दे सकता है।

एक्रोपोलिस प्रतिनिधिमंडल ने उनके संदेश को आनेवाली पीढ़ियों तक पहुंचाने और जहां भी ज़रूरी हो, सस्टेनेबल तरीकों को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की, यह सुनिश्चित करते हुए कि ज़ीरो-वेस्ट जीवनशैली और पर्यावरणीय प्रबंधन की उनकी विरासत शिक्षा के माध्यम से बढ़ती रहे। 
 
छात्रों की प्रतिक्रिया :
1. पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन का जीवन सेवा पर आधारित है। वह कम ज़रूरतों, ईमानदार काम और जीवन, मन, आत्मा और कर्म को एक ही दिशा में रखने में विश्वास करती हैं। उनकी यात्रा निस्वार्थ सेवा और सामुदायिक विकास के प्रति समर्पण के सालों को दिखाती है, जो शब्दों के बजाय कामों से दूसरों को प्रेरित करती है। उनकी उपलब्धियां इस विश्वास को मज़बूत करती हैं कि सच्ची सफलता समाज की ईमानदारी, करुणा और मकसद के साथ सेवा करने में है, जो प्रतिबद्धता और ईमानदारी के साथ सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करती है।
 
2. पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन से मिलना सच में एक प्रेरणादायक अनुभव था। प्रकृति, पौधों और पेड़ों के बारे में उनका गहरा ज्ञान पर्यावरण के साथ जीवन भर के गहरे जुड़ाव को दिखाता है। उनकी जीवनशैली का सबसे सराहनीय पहलू ज़ीरो-वेस्ट जीवन जीने के प्रति उनकी पूरी प्रतिबद्धता है, जिसमें उनके घर में कोई भी फालतू सामान या प्लास्टिक नहीं है। 
 
उनके शब्द, 'सभी प्राणियों के साथ सद्भावना से रहने से पूरी दुनिया का भला,' का गहरा असर हुआ। आदिवासी इलाकों में 26 साल सेवा करने के बाद जिम्मी मगिलिगन सेंटर में 1,85,430 ज़्यादा लोगों के साथ अपने अनुभव शेयर करने और, उनके विचारों की स्पष्टता, सकारात्मक ऊर्जा और लगातार मुस्कान सच में कमाल की है।

उन्होंने अपनी फिलॉसफी को बहुत खूबसूरती से यह कह कर समझाया, 'शरीर, मन और आत्मा तीनो एक साथ रहेंगे' तभी जीवन सस्टेनेबल होगा। छात्रों ने कहा- 'जिम्मी मगिलिगन सेंटर 'सस्टेनेबल डेवलपमेंट का जीवंत मॉडल है'। 
 
रिपोर्ट- सुश्री दीपल (एक्रोपोलिस फैकल्टी)

photo courtesy: Press release

Show comments

चीन में बाढ़ ने मचाई तबाही, सड़कों पर तैरने लगे सैकड़ों सांप, वीडियो देख चौंक जाएंगे आप

ममता बनर्जी को महाझटका! TMC के 12 और बैंक खाते सील, अब तक 1000 करोड़ रुपए लॉक

मोजतबा ने कसम खाई, 'दुश्मनों' से बदला लेंगे, ट्रंप बोले- ईरान को मिटाने के लिए 1000 मिसाइलें तैयार

क्या कैलाश विजयवर्गीय को पता था, नरोत्तम मिश्रा का दतिया से टिकट कटेगा?

क्या युवाओं का डिग्री से मोहभंग हो गया? पहली बार घटा UG कॉलेजों में एडमिशन; हैरान कर देगी वजह!

सभी देखें

CM यादव मोहन ने लाड़ली बहनों के खातों में ट्रांसफर किए 1835 करोड़, भिंड को दी 322.29 करोड़ की सौगात

मानसून सत्र से पहले सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, इन विधेयकों पर रहेगी नजर, विपक्ष भी कर रहा घेरने की तैयारी

ओमान के पास भारतीयों से भरे जहाज पर हमला, 10 सुरक्षित, 1 अब भी लापता, भारत ने क्या कहा

Kashmir Cloudburst : अनंतनाग में बादल फटने से मची तबाही, घरों में घुसा पानी; फसलें और सेब के बाग बर्बाद

CM Yogi Adityanath : आयुष विश्वविद्यालय में नए छात्रावासों का उद्घाटन, महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की स्मृति में हुआ नामकरण

अगला लेख