इंदौर में गंदे पानी ने ली 8 की जान, 1100 बीमार, 100 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती
1100 से ज्यादा लोगों के बीमार होने के बाद जागे प्रशासन ने राहत और बचाव का कार्य काफी देर से शुरू किया। इसके चलते हालत गंभीर नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में दिनभर एंबुलैंस के सायरन गूंजते रहे। घर घर मरीजों की तलाश की जा रही है। 110 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया जा रहा है कि शौचालय के नीचे पाइपलाइन में लीकेज की वजह से पानी दूषित हुआ। इसी दूषित पानी को पिछले कई दिनों से लोग पी रहे थे। रहवासियों की शिकायत के बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। जांच में भी पुलिस चौकी के पास मेन लाइन के ऊपर शौचालय बना मिला। संभवत: यही से पाइप लाइन में शौचालय का पानी मिला। यह भी कहा जा रहा है कि लाइन का टेंडर जुलाई में ही जारी हो गया था लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं हो सका।
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इन 8 लोगों की मौत : पिछले 6 दिनों में संतोष बिगोलिया, गोमती रावत, उर्मिला यादव, सीमा प्रजापत, उमा कोरी, नंदलाल यादव, मंजुला दिगंबर और तारा रानी की गंदा पानी पीने की वजह से मौत हो गई।
मंत्री के क्षेत्र में घटना से लोग नाराज : वरिष्ठ भाजपा नेता और मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के क्षेत्र में हुई इस घटना से शहर के लोग बेहद नाराज है। हर दूसरे घर से कोई ना कोई अस्पताल पहुंचा है। लोगों का कहना है कि लापरवाही के लिए निगमायुक्त दिलीप यादव, अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी जिम्मेदार हैं।
एक्शन में सीएम : मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से नागरिकों के संक्रमित होने की घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए संबंधित जोनल अधिकारी जोन क्रमांक 4, सहायक यंत्री एवं प्रभारी सहायक यंत्री PHE को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। प्रभारी उपयंत्री PHE को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक किया गया है। घटना की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की जांच समिति गठित की गई है। लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में कहा, इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना बेहद दुखद है। मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपचाररत प्रभावितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। मृतकों के परिवारजनों को 2-2 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। मरीजों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। स्थिति पर नजर रखने और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
edited by : Nrapendra Gupta