पहले नगर निगम की लापरवाही, अब स्वास्थ्य विभाग कर रहा मौत के आंकड़ों में हेराफेरी, मामला दूषित पानी से डायरिया फैलने का
इंदौर की भागीरपुरा बस्ती में बीते तीन दिन में चार मौतें हो चुकी हैं। मृतकों में तीन महिलाएं शामिल हैं। लोगों में आक्रोश है कि चार लोग अपनी जान गवां चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इनकार कर रहा है। लोगों ने बताया कि नंदलाल पाल और उमा कोरी की मौत मंगलवार को हो चुकी है।
दोनों भागीरथपुरा के निवासी थे। उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद वर्मा नर्सिंग होम व अरविंदो अस्पताल में भर्ती हुए थे। इसके अलावा उर्मिला यादव और सीमा प्रजापति की मौत रविवार को हुई। उर्मिला के बेटे संजय ने बताया कि उनकी मां को दस्त लगे थे। दवाई देने के बाद भी वे ठीक नहीं हो रही थीं। यानी पहले नगर निगम ने लोगों को दूषित पानी पिलाया और अब स्वास्थ्य विभाग मौत के आंकडों को कम बताकर उनमें हेराफेरी कर रहा है।
दहशत के साथ बढ़ा आक्रोश : भागीरथपुरा के लोगों में डायरिया को लेकर दहशत है, लेकिन इसके साथ ही आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। हालांकि हर सड़क पर घर-घर जांच की जा रही है। घरों से मिले कई मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया। डायरिया की बढ़ती दहशत के साथ लोगों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। लोग अपने बीमार परिजनों को लेकर नेताओं के पास पहुंच गए। लोग इसे प्रशासन की लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं।
नगर निगम की लापरवाही से हादसा : बता दें कि निगम की लापरवाही का नतीजा आज इंदौर के कई परिवार भुगत रहे हैं। दूषित पानी पीने के बाद 500 से अधिक लोग बीमार हो गए हैं। उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एक बुजुर्ग और दो महिलाओं की मौत की खबर आ रही है। इसके अलावा एक अन्य शख्स की मौत के साथ आंकडा 4 लोगों की मौत का बताया जा रहा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग मौत की पुष्टि नहीं कर रहा हे। डॉक्टरों और नर्मदा विभाग के अफसरों की टीमें भागीरथपुरा में तैनात की गई है। इसके साथ ही अब निगम प्रशासन भागीरथ पुरा में टेंकरों से साफ पानी सप्लाय कर रहा है।
कई लोग अस्पताल में भर्ती : वर्मा हॉस्पिटल में ही मंगलवार को 5 नए मरीजों को भर्ती कराया गया है। जबकि दो को डिस्चार्ज किया गया है। अभी यहां 20 मरीज भर्ती हैं। मरीजों के आने का सिलसिला भी जारी है। अन्य को त्रिवेणी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है। भागीरथपुरा में करीब एक हफ्ते में डेढ़ सौ लोगों ने उल्टी और लूज मोशन की शिकायत की है।
क्या कहा नर्मदा के अफसर : नर्मदा विभाग के अफसरों का कहना है कि पानी की जांच की गई है। प्रारंभिक तौर पर पानी दूषित नहीं पाया गया। बस्ती में डायरिया किस वजह से फैला। इसकी जांच के लिए पानी के सैंपल लिए गए हैं। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि पांच दिन से बस्ती के लोग आ रहे हैं। पतले दस्त और उल्टी ज्यादा होने से शरीर में कमजोरी आ गई है। रोज पांच-सात मरीज आ रहे हैं। सभी में डायरिया के लक्षण पाए गए
Edited By: Navin Rangiyal