सम्बंधित जानकारी
- इंदौर में जलभराव ने यादगार बना दिया शादी का लम्हा, दुल्हन को गोदी में उठाकर मंडप तक गया दूल्हा, वीडियो हुआ वायरल
- साहित्य, संगीत और अध्यात्म की नगरी देवास क्या बन रहा है आतंकियों की पनाहगाह?
- इंदौर में पब पर सख्ती हुई तो फ्लैट्स और फार्म हाउस बने 'सीक्रेट पार्टी ज़ोन', सोशल मीडिया से तय हो रही एंट्री
- दौसा बस हादसे में मारे गए यात्रियों के शव पहुंचे इंदौर, न राजस्थान और न ही मध्यप्रदेश सरकार ने दिया मुआवजा
- इंदौर-उज्जैन में ई रिक्शा पर 'हाईटेक अटैक', ऐप और ब्लूटूथ से बंद कर रहे ई-रिक्शा, अनलॉक या मदद के बदले हो रही वसूली
नैनीताल में होटल की खिड़की से गिरे झाबुआ के 3 साल बच्चे की मौत
झाबुआ के सराफा कारोबारी के 3 वर्षीय बेटे की नैनीताल में होटल की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे में उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई थी। नैनीताल, हल्द्वानी और दिल्ली में इलाज के बावजूद डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
इंदौर से नैनीताल अपने परिवार के साथ घूमने गए झाबुआ के सराफा कारोबारी के बच्चे की उपचार के दौरान मौत हो गई। वह होटल की खिड़की से गिर गया था। 20 फीट ऊंचाई से गिरने के कारण उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई थी। उसका दो अस्पतालों में इलाज चला। गंभीर चोट और सांस लेने में आ रही तकलीफ के कारण रविवार रात उसकी मौत हो गई। अब उसके शव को इंदौर से झाबुआ ले जाया जाएगा।
1 जुलाई को नैतीताल गए थे : बता दें कि झाबुआ के राणापुर के सराफा कारोबारी विशाल सोनी इंदौर से ट्रेन से नैनीताल के लिए 1 जुलाई को रवाना हुए थे। उनके साथ 22 सदस्य थे। उन्होंने नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में एक होटल लिया था। होटल की खिड़की की फर्श से ऊंचाई कम थी। तीन साल का गौरांश खेलते-खेलते खिड़की के पास गया और तीसरी मंजिल से गिर पड़ा। गौरांश के गिरते ही होटल के कर्मचारी दौड़े और उसे उठाया। वह सिर के बल गिरा था और उसकी गर्दन एक तरफ लटक गई थी। परिजन उसे लेकर नैनीताल के निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे हल्द्वानी के अस्पताल में रेफर कर दिया। वहां उसका इलाज चला, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने पर उसे इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया गया।
इंदौर से नैनीताल अपने परिवार के साथ घूमने गए झाबुआ के सराफा कारोबारी के बच्चे की उपचार के दौरान मौत हो गई। वह होटल की खिड़की से गिर गया था। 20 फीट ऊंचाई से गिरने के कारण उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई थी। उसका दो अस्पतालों में इलाज चला। गंभीर चोट और सांस लेने में आ रही तकलीफ के कारण रविवार रात उसकी मौत हो गई। अब उसके शव को इंदौर से झाबुआ ले जाया जाएगा।
1 जुलाई को नैतीताल गए थे : बता दें कि झाबुआ के राणापुर के सराफा कारोबारी विशाल सोनी इंदौर से ट्रेन से नैनीताल के लिए 1 जुलाई को रवाना हुए थे। उनके साथ 22 सदस्य थे। उन्होंने नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में एक होटल लिया था। होटल की खिड़की की फर्श से ऊंचाई कम थी। तीन साल का गौरांश खेलते-खेलते खिड़की के पास गया और तीसरी मंजिल से गिर पड़ा। गौरांश के गिरते ही होटल के कर्मचारी दौड़े और उसे उठाया। वह सिर के बल गिरा था और उसकी गर्दन एक तरफ लटक गई थी। परिजन उसे लेकर नैनीताल के निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे हल्द्वानी के अस्पताल में रेफर कर दिया। वहां उसका इलाज चला, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने पर उसे इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया गया।
