CJP के प्रोटेस्ट में घुसे थे हत्या, लूट और रेप के आरोपी, 989 क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले शातिर, 480 पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल जांच के घेरे में
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा दावा किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान मौजूद 2,873 ऐसे लोगों की पहचान की गई है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। जांच में सामने आया कि 989 लोगों का पुराना गंभीर और जघन्य आपराधिक इतिहास रहा है। इनमें हत्या, लूट, दुष्कर्म, अपहरण, अवैध हथियार और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों के आरोपी शामिल बताए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) कैमरों की मदद से इन लोगों की पहचान की गई। पुलिस का आरोप है कि इनमें से कई लोग 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान हिंसा प्रभावित इलाकों में मौजूद थे।
हिंसा प्रभावित इलाकों में मिली मौजूदगी
दिल्ली पुलिस के अनुसार, पहचाने गए अधिकांश लोग उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, चांद बाग और सीलमपुर के रहने वाले हैं। इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जामिया नगर, शाहीन बाग और ओखला सहित मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों से भी लोगों की पहचान की गई है।
CCTV फुटेज जारी, पुलिस ने लगाए गंभीर आरोप
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा का कथित सीसीटीवी फुटेज भी जारी किया है। पुलिस का दावा है कि फुटेज में प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड तोड़ते, सुरक्षाकर्मियों पर पथराव करते, पेपर स्प्रे का इस्तेमाल करते, वाहनों को पलटते और पुलिस की संपत्ति में तोड़फोड़ करते हुए देखा जा सकता है।
सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के लिए नोटिस
दिल्ली पुलिस ने हालिया CJP प्रदर्शन के दौरान और उसके बाद सोशल मीडिया पर साझा किए गए कथित आपत्तिजनक और गैरकानूनी कंटेंट के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, पुलिस ने कई सोशल मीडिया अकाउंट्स को नोटिस जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कथित अपमानजनक या गैरकानूनी पोस्ट हटाने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर साझा किए गए पोस्ट, वीडियो और टिप्पणियों की लगातार समीक्षा की जा रही है ताकि कानून के उल्लंघन और सार्वजनिक व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का आकलन किया जा सके।
480 पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल जांच के दायरे में
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि जांच के दौरान 480 से अधिक ऐसे सोशल मीडिया हैंडल की पहचान की गई है, जिनका संबंध कथित तौर पर पाकिस्तान से है। इन हैंडल्स पर प्रदर्शन से जुड़े फर्जी नैरेटिव, अफवाहें और डीपफेक वीडियो फैलाने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि ये वही अकाउंट्स हैं जो पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी सक्रिय थे। जांच एजेंसियां इन हैंडल्स के आईपी एड्रेस की भी जांच कर रही हैं।
पुलिस ने कहा कि विशेष टीमें उन सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान कर रही हैं, जिन्होंने फर्जी, डीपफेक, भ्रामक या कानून का उल्लंघन करने वाला कंटेंट पोस्ट किया है। ऐसे सभी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

