CJP के आंदोलन की चेतावनी के बीच दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, पार्टी का आरोप- राज्यों में जारी है गिरफ्तारियां, कानूनी सहायता के लिए बनाया फंड
कॉकरोच जनता पार्टी (cjp) ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं लेने और विभिन्न राज्यों में कथित पुलिस कार्रवाई जारी रहने का आरोप लगाते हुए दोबारा बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। इस बीच, किसी भी संभावित विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली और मध्य दिल्ली जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
कॉजपा के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन समाप्त होने के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं करने का जो आश्वासन दिया गया था, उसका उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली समेत कई राज्यों में छात्रों की निगरानी की जा रही है और उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की मदद करने वाले स्वयंसेवकों को भी हिरासत में लिया जा रहा है।
'सरकार छात्रों को निशाना बना रही है'
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कॉजपा के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन को पहले से आशंका थी कि आंदोलन स्थगित होने के बाद सरकार छात्रों को एक-एक कर निशाना बनाएगी। उन्होंने कहा, "प्रदर्शन समाप्त होने से पहले और बाद में हमारी वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से लगातार बातचीत हुई थी। हमें पहले से अंदेशा था कि आंदोलन की गति कम होने के बाद सरकार छात्रों पर कार्रवाई शुरू करेगी और वही अब हो रहा है।"
VIDEO | Delhi: CJP spokesperson Ashutosh Ranka says, "Reports coming in over the past two days from Bihar, West Bengal, parts of Assam, and Delhi indicate that protesters are being detained, arrested, and charged under serious legal provisions. We want to state very clearly to… pic.twitter.com/QImQ2AdS2i
— Press Trust of India (@PTI_News) July 27, 2026
असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में कार्रवाई का आरोप
कॉजपा की सदस्य रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि कई राज्यों में पुलिस कार्रवाई तेज कर दी गई है। उनके अनुसार, असम में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 7 से 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं। वहीं कोलकाता में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 10 मुस्लिम बताए गए हैं और उन पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार में 86 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
कॉजपा ने कहा कि जिन छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है, संगठन उनके साथ खड़ा है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
'साक्षी' पोर्टल लॉन्च, कानूनी मदद का ऐलान
संगठन ने प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए 'साक्षी' नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू करने की घोषणा की है। इस पोर्टल पर प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई से जुड़े वीडियो और तस्वीरें अपलोड कर सकेंगे, ताकि उनके मामलों का रिकॉर्ड रखा जा सके। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने भी प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वे कानूनी सहायता मंच तैयार करने के लिए 1 करोड़ रुपये का योगदान देंगे।
कपिल सिब्बल ने कहा, "हम नहीं चाहते कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई हो। हम ऐसा प्लेटफॉर्म बनाएंगे, जहां प्रदर्शनकारी सीधे वकीलों से संपर्क कर सकें। मैं देशभर के वकीलों से अपील करता हूं कि वे इन प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े हों।"
2,873 लोगों की जांच, कई लोगों पर मिला पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास मौजूद 2,873 लोगों की जांच की गई जिनमें से 980 से अधिक लोगों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड मिला। वे हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, बलात्कार, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध, अवैध हथियार और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में कथित रूप से शामिल पाए गए। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
पीटीआई के अनुसार पुलिस विश्लेषण से पता चला है कि कम से कम 101 लोग पहले हत्या के मामलों में, 62 हत्या के प्रयास के मामलों में, 284 लूट और डकैती के मामलों में, 229 शस्त्र कानून के मामलों में, 135 झपटमारी के मामलों में, 19 अपहरण के मामलों में और 67 मामले मादक पदार्थ से जुड़े अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमों में शामिल रहे हैं।

