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क्या विपक्ष के नेता पद से बर्खास्त होंगे राहुल गांधी, निशिकांत दुबे ने उठाए सवाल

BJP MP nishikant dubey attacks rahul gandhi
Nishikant Dubey Attacks Rahul Gandhi : भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के विदेश दौरों पर सवाल उठाते हुए उन्हें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पद से बर्खास्त करने की मांग की है। ALSO READ: बिहार छात्र आंदोलन पर AK-47 से फायरिंग करने वाला सिपाही सस्पेंड, भाजपा सांसद संबित पात्रा घिरे
 
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि राहुल गांधी और विदेशी ताकतों के संबंधों की जांच होनी चाहिए। विपक्ष के नेता से उनका तत्काल बर्खास्तगी होना चाहिए।
 
दुबे का कहना है, 'राहुल गांधी की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। 2004 से 2026 तक, उनकी किसी भी विदेश यात्रा के बारे में कोई नहीं जानता। राहुल गांधी ने अब तक जितनी भी विदेश यात्राएं की हैं, उन सभी में उन्होंने सरकार और संविधान के खिलाफ बात की है। हम कोशिश करेंगे।'
 
उन्होंने कहा कि सोचता हूं कि 2004 से 2026 तक राहुल गांधी जी की विदेश यात्रा, विदेश यात्रा में टुकड़े टुकड़े गैंग के साथ लगातार मुलाकात, चीन के साथ 2008 का गुप्त समझौता तथा संविधान विरोधी देश के अंदर और बाहर बयान के लिए विपक्ष के नेता से इस्तीफा और काँग्रेस पार्टी से निकलने का प्रस्ताव पेश करें? जिम्मेदारी तो तय होनी ही चाहिए। ALSO READ: विदेशी मीडिया ने CJP की जीत पर क्या कहा, पाकिस्तान से लेकर मिडिल-ईस्ट और अमेरिका में सुर्खियों में 'कॉकरोच'

27 जुलाई 2007 को क्या हुआ था

निशिकांत दुबे ने एक्स पर एक अन्य पोस्ट में कहा कि 27 जुलाई 2007 को सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मनमोहन सिंह ने अमेरिका के आगे सरेंडर कर दिया। आज ही के दिन 123 न्यूक्लियर एग्रीमेंट तथा हाइड एक्ट भारत ने अमेरिका के साथ साइन किया। इस एक्ट के तहत हमने परमाणु हथियारों की सारी जिम्मेदारी अमेरिका को सौंप दी। हम परमाणु बम नहीं बना सकते, हमें यदि परमाणु बिजली केंद्र बनाना है तो उसकी जानकारी अमेरिका को पहले देनी होगी। ALSO READ: जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP का पार्टी वीडियो वायरल, फंडिंग पर उठे सवाल; क्या बोले तवलीन सिंह और सौरव दास?
दुबे ने दावा किया कि इस कानून को पारित कराने के लिए सोनिया गांधी जी ने खुद मोर्चा संभाला। सरकार को समर्थन दे रही कम्युनिस्ट पार्टी को बेइज्जती से बाहर किया गया। कम्युनिस्ट पार्टी के तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को पार्टी से निकाला गया। 2008 में अमेरिका समर्थित पैसे से सांसद खरीदे गए, समाजवादी पार्टी की भूमिका पर सवाल खड़े हुए, समाजवादी पार्टी के तत्कालीन सांसद अमर सिंह जी को पैसे लेन देन के आरोप में जेल भेजा गया। भाजपा के सांसद अडवाणी के नेतृत्व में कांग्रेसी बिचौलियों के दिए पैसे के साथ संसद पहुंचे। एक पत्रकार जिसने यह सब स्टिंग ऑपरेशन किया वह कांग्रेस के हाथ बिक गया। लोकतंत्र पैसे, दलाली, दबाव व भ्रष्टाचार से तार तार हो गया। 
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