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साहित्य, संगीत और अध्यात्म की नगरी देवास क्या बन रहा है आतंकियों की पनाहगाह?
ATS की गिरफ्त में आए संदिग्ध आरोपी की वजह से एक बार फिर चर्चा में देवास
मशहूर संगीत साधक कुमार गंधर्व की सुर-साधना, मां चामुंडा और तुलजा भवानी की पावन टेकरी, शीलनाथ महाराज की आध्यात्मिक आभा और समृद्ध साहित्यिक विरासत समेटे मध्य प्रदेश का 'देवास' जिला हमेशा से अपनी शांति और गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता रहा है। कई लेखक, साहित्यकार और पेंटर्स ने अपनी उपलब्धियों से देवास के कद को ऊंचाई तक ले जाने का काम किया है। लेकिन बीते कुछ दशकों में इसी शांत धरा पर कुछ ऐसी परतें खुलीं, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरत में डाल दिया।
सुरक्षा और खुफिया रिपोर्टों के तथ्यों पर गौर करें, तो सिमी (SIMI) जैसे प्रतिबंधित संगठनों के नेटवर्क और कई कुख्यात संदिग्धों (जैसे भोपाल जेल एनकाउंटर से जुड़े मामले और मालवा क्षेत्र के स्लीपर सेल्स) की कड़ियां कहीं न कहीं देवास और उसके आसपास के इलाकों से जुड़ती नजर आईं। देवास की भौगोलिक स्थिति—इंदौर जैसे बड़े व्यावसायिक हब और उज्जैन जैसे धार्मिक केंद्र के बेहद नजदीक होना, साथ ही छोटे कस्बों में घनी और मिश्रित आबादी के बीच आसानी से छिप जाने की सहूलियत—इसे बाहरी और संदिग्ध तत्वों के लिए एक सुरक्षित 'स्लीपर हाइडआउट' (पनाहगाह) बनाने की बड़ी वजह रही। जब-जब आतंकवाद के तार मालवा अंचल से जुड़े, तब-तब देवास का नाम जांच के रडार पर आया, जिससे यह सवाल लाजिमी हो जाता है कि कला और अध्यात्म की यह पावन नगरी आखिर कैसे और क्यों सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक संवेदनशील हॉटस्पॉट बन गई?
ATS की गिरफ्त में आठ संदिग्ध : मध्य प्रदेश और गुजरात में कई जगहों पर एक साथ चलाए गए बड़े एंटी-टेरर ऑपरेशन में गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखने के शक में आठ लोगों को गिरफ़्तार किया है। 8 संदिग्धों में से एक को देवास से गिरफ़्तार किया गया। उसकी पहचान बिलाल दुर्रानी के तौर पर हुई है। जिसे मोहम्मद अम्मार घाघा, अबू दुजाना और अबू सुफियान के नाम से भी जाना जाता है। वह देवास के वारसी नगर इलाके का रहने वाला है।
संदिग्ध सामग्री शेयर करने का आरोप : जांच एजेंसियों का दावा है कि ये संदिग्ध गुजरात में संगठन का नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहे थे। फ़िलहाल, सभी आरोपियों से कड़ी पूछताछ चल रही है। गुजरात ATS ने देवास में एक युवक को आतंकी संगठन से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर सोशल मीडिया पर संगठन से जुड़ी संदिग्ध और संवेदनशील सामग्री शेयर करने का आरोप है।
पाकिस्तानी मेहमानों का आना- जाना : जानकारी के मुताबिक देवास में पाकिस्तानी मेहमानों का भी लगातार आना-जाना लगा रहता है। एक जानकारी है कि देवास के कुछ मुस्लिम परिवारों की रिश्तेदारी पाकिस्तान में हुई हैं। इस तरह की रिश्तेदारी में पाकिस्तान से रिश्तेदारों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में पुलिस इन गतिविधियों पर भी ध्यान रखती है।
ऑपरेशन सिंदूर में की थी वापसी की कार्रवाई : सूत्रों के मुताबिक कुछ ही महीनों पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी माहौल को देखते हुए कुछ पाकिस्तानियों को पुलिस और प्रशासन ने पाकिस्तान रवाना करने की कार्रवाई की थी। यह लोग बतौर मेहमान यहां रह रहे थे, हालांकि वे वीजा पर थे, लेकिन उन दिनों संवेदनशील माहौल को देखते हुए ऐसे पाकिस्तानी रिश्तेदारों को वापस भेजने की कार्रवाई की गई थी।
मक्सी- शाजापुर के बीच देवास : बता दें कि देवास के ठीक करीब मक्सी और शाजापुर जैसे छोटे शहर स्थित है। वहीं कुछ दूरी पर उन्हेंल भी है। बता दें कि उन्हेंल समेत मक्सी और शाजापुर सिमी के सदस्यों के केंद्र रहे हैं। इन शहरों में पहले कई बार आतंकी गतिविधियां रिकॉर्ड की जा चुकी हैं।
इन संदिग्ध इलाकों पर पुलिस की नजर : बता दें कि देवास का आंनद नगर और वारसी नगर, नाहर दरवाजा आदि देवास के संवेदनशील इलाके रहे हैं, यहां पहले भी संदिग्ध गतिविधियां सामने आती रही हैं। हाल ही में एटीएस ने जैश ए मोहम्मद के एक संदिग्ध आतंकी बिलाल दुर्रानी घाघा को गिरफ्तार किया है, वो वारसी नगर का ही रहने वाला है। शंका है कि संदिग्ध आतंकी गुजरात में जैश ए मोहम्मद का आतंकी नेटवर्क खड़ा करने के लिए यह स्लीपर सेल की तैयारी कर रहे थे।
क्या कहा देवास एसपी ने : देवास के एसपी पुनीत गेहलोद ने वेबदुनिया को बताया कि जो संदिग्ध गुजरात एटीएस ने पकडा है, उसकी गिरफ्तारी में देवास पुलिस ने ही मदद की है। यह संदिग्ध हालांकि गुजरात का ही रहने वाला है। इस पर आरोप है कि सोशल मीडिया पर संगठन से जुड़ी संदिग्ध और संवेदनशील सामग्री शेयर करने की गई थी। कुछ सामग्री का गुजराती से हिंदी और हिंदी से गुजराती में अनुवाद करने की बात भी सामने आई है। एसपी गेहलोद ने बताया कि जहां तक देवास में संदिग्ध गतिविधियों का सवाल है तो देवास पुलिस लगातार मॉनिटरिंग करती है और समय- समय किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर नजर भी रखती है।
सुरक्षा और खुफिया रिपोर्टों के तथ्यों पर गौर करें, तो सिमी (SIMI) जैसे प्रतिबंधित संगठनों के नेटवर्क और कई कुख्यात संदिग्धों (जैसे भोपाल जेल एनकाउंटर से जुड़े मामले और मालवा क्षेत्र के स्लीपर सेल्स) की कड़ियां कहीं न कहीं देवास और उसके आसपास के इलाकों से जुड़ती नजर आईं। देवास की भौगोलिक स्थिति—इंदौर जैसे बड़े व्यावसायिक हब और उज्जैन जैसे धार्मिक केंद्र के बेहद नजदीक होना, साथ ही छोटे कस्बों में घनी और मिश्रित आबादी के बीच आसानी से छिप जाने की सहूलियत—इसे बाहरी और संदिग्ध तत्वों के लिए एक सुरक्षित 'स्लीपर हाइडआउट' (पनाहगाह) बनाने की बड़ी वजह रही। जब-जब आतंकवाद के तार मालवा अंचल से जुड़े, तब-तब देवास का नाम जांच के रडार पर आया, जिससे यह सवाल लाजिमी हो जाता है कि कला और अध्यात्म की यह पावन नगरी आखिर कैसे और क्यों सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक संवेदनशील हॉटस्पॉट बन गई?
ATS की गिरफ्त में आठ संदिग्ध : मध्य प्रदेश और गुजरात में कई जगहों पर एक साथ चलाए गए बड़े एंटी-टेरर ऑपरेशन में गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखने के शक में आठ लोगों को गिरफ़्तार किया है। 8 संदिग्धों में से एक को देवास से गिरफ़्तार किया गया। उसकी पहचान बिलाल दुर्रानी के तौर पर हुई है। जिसे मोहम्मद अम्मार घाघा, अबू दुजाना और अबू सुफियान के नाम से भी जाना जाता है। वह देवास के वारसी नगर इलाके का रहने वाला है।
पाकिस्तानी मेहमानों का आना- जाना : जानकारी के मुताबिक देवास में पाकिस्तानी मेहमानों का भी लगातार आना-जाना लगा रहता है। एक जानकारी है कि देवास के कुछ मुस्लिम परिवारों की रिश्तेदारी पाकिस्तान में हुई हैं। इस तरह की रिश्तेदारी में पाकिस्तान से रिश्तेदारों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में पुलिस इन गतिविधियों पर भी ध्यान रखती है।
ऑपरेशन सिंदूर में की थी वापसी की कार्रवाई : सूत्रों के मुताबिक कुछ ही महीनों पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी माहौल को देखते हुए कुछ पाकिस्तानियों को पुलिस और प्रशासन ने पाकिस्तान रवाना करने की कार्रवाई की थी। यह लोग बतौर मेहमान यहां रह रहे थे, हालांकि वे वीजा पर थे, लेकिन उन दिनों संवेदनशील माहौल को देखते हुए ऐसे पाकिस्तानी रिश्तेदारों को वापस भेजने की कार्रवाई की गई थी।
मक्सी- शाजापुर के बीच देवास : बता दें कि देवास के ठीक करीब मक्सी और शाजापुर जैसे छोटे शहर स्थित है। वहीं कुछ दूरी पर उन्हेंल भी है। बता दें कि उन्हेंल समेत मक्सी और शाजापुर सिमी के सदस्यों के केंद्र रहे हैं। इन शहरों में पहले कई बार आतंकी गतिविधियां रिकॉर्ड की जा चुकी हैं।
इन संदिग्ध इलाकों पर पुलिस की नजर : बता दें कि देवास का आंनद नगर और वारसी नगर, नाहर दरवाजा आदि देवास के संवेदनशील इलाके रहे हैं, यहां पहले भी संदिग्ध गतिविधियां सामने आती रही हैं। हाल ही में एटीएस ने जैश ए मोहम्मद के एक संदिग्ध आतंकी बिलाल दुर्रानी घाघा को गिरफ्तार किया है, वो वारसी नगर का ही रहने वाला है। शंका है कि संदिग्ध आतंकी गुजरात में जैश ए मोहम्मद का आतंकी नेटवर्क खड़ा करने के लिए यह स्लीपर सेल की तैयारी कर रहे थे।
