सांता क्लॉज हाउस
सपनों को सच करती दुनिया
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| इस घर को निहारना बच्चों के लिए एक अनोखे ख्वाब के सच होने के समान है। इस ख्वाबगाह की नींव आज से लगभग 55 साल पहले निक कोन और नैली मिलर ने रखी थी। आँखों में भविष्य से जुड़े सुनहरे सपने, साथ में दो भूखे बच्चे और हाथ में केवल 1 डॉलर 40 सैंस लिए ये पति-पत्नी काम की तलाश में 1949 को फेयरबैंक से अलास्का आए थे। एक ऐसी जगह जीवन की नई शुरुआत करना जो शेष विश्व से कटा हो, बेहद कठिन था। लेकिन कोन ने जल्द ही आस-पास के गाँवों में फर खरीदने-बेचने का व्यापार शुरू कर दिया। इसी बीच कोन के पास एक पुराना सांतासूट बिकने के लिए आया। कोन ने सूट बेचने की जगह क्रिसमस के दिन पहन लिया और जल्द ही वह बच्चों के बीच सांता क्लॉज के नाम से प्रसिद्ध हो गया। इस तरह संत निक को नार्थ पोल में पहली बार ख्याति मिल ही गई।
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