सांता क्लॉज हाउस
सपनों को सच करती दुनिया
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एक ऐसी जगह जीवन की नई शुरुआत करना जो शेष विश्व से कटा हो, बेहद कठिन था। लेकिन कोन ने जल्द ही आस-पास के गाँवों में फर खरीदने-बेचने का व्यापार शुरू कर दिया। इसी बीच कोन के पास एक पुराना सांतासूट बिकने के लिए आया। कोन ने सूट बेचने की जगह क्रिसमस के दिन पहन लिया और जल्द ही वह बच्चों के बीच सांता क्लॉज के नाम से प्रसिद्ध हो गया। इस तरह संत निक को नार्थ पोल में पहली बार ख्याति मिल ही गई।
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वह अपनी दुकान में काम कर रहा था कि अलास्का निवासी एक ग्रामीण बच्चे ने उसे पहचानकर पूछा “हलो, सांता क्लॉज, क्या आप नया घर बना रहे हैं।” बस फिर क्या था कोन के दिमाग में एकाएक विचार कौंधा कि क्यों न सांता क्लॉज हाउस बनाया जाए। फिर जो हुआ वो आज हम सभी के सामने है। 1952 में सांता क्लॉज के नाम से किया गया अभिनव प्रयोग आज पूरे विश्व में प्रसिद्धी पा चुका है। सांता को चाहने वाले बच्चों को हर क्रिसमस पर इंतजार रहता है एक चिट्ठी का, जिसे खास तौर पर उनके लिए सांता क्लॉज हाउस से भेजी जाती है।
यदि आप भी उन हजारों लोगों में से एक हैं, जो हर साल सांता क्लॉस हाउस का दीदार करने नार्थ पोल आते हैं तो आप जान सकते हैं कि मिलर फैमली ने इस सांता क्लॉज को जीवंत करने के लिए कितने अभिनव प्रयास किए हैं।
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उनकी पत्नी नैली मिलर भी लंबे समय तक मैरिज कमिशनर के पद पर कार्यरत रहीं। सांता क्लॉज हाउस के अलावा उन्होंने हजारों जोड़ियों की शादी भी करवाई। कोन और नेली के मरने के बाद उनके दोनों बेटो मिक मिलर औऱ स्वर्गवासी टैरी मिलर ने पूरी योग्यता के साथ सांता क्लॉज हाउस का काम आगे बढ़ाया। इस तरह मिलर दंपति ने अपने प्यारे से सपने को सच किया जो हमारे सामने सांता क्लॉज हाउस के रूप में विद्यमान है।

