श्रमिक, किसान, युवा, महिलाएं देश की शक्ति, राष्ट्र निर्माण में करें योगदान

पुनः संशोधित शनिवार, 15 अगस्त 2020 (10:09 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले के प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं, श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के जीवन को सुगम बनाने के लिए सरकार ने क्रांतिकारी कदम उठाए हैं, जिससे वे अपनी पूरी क्षमताओं के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान कर सकें।
मोदी ने यहां 74वें स्वाधीनता दिवस के मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यमवर्ग को यदि अवसर दिए जाएं तो वह पूरी संभावनाओं और क्षमताओं के साथ काम करता है और आश्चर्यजनक परिणाम देता है। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान श्रमिकों, किसानों, महिलाओं और युवाओं की कार्यक्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संकट के समय ने यह सिद्ध कर दिया कि प्रत्येक भारतीय राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन सुगम बनाने के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। इससे लोगों को स्थानीय स्तर पर वे सभी सुविधाएं मिल सकेंगी, जिनके लिए शहर आते हैं। गांव में रोजगार के अवसर होंगे और युवाओं को अपनी क्षमता का विकास करने का पूरा अवसर मिलेगा।

डिजिटल भारत अभियान : प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2014 से पहले देश की सिर्फ पांच दर्जन पंचायतें ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ी थीं। बीते पांच साल में देश में डेढ़ लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले 1000 दिन में देश के हर गांव को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जाएगा।
मोदी ने कहा कि कोरोना के समय में देख लिया गया है कि डिजिटल भारत अभियान की क्या भूमिका रही है। अभी पिछले महीने ही करीब-करीब तीन लाख करोड़ रुपए का लेन-देन अकेले भीम यूपीआई ऐप से हुआ है।

घर का सपना : उन्होंने कहा कि एक आम भारतीय की शक्ति और उसकी ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत अभियान का बहुत बड़ा आधार है। इस ताकत को बनाए रखने के लिए हर स्तर पर, निरंतर काम हो रहा है। यह पहली बार हुआ है जब अपने घर के लिए आवास ऋण की किस्त पर भुगतान अवधि के दौरान छह लाख रुपए तक की छूट मिल रही है। अभी पिछले वर्ष ही हजारों अधूरे घरों को पूरा करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपए के कोष की स्थापना हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मध्यम वर्ग से निकले प्रोफेशनल्स भारत ही नहीं पूरी दुनिया में अपनी धाक जमाते हैं। मध्यम वर्ग को अवसर चाहिए, मध्यम वर्ग को सरकारी दखलअंदाजी से मुक्ति चाहिए।

एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड : खेती और किसानी से संबंधित कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि देश के किसानों को आधुनिक बुनियादी ढांचा देने के लिए कुछ दिन पहले ही एक लाख करोड़ रुपए का ‘एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड' बनाया गया है। आत्मनिर्भर भारत की एक अहम प्राथमिकता आत्मनिर्भर कृषि और आत्मनिर्भर किसान है।
जीवन सुगमता पर जोर देते हुए मोदी ने कहा कि विकास के मामले में देश के कुछ क्षेत्र पीछे रह गए हैं। ऐसे 110 से ज्यादा आकांक्षी जिले चुने गए हैं और वहां पर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं ताकि लोगों को बेहतर शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल, रि-स्किल और अप-स्किल का अभियान, गरीबी की रेखा के नीचे रहने वालों के जीवनस्तर में आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का संचार करेगा।
जनधन खाते : प्रधानमंत्री ने जनधन खाते की सफलता का उल्लेख किया और कहा कि कुछ वर्ष पहले तक ये सब कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि इतना सारा काम, बिना किसी लीकेज के हो जाएगा और गरीब के हाथ में सीधे पैसा पहुंच जाएगा। कोरोना महामारी के कारण अपने गांव को लौटे प्रवासी मजदूरों के लिए गांव में ही रोजगार देने के लिए गरीब कल्याण रोजगार अभियान भी शुरू किया गया है।

महिलाओं के लिए जीवन सुगमता का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि सात करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त गैस सिलिंडर दिए गए हैं। राशनकार्ड हो या न हो, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त अन्न की व्यवस्था की गई है। बैंक खातों में करीब-करीब 90 हजार करोड़ रुपए सीधे दिए गए हैं।



और भी पढ़ें :