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बसंत पंचमी और प्रकृति पर हिन्दी में भावपूर्ण कविता: बसंत का मधुर संदेश

Written By WD Feature Desk
Updated: शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 (16:46 IST)
बसंत पंचमी पर कविता

आई बसंत पंचमी प्यारी,
धरती ने ओढ़ी चुनर पीली।
खिल उठे उपवन, महके फूल,
हर डाली गुनगुनाए राग मीठी।
 
कोयल की कुहुक में रस घुला,
भंवरों ने छेड़ा मधुर तराना।
हवा ने छूकर के शाखाओं को,
सिखाया प्रेम का नया बहाना।
 
सरसों हंसी खेतों के आंगन,
सूरज भी लगा सुनहरा लगने।
हर पत्ता-पत्ता बोल उठा,
जीवन है फिर से संवरने।
 
मां सरस्वती की कृपा बरसे,
ज्ञान की धारा बह जाए।
प्रकृति, संगीत, मन और मानव,
एक सुर में सब गुनगुनाए।
 
बसंत न लाया केवल ऋतु,
लाया आशा का उजियारा।
हर हृदय में भर दे विश्वास,
नव सृजन का प्यारा सहारा।ALSO READ: बसंत पंचमी और सरस्वती प्रकटोत्सव पर रोचक निबंध Basant Panchami Essay
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