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  4. ED Reveals Jawad Ahmed Siddiqui Accused of Land Grab Using Fake Documents
Last Updated :नई दिल्ली , शनिवार, 29 नवंबर 2025 (13:04 IST)

ED का बड़ा खुलासा, जवाद अहमद सिद्दीकी ने दिखाई जमीन की जादूगरी, मृतकों से कराई GPA पर साइन

Faridabad
ED on Jawad Ahmend siddique : फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा खुलासा किया है। अल-फलाह ग्रुप के फाउंडर जवाद अहमद सिद्दीकी पर करोड़ों की जमीन को फर्जी कागजात के जरिए हथियाने का नया आरोप लगा है। ईडी जांच में पता चला कि मरे लोगों के फेक साइन कराकर जमीन तरबिया फाउंडेशन के नाम कराई गई।
 
ईडी सूत्रों के हवाले से मीडिया खबरों में दावा किया गया कि दक्षिण दिल्ली में जमीन GPA का उपयोग करके बेची गई थी। इस पर कथित तौर पर उन व्यक्तियों के हस्ताक्षर थे जिनकी कई साल पहले, कुछ मामलों में दशकों पहले मौत हो गई। ऐसे में सवाल उठता है कि भला मृतक कैसे जीपीएम साइन कर सकते हैं।
 
दिल्ली के मदनपुर खादर में खसरा नंबर 792 में कीमती जमीन को जवाद अहमद सिद्दीकी से जुड़े तरबिया एजुकेशन फाउंडेशन ने एक नकली जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) के जरिए धोखे से हासिल की थी। जवाद फिलहाल ईडी के शिकंजे में हैं। जांच एजेंसी उससे पूछताछ कर रही है। वह दिल्ली ब्लास्ट केस में भी जांच के घेरे में है।
 
यह जीपीए 7 जनवरी 2004 का है और इसमें कई को-ओनर्स के अधिकार विनोद कुमार/ पुत्र- भूले राम के पक्ष में ट्रांसफर करने का दावा किया गया है। हैरानी की बात यह है कि इस GPA पर दिखने वाले सिग्नेचर और अंगूठे के निशान ऐसे लोगों के हैं जिनकी मौत बताई गई तारीख से बहुत पहले हो गई थी।
 
जांच में स्पष्ट हुआ है कि GPA पूरी तरह फर्जी है। मृतक लोगों के हस्ताक्षर/अंगूठे के निशान नकली तरीके से बनाए गए और जमीन की ट्रांसफर प्रक्रिया झूठे दस्तावेजों पर आधारित थी। इसका सीधा लाभ तरबिया एजुकेशन फाउंडेशन को मिला।
edited by : Nrapendra Gupta