गुजरात सरकार की नई वाहन नीति: सरकारी खरीद अब सीधे GeM पोर्टल से होगी, ई-वाहनों को प्रोत्साहन
गुजरात सरकार की नई वाहन नीति के अनुसार सभी सरकारी विभागों को इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की खरीद की विशेष छूट दी गई है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ईंधन के संबंध में विशेष नियम बनाए गए हैं, जिनमें पहली प्राथमिकता पेट्रोल वाहनों को दी जाएगी। यदि पेट्रोल वाहन का विकल्प उपलब्ध न हो, तो ही डीजल से चलने वाले वाहनों की खरीद को मंजूरी मिलेगी। ALSO READ: बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में बड़ी सफलता: अहमदाबाद में साबरमती नदी पर 480 मीटर लंबा पुल बनकर तैयार
वाहनों की नई श्रेणी और महत्वपूर्ण निर्णय
फील्ड निरीक्षण और ऑफ-रोड ड्यूटी के लिए सरकार ने वाहनों की एक नई श्रेणी जोड़ी है। इस सुधार के तहत फील्ड निरीक्षण और प्रवर्तन एजेंसियों (Enforcement Agencies) के लिए थार जैसी मजबूत गाड़ियां खरीदने की भी अनुमति दे दी गई है। इसके अलावा, पंचायत अध्यक्षों के लिए भी एक बड़ा निर्णय लेते हुए, अब उन्हें DDO (जिला विकास अधिकारी) स्तर के अधिकारियों के समकक्ष वाहन खरीदने की मंजूरी दी गई है।
अधिकारियों और पदाधिकारियों के लिए वर्गीकरण
सरकार ने विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों के लिए वाहनों के उपयोग की क्षमता और प्रकार को विशिष्ट श्रेणियों के अनुसार निर्धारित किया है। इस वर्गीकरण में वीवीआईपी (VVIP) अतिथियों, राज्य के मंत्रियों, कलेक्टर और डीडीओ सहित जिला स्तर के सभी उच्च अधिकारियों और स्थानीय निकायों के पदाधिकारियों को शामिल किया गया है, ताकि हर स्तर पर सही वाहन का आवंटन हो सके। ALSO READ: गुजरात में बिजनेस करना हुआ और भी आसान: सरकार लाई नई GCC पॉलिसी
GeM पोर्टल के माध्यम से सीधी खरीद प्रक्रिया
वाहन खरीद प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और तेज बनाने के लिए किसी भी प्रकार की निविदा (Tender) प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी। सरकारी विभागों को अब बाजार मूल्य पर केंद्रीय सरकारी पोर्टल GeM (Government e-Marketplace) से सीधे ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) से ही निर्धारित वाहनों की खरीद करनी होगी।

