ईंधन और खर्च बचाने के लिए गुजरात सरकार एक्शन मोड में, आम जनता की सुविधा के लिए दौड़ेंगी 300 नई एसटी बसें
Gujarat Govt New ST Buses: गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में सरकारी खर्चों में कटौती और ईंधन की बचत को लेकर गंभीर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विभागों में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें और अनावश्यक सरकारी खर्चों पर रोक लगाएं। खर्च नियंत्रण के तहत अब सभी सरकारी विभागों को जहां तक संभव हो, ऑनलाइन बैठकें आयोजित करने के लिए भी कहा गया है।
आम नागरिकों की सुविधा के लिए 300 नई एसटी बसें
राज्य के सार्वजनिक परिवहन को अधिक मजबूत और सुविधाजनक बनाने के लिए कल से ही 300 नई एसटी बसों को सेवा में शामिल करने का बड़ा फैसला लिया गया है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इस संबंध में घोषणा करते हुए कहा कि बिना किसी उद्घाटन समारोह या भव्य आयोजन के इन बसों को सीधे डिपो से रूट पर रवाना किया जाएगा, ताकि आम जनता को परिवहन में तत्काल राहत मिल सके।
'वर्क फ्रॉम होम' और वर्चुअल मीटिंग्स पर विशेष जोर
सरकार के प्रशासनिक कार्यों को अधिक आधुनिक और किफायती बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विभाग में 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) की संभावनाओं को जांचने का आदेश दिया है। गांधीनगर में होने वाली बैठकों में कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से न आना पड़े, इसके लिए वर्चुअल माध्यम से काम बढ़ाने को कहा गया है। इसके अलावा, मंत्रियों को कार्यक्रमों में जाने की अनुमति दी गई है, लेकिन उनके साथ बड़ा सुरक्षा काफिला न रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी कर्मचारियों के लिए कारपूलिंग अनिवार्य
ईंधन की बड़ी बचत करने के उद्देश्य से गुजरात सरकार अब सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 'कारपूलिंग' (एक ही वाहन में एक साथ यात्रा करना) प्रणाली लागू करने जा रही है। हर्ष संघवी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण और ईंधन बचाने की अपील को ध्यान में रखते हुए, अब अलग-अलग गाड़ियां दौड़ाने के बजाय एक ही रूट पर एक ही कार का उपयोग करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
वीआईपी कल्चर में कटौती
कैबिनेट बैठक के दौरान वीआईपी कल्चर को कम करने का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला, जहां मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल खुद अपने काफिले में केवल तीन गाड़ियों के साथ बैठक में पहुंचे। सरकार द्वारा मंत्रियों की सुरक्षा और पायलट सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाली कारों की संख्या में भी भारी कटौती की गई है। इस फैसले के असर से सचिवालय में वाहनों की भीड़ कम देखने को मिली।
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उपयोग में मंत्री बने रोल मॉडल
पर्यावरण और ऊर्जा बचत का संदेश देने के लिए राज्य के कई मंत्री इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करके कैबिनेट बैठक में शामिल होने पहुंचे। पर्यावरण राज्य मंत्री प्रवीण माली इलेक्ट्रिक स्कूटर से सचिवालय पहुंचे, जबकि डॉ. प्रद्युम्न वाजा और संजय सिंह महीड़ा भी ईवी वाहनों के साथ उपस्थित रहे। प्रवीण माली ने कहा कि आने वाले समय में टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर में ईवी सबसे बेहतरीन विकल्प साबित होगा और सरकार इसे और अधिक बढ़ावा देगी।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala

