इंदौर में डॉक्टर और नर्स पर हमले पर सरकार का बड़ा फैसला, सभी आरोपियों पर 'रासुका'

Last Updated: गुरुवार, 2 अप्रैल 2020 (22:30 IST)
इंदौर। संक्रमण के एक स्थानीय मरीज के संपर्क में आए लोगों को ढूंढने गए डॉक्टर और नर्स के दल पर करने वाले लोगों में से 7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। देर शाम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बड़ा फैसले लेते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ रासुका लगाने के आदेश दिए हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
इन आरोपियों पर लगी रासुका : में अपनी करतूत के कारण पूरे शहर को देश में शर्मसार करने वाले आरोपियों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्यवाही की है। जिन लोगों पर रासुका लगायी गई है, उनके नाम हैं- मोहम्मद मुस्तफा पिता हाजी मोहम्मद इस्माइल उम्र 28 साल, मोहम्मद गुलरेज पिता हाजी अब्दुल गनी उम्र 32 साल, सोयब उर्फ सोभी पिता मोहम्मद मुख्तियार उम्र 36 साल और मज्जू उर्फ़ मजीद पिता अब्दुल गफूर उम्र 48 साल। ये लोग सभी टाटपट्टी बाखल इंदौर के बाशिंदे हैं।

केंद्रीय जेल रीवा में रखे जाएंगे दोषी : इंदौर के कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मनीष सिंह ने टाटबट्टी बाखल मामले में कार्यवाही राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) 1980 की धारा 3 की उपधारा 2 के तहत की है। रासुका में निरुद्ध किए गए इन दोषियों को केंद्रीय जेल रीवा में रखे जाने के आदेश मनीष सिंह ने जारी कर दिए हैं।
पुलिस को सुराग मिले हैं कि शहर के टाटपट्टी बाखल इलाके की यह घटना सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के बाद असामाजिक तत्वों के उकसावे के चलते सामने आई थी। पथराव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो को जारी करने वालों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) हरिनारायणचारी मिश्रा ने कहा, वीडियो फुटेज के आधार पर पहचान के बाद घटना के लिए जिम्मेदार सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

डीआईजी ने बताया कि शहर में कोरोना वायरस का जो भी मरीज मिल रहा है, उसके परिजनों और उसके संपर्क में आए व्यक्तियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सघन अभियान चलाकर ढूंढा जा रहा है और उन्हें सावधानी के तौर पर अलग किया जा रहा है ताकि इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
उन्होंने बताया, हमें पता चला है कि स्वास्थ्य कर्मियों पर पथराव की घटना से एक-दो दिन पहले सोशल मीडिया पर इस अभियान के खिलाफ कुछ अफवाहें फैलाई गई थी। हालांकि, पथराव सुनियोजित प्रतीत नहीं हो रहा है।

टाटपट्टी बाखल इलाके के कुछ असामाजिक तत्वों के उकसावे पर क्षेत्रीय रहवासियों ने अचानक पथराव किया। मिश्रा ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
इस बीच, छत्रीपुरा पुलिस थाने के प्रभारी करणी सिंह शक्तावत ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों पर पथराव के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की उम्र 21 से 50 वर्ष के बीच है और इनमें से 3 लोगों को आपराधिक रिकॉर्ड है।
उन्होंने बताया कि मामले में भारतीय दंड विधान की धारा 147 (बलवा), धारा 188 (किसी सरकारी अधिकारी का आदेश नहीं मानना), धारा 269 (ऐसा लापरवाही भरा काम करना जिससे किसी जानलेवा बीमारी का संक्रमण फैलने का खतरा हो), धारा 353 (लोक सेवकों को भयभीत कर उन्हें उनके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए उन पर हमला) और अन्य सम्बद्ध प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल मामले के करीब 15 आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि टाटपट्टी बाखल के पथराव में चोटिल हुईं दोनों महिला डॉक्टर कोरोना वायरस के खिलाफ अभियान चला रहे स्वास्थ्य विभाग के पांच सदस्यीय दल में शामिल थीं। यह दल कोरोना वायरस संक्रमण के एक मरीज के संपर्क में आए लोगों को ढूंढने गया था।

भड़काऊ संदेश वायरल करने वाला गिरफ्तार : पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश वायरल करने वाले आरोपी आरिफ पिता कल्लू उम्र 26 वर्ष निवासी अशरफी कोलोनी खजराना इंदौर को पकड़ा, जिसके विरुद्ध थाना खजराना में मामला दर्ज किया है। प्रकरण में व्हाट्सअप ग्रुप एडमिन आरोपी रिजवान निवासी कन्नौद अभी फरार है, जिसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। आरोपियों के विरुद्ध 295-A, 505 IPC और 67 IT एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
की अपील : इंदौर पुलिस ने अपील की है कि किसी भी प्रकार की अपुष्ट खबरों अथवा अफवाहों पर भरोसा ना करें और ना ही ऐसी अफवाहों को प्रसारित करें अन्यथा कानूनी कार्यवाही की जाएगी। यदि किसी के संज्ञान में कोई ऐसा अप्पत्तिजनक मैसेज आता है, जिससे कानून व्यवस्था की स्तिथि प्रभावित होती हो शीघ्र इंदौर पुलिस के हेल्पलाइन नम्बर 7049124444, 7049124445 पर सूचित करें। सूचना देने वाली की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। (वेबदुनिया/भाषा)




और भी पढ़ें :