प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें...

Last Updated: मंगलवार, 20 अप्रैल 2021 (22:11 IST)
नई दिल्ली। भारत में (Coronavirus) के बढ़ते संक्रमण के बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया। इसमें उन्होंने संयम की बात की, कोरोना वॉरियर्स की प्रशंसा की, वहीं यह भी बताया कि सरकार कोरोना को लेकर क्या कर रही है। आइए जानते हैं प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें....
1. लॉकडाउन नहीं : प्रधानमंत्री यह स्पष्ट किया अब लॉकडाउन नहीं लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि भी किसी की आजीविका को नुकसान नहीं होना चाहिए। हालांकि उन्होंने राज्य सरकारों से भी कहा कि वे लॉकडाउन को अंतिम विकल्प मानें। माइक्रो कंटेनमेंट पर भी ध्यान दें।

2. नसीहत : मोदी ने लोगों से अपील की कि वे कोरोना गाइडलाइंस का पालन करें। अनावश्यक रूप से घर से बिलकुल भी नहीं निकलें। अर्थात लोग ऐसा कोई भी काम न करें जिससे कोरोना का संक्रमण और बढ़े।

3. संयम :
उन्होंने कहा- विपत्तिकाल में धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए। जीवन बचाने के लिए चुनौती बड़ी है, लेकिन हिम्मत से हम इस लड़ाई को जीतेंगे। अनुशासन और धैर्य के साथ कोरोना से लड़ते हुए आप देश को यहां तक लाए हैं। इस संयम और अनुशासन को आगे भी बनाए रखें।

4. संवेदना : जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना। मैं परिवार के सदस्य के रूप में आपके दुख में शामिल हूं। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी संवेदना के साथ काम कर रही है।

5. सराहना : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा मैं सभी कोरोना योद्धाओं को सलाम करता हूं। चाहे वे हेल्थ वर्कर हों, फ्रंटलाइन वर्कर हों, सबने पहले भी काम किया था और वे अभी भी पूरे मनोयोग से लोगों की जान बचाने में जुटे हुए हैं। जीवन बचाने के लिए उन्होंने डॉक्टरों को धन्यवाद दिया।

6. सहयोग : उन्होंने कहा कि देशवासी आगे आएं और जरूरतमंदों की मदद करें। उन्होंने कोरोना काल में मदद के लिए हाथ बढ़ाने वाली सामाजिक संस्थाओं की सराहना की साथ ही आगे भी लोगों का सहयोग करने की अपील भी की। इन सबके प्रयासों को मैं नमन करता हूं। उन्होंने देश के युवाओं से अपील की कि वे कोविड अनुशासन कमेटी बनाएं। बच्चे अपने परिजनों को कोरोना नियम पालन करने के लिए टोकें।
7. मुश्किलें : उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं मुश्किलें हैं, लेकिन मुझे विश्वास है कि हम पार पा लेंगे। देश ने अभी तक बहुत मजबूती से कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। आज हमारे पास बड़ी संख्‍या में पीपीई किट्‍स हैं, लैब का बड़ा नेटवर्क है। दुनिया में सबसे तेजी से 12 करोड़ वैक्सीन दिए जा चुके हैं।

8. कोशिशें : उन्होंने कहा कि हमारी कोशिशें लगातार जारी हैं। ऑक्सीजन की डिमांड तेजी से बढ़ी है।
कोशिश है हर जरूरतमंद को ऑक्सीजन मिले। कोविड के लिए बड़े अस्पताल बनाने का काम भी किया जा रहा है। साथ ही अस्पतालों में बेड बढ़ाने का काम भी निरंतर जारी है। उन्होंने ऑक्सीजन ट्रेन चलाने की बात भी कही। दवाइयों के प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन पर भी ध्यान देने की बात कही।
9. उम्मीदें : मोदी ने देशवासियों को उम्मीद बंधाई कि हम सबका प्रयास लोगों का जीवन बचाने का है। इसी कड़ी में हमने वैक्सीन को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया है कि 1 मई से 18 साल से ऊपर के हर व्यक्ति को टीका लगाया जाएगा। मुफ्त वैक्सीन कार्यक्रम सरकारी अस्पतालों में चलता रहेगा।
10.
अनुशासन : रामनवमी के मौके पर मर्यादा पुरूषोत्तम राम का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासियों को कोविड व्यवहार की सभी मर्यादाओं का पूरी तरह पालन करने का संकल्प लेना होगा। रमजान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस पवित्र महीने से हमें धैर्य और अनुशासन की सीख मिलती है जो हमारी कोरोना के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण है। हमें दवाई भी और कड़ाई भी के मंत्र का शत-प्रतिशत पालन करना है।



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