बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन इन दिनों अपनी अपकमिंग मल्टीस्टारर फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' को लेकर सुर्खियों में हैं। इसी बीच उन्होंने अपने साथ घटी एक ऐसी खौफनाक घटना का खुलासा किया है, जिसने सोशल मीडिया के डार्क साइड और सेलिब्रिटीज की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लगभग दो साल पहले मुंबई के खार (बांद्रा) इलाके का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक परिवार ने दावा किया था कि रवीना टंडन के ड्राइवर ने उनकी बुजुर्ग मां को गाड़ी से टक्कर मारी और विरोध करने पर नशे में धुत रवीना ने उनके साथ मारपीट की।
अब इस पूरे मामले की सच्चाई रवीना टंडन ने सामने रखी है। एक्ट्रेस ने बताया कि असल में उस समय क्या हुआ था। ईटाइम्स संग बात करते हुए रवीना ने कहा, पुलिस जांच में यह साफ हो चुका है कि वह कोई रोड रेज की घटना नहीं थी, बल्कि उनसे मोटी रकम वसूलने की एक सोची-समझी साजिश Plan) थी।
रवीना ने कहा, खुशकिस्मती से हमारे घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे थे, जिससे तुरंत दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। सोशल मीडिया एक वरदान भी है और अभिशाप भी। उस भीड़ ने वीडियो को इस तरह से एडिट करके पोस्ट किया था ताकि मैं डर जाऊं और बदनामी के डर से पैसे देकर मामला रफा-दफा कर दूं।
एक्ट्रेस ने बताया कि मुंबई पुलिस की जांच और मौके के सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा गया कि महिलाएं गाड़ी के करीब जरूर थीं, लेकिन कार से किसी को भी कोई टक्कर नहीं लगी थी। इसके बावजूद वहां मौजूद भीड़ ने जानबूझकर हंगामा खड़ा किया।
रवीना ने उस रात की पूरी कहानी बयां करते हुए कहा कि उनका ड्राइवर पिछले 10 साल से उनके साथ है और वह उनके परिवार के सदस्य जैसा है। कुछ लोग रात के समय उनके घर का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे, जिस पर ड्राइवर ने केवल महिला का फोन नीचे की तरफ झुका दिया। इतने में ही महिला भड़क गई और चिल्लाने लगी कि 'तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे छूने की? मैं अभी पुलिस बुलाकर तुम्हारे खिलाफ रेप और छेड़छाड़ की एफआईआर दर्ज कराऊंगी।'
रवीना ने बताया कि जब उन्होंने अंदर से यह सुना, तो उन्हें लगा कि एक मासूम ड्राइवर झूठे केस में जेल चला जाएगा। एक महिला होने के नाते वह बीच-बचाव करने और बात करने बाहर निकलीं। लेकिन जैसे ही वह बाहर आईं, वहां करीब 30 आदमियों की हिंसक भीड़ जमा हो चुकी थी।
भीड़ इतनी उग्र थी कि उन्होंने रवीना के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और उन पर हमला किया। स्थिति बिगड़ती देख ड्राइवर ने रवीना को खींचकर गेट के अंदर किया। इसके बाद भीड़ ने बाहर अकेले बचे ड्राइवर और सोसाइटी के चौकीदार को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। रवीना ने जब पुलिस को फोन करने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उनका फोन छीन लिया।
खौफ का आलम यह था कि एक शख्स बाउंड्री लांघकर रवीना टंडन के घर के अंदर तक घुस आया था। उस वक्त अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा के लिए रवीना खुद आगे आईं और उन्होंने सचमुच उस आदमी की कॉलर पकड़कर उसे घर से बाहर खींचकर फेंका।
रवीना टंडन ने अपने फैंस और आम जनता को सलाह दी है कि आज के दौर में सुरक्षा के लिहाज से अपनी गाड़ियों में डैशकैम और घरों के बाहर सीसीटीवी जरूर लगवाएं, क्योंकि सोशल मीडिया के इस दौर में किसी भी झूठी कहानी को सच बनाकर पेश करने में चंद मिनट लगते हैं।