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Lock Upp 2: हर्षद चोपड़ा बने पहले फाइनलिस्ट, शिवांगी जोशी का हुआ चौंकाने वाला एलिमिनेशन

Lock Upp Season 2
रियलिटी शो 'लॉक अप सीजन 2' अपने फिनाले के बेहद करीब पहुंच चुका है, लेकिन फिनाले की इस रेस में दर्शकों को एक ऐसा हाई-वोल्टेज ड्रामा और इमोशनल ट्विस्ट देखने को मिला, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। शो के ताजा एपिसोड में जहां लोकप्रिय अभिनेता हर्षद चोपड़ा सीजन के पहले फाइनलिस्ट बन गए हैं, वहीं टीवी की लाडली बहू शिवांगी जोशी का सफर खत्म हो गया।
 
इस ड्रामेटिक एलिमिनेशन ने न सिर्फ जेल में बंद बाकी कंटेस्टेंट्स को हक्का-बक्का कर दिया है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी फैंस के बीच तहलका मचा दिया है। फिनाले वीक में अपनी जगह पक्की करने के लिए मेकर्स ने कंटेस्टेंट्स को एक बेहद कठिन ग्रुप टास्क दिया था। इस टास्क में सभी घरवालों को आपसी सहमति से यह तय करना था कि कौन सा खिलाड़ी पहला फाइनलिस्ट बनने का हकदार है।
मुकाबले की शुरुआत में ही शो के मजबूत दावेदार माने जा रहे लैला, शिल्पा शिंदे, राम कपूर और आकांक्षा चमोला ने खेल में बड़ा दिल दिखाया। चारों कंटेस्टेंट्स ने स्वेच्छा से फाइनलिस्ट बनने की दौड़ से खुद को अलग कर लिया। इसके बाद फाइनल रेस में सिर्फ दो नाम बचे—हर्षद चोपड़ा और शिवांगी जोशी।
 
असली ड्रामा तब शुरू हुआ जब जेलर रितेश देशमुख ने हर्षद और शिवांगी को शो की आखिरी अरेस्ट सेल में बंद कर दिया। नियम के मुताबिक, दोनों को आपस में फैसला करना था कि कौन शो में आगे बढ़ेगा और कौन फिनाले की रेस से हट जाएगा। सेल के अंदर दोनों स्टार्स बेहद भावुक नजर आए। 
 
हर्षाद ने अपनी दिल की बात रखते हुए कहा, मैंने पूरे सीजन में सिर्फ दूसरों की मदद की और उनका साथ दिया है। लेकिन इस बार, मैं अपने सफर के बारे में सोचना चाहता हूं और खुद को एक मौका देना चाहता हूं।
 
दूसरी तरफ, शिवांगी जोशी ने हर्षद का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि अगर ट्रॉफी उनकी किस्मत में होगी, तो वह इसे किसी भी मोड़ पर हासिल कर लेंगी। काफी देर तक दोनों एक-दूसरे को फाइनलिस्ट बनने का मौका देने की जिद करते रहे।
 
जेलर रितेश देशमुख का दखल और हर्षाद का बड़ा फैसला
जब दोनों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं हुआ, तो जेलर रितेश देशमुख को दखल देना पड़ा। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को डेडलॉक को तुरंत सुलझाने की सख्त हिदायत दी। हालांकि, हर्षद शुरुआत में अपनी जगह छोड़ने पर राजी हो गए थे, लेकिन आखिर में उन्होंने अपने आत्मसम्मान और गेम के लिए खड़े होने का फैसला किया। 
 
हर्षद ने कहा कि वह अपनी जिंदगी में पहली बार खुद को प्राथमिकता देना चाहते हैं। इसके बाद शिवांगी मुस्कुराते हुए सेल से बाहर आ गईं और हर्षद चोपड़ा आधिकारिक तौर पर 'लॉक अप 2' के पहले फाइनलिस्ट बन गए। सेल से बाहर आते ही शिवांगी अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख सकीं। उन्होंने रोते हुए माना कि हर्षद इस ट्रॉफी के उतने ही हकदार हैं जितनी कि वह खुद थीं।
 
श्रेया कालरा के एक फैसले ने बदला पूरा गेम
एपिसोड के शुरुआत में एक टास्क जीतकर खास एडवांटेज हासिल करने वाली श्रेया कालरा को शो के फॉर्मेट के तहत एक बहुत बड़ी पावर दी गई। श्रेया को घर के किसी भी एक सदस्य को सीधे शो से बेघर करने का अधिकार मिला। श्रेया ने इस पावर का इस्तेमाल करते हुए शिवांगी जोशी के नाम का ऐलान कर दिया। यह सुनते ही पूरा घर सन्न रह गया। किसी को अंदाजा नहीं था कि सेल से बाहर आने के महज कुछ मिनटों बाद ही शिवांगी का सफर इस तरह खत्म हो जाएगा।
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