अमित पालेकरः ईमानदार चेहरा या केजरीवाल ने गोवा में साधे जातिगत समीकरण

BBC Hindi| पुनः संशोधित गुरुवार, 20 जनवरी 2022 (07:50 IST)
मयूरेश कोण्णूर, बीबीसी मराठी
सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के लिए भगवंत मान की घोषणा करने के बाद आम आदमी पार्टी ने गोवा चुनावों के लिए को सीएम उम्मीदवार के रूप में पेश किया है। 46 वर्षीय अधिवक्ता अमित पालेकर गोवा के अन्य अनुभवी राजनेताओं के मुक़ाबले राजनीति में नया चेहरा हैं। गोवा में बहुत से लोग आम आदमी पार्टी की घोषणा से हैरान भी हैं।
 
आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद ने पणजी में हुए एक कार्यक्रम में अमित पालेकर को सीएम उम्मीदवार के चेहरे के रूप में पेश किया। दिल्ली की विधायक आतिशी मार्लेना और गोवा में पार्टी के प्रभारी राहुल महांब्रे भी इस कार्यक्रम में शामिल थे।
 
अमित पालेकर का पहला चुनाव
गोवा चुनावों में आम आदमी पार्टी की भूमिका अहम मानी जा रही है। आम आदमी पार्टी ने 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में भी राज्य में अपने उम्मीदवार उतारे थे। पार्टी के सभी 39 उम्मीदवार हार गए थे।
 
पिछले पांच सालों में सरकार और सत्ता के ख़िलाफ़ धरना-प्रदर्शनों के ज़रिए आम आदमी पार्टी ने राज्य में अपनी पकड़ मज़बूत की है। पार्टी का ढांचा और जनाधार भी खड़ा हो गया है। निकाय चुनावों में भी आम आदमी पार्टी ने कुछ कामयाबी हासिल की है। ऐसा माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी अपनी मौजूदगी दर्ज का सकती है।
 
पालेकर को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में पेश करते हुए केजरीवाल ने कहा, "गोवा के लोग बदलाव चाहते हैं। कुछ चुनिंदा लोगों ने गोवा की राजनीति पर क़ब्ज़ा कर लिया है। ये सत्ता से पैसा कमाते हैं और फिर पैसे से सत्ता। हमें इस कुचक्र को तोड़ना है। गोवा के लोग हमारे साथ हैं, उन्होंने दिल्ली में हमारे काम को देखा है। हमने एक ईमानदार चेहरा पेश किया है जो ज़रूरत पड़ने पर गोवा के लिए अपनी जान भी कुर्बान कर देगा। हमारा ये उम्मीदवार बहुत पढ़ा-लिखा भी है।"
 
अमित पालेकर राजनीति और आम आदमी पार्टी दोनों के लिए नए हैं। वो पिछले साल अक्तूबर में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। उन्होंने ओल्ड गोवा की कुछ विरासत इमारतों के पास अवैध निर्माण के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया। वो सांता क्रूज़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। ये सीट फ़िलहाल बीजेपी के पास है।
 
अमित पालेकर ने कहा, "एक टॉपर छात्र जो सरकारी भ्रष्टाचार की वजह से नौकरी नहीं पा सका आज गोवा में मुख्यमंत्री पद का दावेदार है।"
 
मैं आपसे वादा करता हूं कि हम गोवा को भ्रष्टाचार मुक्त कर देंगे। हाल के सालों में गोवा की जो समृद्धि खो गई है हम उसे वापस लेकर आएंगे।"
 
जाति हावी
हालांकि आम आदमी पार्टी धर्म और जाति से ऊपर उठकर ईमानदार राजनीति करने का दावा करती है, लेकिन अमित पालेकर को उम्मीदवार बनाने का फैसला जातिगत समकरणों से प्रभावित लगता है।
 
पालेकर भंडारी समुदाय से आते हैं। गोवा में इस समुदाय की क़रीब 35 फ़ीसदी आबादी है और अभी तक सिर्फ़ एक मुख्यमंत्री ही इस समुदाय से बना है। आप ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि उनका मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार भंडारी समुदाय से ही होगा।
 
अरविंद केजरीवाल ने कहा, "गोवा भंडारी समुदाय बहुसंख्यक है, लेकिन उन्हें हमेशा से लगता है कि उनके साथ अन्याय किया गया है। 1961 में गोवा की आज़ादी के बाद से अब तक भंडारी समुदाय से सिर्फ़ एक मुख्यमंत्री बना है और वो भी सिर्फ़ ढाई साल के लिए। इसलिए ही हमने भंडारी समुदाय के व्यक्ति को सीएम का चेहरा बनाया है। ये आरोप लगाया जा रहा है कि हम जाति की राजनीति कर रहे हैं लेकिन हम तो जाति की राजनीति को ख़त्म कर रहे हैं। स्थापित राजनीतिक पार्टियां लंबे समय से जाति की राजनीति करती रही हैं।"
 
आम आदमी पार्टी पिछले पांच साल से गोवा में जड़ें जमाने की कोशिश कर रही है। जानकार मानते हैं कि 'आप' ज़ाहिर तौर पर सत्ताधारी बीजेपी को चुनौती देने जा रही है। 'आप' की तरह ही इस बार पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस भी गोवा चुनावों में दावेदारी पेश करने जा रही है।
 
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद से गोवा बीजेपी में नेतृत्व का संकट भी है। अब 'आप' के मुख्यमंत्री पद के दावेदार की घोषणा के बाद गोवा की राजनीति में होने वाला घटनाक्रम दिलचस्प होगा।

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