सेंटअप कैंडिडेट का उपन्यास प्रेम किसी ने मुझसे कहा था कि हिन्दी ठीक ठाक लिखते हो पर हिन्दी उपन्यास पढ़ा करो। जब मैंने बताया कि खून भरी मांग, वर्दी वाला ...