न्यूक्लियर साइंस में बनाएं कैरियर

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देश में जिस तरह से ऊर्जा की मांग बढ़ती जा रही है उससे देश में परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में काफी तेजी से प्रगति होने की पूर्ण संभावना है। देश की ही बात करें तब देश में 17 एटॉमिक पावर स्टेशन हैं और आने वाले समय में 6 से ज्यादा के निर्माण की योजना है। न केवल ऊर्जा का क्षेत्र, बल्कि नाभकीय चिकित्सा के क्षेत्र में भी काफी संभावनाएं हैं

दुनिया के कई देशों में परमाणु विज्ञान के क्षेत्र में कार्य हो रहे हैं तथा ऊर्जा व चिकित्सा के क्षेत्र में यह प्रयोग काफी तेजी से हो रहे हैं। के क्षेत्र में जॉब्स काफी अच्छे होते हैं और इसमें शोध के क्षेत्र में भी काफी संभावनाएं हैं।
कई हैं राहें
न्यूक्लियर साइंस काफी बड़ा विषय है और इसमें कई बातों का समावेश है। ऊर्जा का क्षेत्र अलग है, वहीं न्यूक्लियर रिएक्टर डिजाइन, सेफ्टी से लेकर कई अन्य विषय हैं, जो इससे जुड़े हैं। यही कारण है कि न्यूक्लियर साइंस यानी सीधे रेडियोधर्मी पदार्थों से संपर्क नहीं, बल्कि इससे जुड़ी कई अन्य राहें भी हैं।
इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिकों की काफी अच्छी मांग है। न्यूक्लियर इंजीनियरिंग का क्षेत्र ऐसा है, जिसमें आपने अगर फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ्स लेकर भी डिग्री प्राप्त की है, तब भी इस क्षेत्र में अपने कदम रख सकते हैं। शोध के क्षेत्र में जाने के लिए पीएचडी आवश्यक होती है। आप देश की सुरक्षा से लेकर उद्योग क्षेत्र में भी अपना भाग्य आजमा सकते हैं।
यह शुद्ध रूप से विशेषज्ञता वाला क्षेत्र है, इस कारण इसमें पैकेज भी काफी अच्छा होता है और खासतौर पर अगर आप एक न्यूक्लियर साइंटिस्ट के रूप में काम कर रहें, तब आप दुनिया के श्रेष्ठतम शोध केंद्रों पर जाकर अपना भाग्य आजमा सकते हैं।

इस क्षेत्र में काम करने के लिए आपको धैर्य की काफी आवश्यकता होगी, क्योंकि जैसा कि जाहिर है, इसमें शोध करना हो या फिर कुछ निर्माण करना हो, तब विशेषज्ञता का होना जरूरी है। इस कारण इस क्षेत्र में पीएचडी करने के बाद ही शोध के क्षेत्र में प्रवेश मिल पाता है।
वहीं डिफेंस के क्षेत्र में जाने के लिए भी यह काफी सुनहरा क्षेत्र है, क्योंकि इस क्षेत्र में भी काफी तेजी से प्रगति हो रही है। इस क्षेत्र में जहां देश में काफी तेजी से प्रगति हो रही है, वहीं दुनियाभर के कई देशों में नए प्रयोग हो रहे हैं। यह जरूरी नहीं कि न्यूक्लियर साइंस में केवल परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में ही काम हो रहे हैं, बल्कि न्यूक्लियर साइंस के अध्ययन से ही हम इससे बचने के तरीकों को भी जान सकते हैं।
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यहां से करें कोर्स
- दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, नई दिल्ली
- मनिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मनिपाल, कर्नाटक
- इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कानपुर
- सेन्टर फॉर न्यूक्लियर मेडीसिन, पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगड़, पंजाब

 

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