1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. राष्ट्रीय
  4. Bangladesh has become a hub of anti-India activities; Hafiz Saeed's close associate Ibtisam has arrived in Dhaka
Last Modified: मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025 (20:59 IST)

भारत विरोधी गतिविधियों का अड्‍डा बना बांग्लादेश, अब हाफिज सईद का करीबी इब्तिसाम ढाका पहुंचा

Anti India activities in Bangladesh
Anti India activities in Bangladesh: बांग्लादेश द्वारा भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को अपने नक्शे में दिखाने के बाद अब कुख्यात आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज मोहम्मद सईद के करीबी कट्‍टरपंथी मौलाना ने हाल ही में बांग्लादेश का दौरा किया। ढाका पहुंचने के बाद इस मौलाना इब्तिसाम ने बांग्लादेश की पूर्वोत्तर से लगती सीमा पर भी दौरा किया। वह लगातार भड़काऊ भाषण दे रहा है। 
 
मरकजी जमीयत अहल-ए-हदीस का टॉप कमांडर इब्तिसाम का बांग्लादेश दौरा निश्चित ही भारत के लिए चिंता का विषय है। इससे एक बात और जाहिर हो रही है कि लश्कर सरगना हाफिज बांग्लादेश में भी अपनी पहुंच बढ़ा रहा है। बताया जा रहा है कि 25 अक्टूबर को इब्तिसाम ढाका पहुंचा और उसने 27 अक्टूबर को भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के पास चपइनवाबगंज गांव का दौरा किया। वह स्थानीय कट्टरपंथी तत्वों से भी संपर्क बढ़ा रहा है। उसने कहा कि पाकिस्तान भारत से कश्मीर लेकर रहेगा।
 
भारत के खिलाफ उगला जहर : उसने कहा कि मुसलमानों को इस्लाम के लिए खुद को और अपने बच्चों को कुर्बान करने के लिए तैयार रहना चाहिए। हमें धर्मनिरपेक्ष और उदारवादी ताकतों के खिलाफ खड़े होना होगा। पाकिस्तान और बांग्लादेश के सभी मुसलमानों को धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ एकजुट होना जरूरी है। उसका परोक्ष इशारा भारत की ओर था। उसने कहा कि कश्मीरियों की आजादी छीनी जा रही है।  इंशाअल्लाह वो दिन भी आएगा, जब कश्मीर पाकिस्तान का होगा।
 
हालांकि बांग्लादेश की खुफिया एजेंसियां इस पर नजर रखे हुए हैं। लेकिन, उसके भड़काऊ भाषणों ने उसके इरादे जाहिर कर दिया है। इसके पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का भी हाथ हो सकता है। माना जा रहा है कि अगस्त, 2024 में बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद यहां कट्‍टरपंथी नेटवर्क काफी एक्टिव हो गया है। पाकिस्तान का भी प्रत्यक्ष और परोक्ष बांग्लादेश में बढ़ गया है। जहीर इससे पहले भी बांग्लादेश आ चुका है। 
 
कौन हैं इब्तिसाम इलाही : इब्तिसाम इलाही जहीर पाकिस्तान की मरकजी जमीयत अहल-ए-हदीस के महासचिव हैं। वह कुरान ओ सुन्नत मूवमेंट पाकिस्तान के चेयरमैन भी है। वह एक इस्लामी उपदेशक (मौलाना) है और इस्लामी विद्वान एहसान इलाही जहीर का बेटा है। वह कट्टरपंथी मौलाना है और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक और 2008 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज मोहम्मद सईद का करीबी सहयोगी है। उसके संबंध भारत के भगोड़े प्रचारक जाकिर नाइक से भी बताए जाते हैं। इब्तिसाम के पास कई विषयों में मास्टर्स डिग्री है, जिसमें इंजीनियरिंग, इस्लामी शिक्षा, इतिहास, और राजनीति विज्ञान शामिल है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
ये भी पढ़ें
अयोध्या का विकास भव्यता, आस्था और आधुनिकता का संतुलित मॉडल बने