देश की राजनीति में बढ़ने जा रहा मध्यप्रदेश का कद, नितिन नबीन की टीम में किन नेताओं को मिल सकता है मौका?
नितिन नबीन की नई टीम में बढ़ेगा
नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हुए दो महीने (20 जनवरी को पद संभाला) से अधिक का वक्त बीत चुका है, लेकिन अब तक वह अपनी टीम यानि राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन नहीं कर पाए है। अब जब संसद का बजट सत्र खत्म होने जा रहा है तब पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन की अटकलें तेज हो गई है। बिहार से आने वाले पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम में क्या मध्यप्रदेश का कद बढ़ने जा रहा है, यह सवाल भी इन दिनों सियासी गलियारों में खूब चर्चा के केंद्र में है। 45 साल के नितिन नबीन की नई टीम में नए के साथ अनुभवी चेहरों को जगह मिल सकती है। ऐसे में मध्यप्रदेश से आने वाले दिग्गज नेताओं की नई भूमिका को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश के कई कद्दावर और युवा नेताओं को जगह मिलने की प्रबल संभावना है।
सबसे अधिक चर्चा मध्यप्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और खजुराहों सांसद वीडी शर्मा को लेकर है। वीडी शर्मा का पार्टी संगठन में राष्ट्रीय महासचिव बनने की काफी संभावना है। उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश में भाजपा ने विधानसभा और लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। मध्यप्रदेश में 65 हजार से बूथों को जिस तरह से वीडी शर्मा के नेतृत्व में डिजिटाइलजेशन किया गया था और उसका असर सीधे चुनावी परिणाम में देखा गया था, ऐसे में संगठन के मध्य प्रदेश मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह वीडी शर्मा की संगठन को मजबूत बनाने के लिए कई मंचों पर तारीफ कर चुके है।
वहीं इन दिनों जो दूसरा नाम सबसे अधिक चर्चा में है वह मोहन सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का है। बतााया जा रहा है कि बीते कुछ वक्त से कैलाश विजयवर्गीय प्रदेश की राजनीति में अपने को असहज महसूस कर रहे है और सरकार में मंत्री होने के बावजूद कई मौकों पर उनकी, अपनी ही सरकार के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आ चुकी है। वहीं बीते कुछ समय से कैलाश विजयवर्गीय दिल्ली में ज्यादा सक्रिय दिखाई दे रहे है। ऐसे में कैलाश विजयवर्गीय को संगठन में कोई बड़ी राष्ट्रीय भूमिका दी जा सकती है। कैबिनेट की बैठकों से दूरी बनाने और विभागीय कामकाज में ज्यादा रूचि नहीं लेने की खबरों ने कैलाश विजयवर्गीय के एक बार दिल्ली में सक्रिय होने की अटकलों को और तेज कर दिया है।
वहीं 2023 में विधानसभा चुनाव में अपनी सीट गंवाने वाले दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा भी लंबे समय से राजनीतिक पुनर्वास की बाटजोह रहे है। ऐसे में उनकी संगठन क्षमता और लंबे सियासी अनुभवों को देखते हुए पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व उन्होंने दिल्ली में बड़ी भूमिका सौंप सकता है।
वहीं नितिन नबीन की नई टीम से मध्यप्रदेश के मौजूदा दिग्गजों की विदाई हो सकती है। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य की विदाई लगभग तय है। इसी तरह पार्टी के संसदीय बोर्ड में शामिल सत्यनारायण जटिया भी छुट्टी हो सकती है। इनकी जगह मध्यप्रदेश से नए चेहरों को जगह मिल सकती है। अगर देखा जाए तो इस वक्त मध्यप्रदेश में संगठन मंत्री का पद भी खाली है। हितानंद शर्मा की संघ में वापसी के बाद अब तक इस पद कोई नियुक्त नहीं हुई है। ऐसे मे संगठन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस पद पर किसकी नियुक्ति होगी यह भी देखना दिलचस्प होगा।
वहीं राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष की भी संघ में वापसी हो सकती है। उनकी जगह सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश का कद बढ़ाया जा सकता है। वहीं केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा और मणिपुर में भी भाजपा संगठन महामंत्री के पद रिक्त है।। ऐसे मे आने वाले समय में भाजपा संगठन में बडे पैमाने पर नियुक्ति होने की संभावना जताई जा रहा है।
लेखक के बारे में
भोपाल ब्यूरो
वेबदुनिया भोपाल ब्यूरो मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों के प्रकाशन का प्रमुख केंद्र है। भोपाल ब्यूरो से प्रदेश की सियासत, अपराध, व्यापार, खेल, धर्म-संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरें सटीकता और निष्पक्षता के साथ प्रकाशित की जाती हैं।....
और पढ़ें