खा खा कर मर रहे हैं लोग

BBC Hindi| पुनः संशोधित शनिवार, 15 दिसंबर 2012 (14:10 IST)
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एक ताजा वैश्विक अध्ययन में पता चला है कि दुनिया में भर में भुखमरी से ज्यादा लोग मोटापे से मर रहे हैं।

अब तक के सबसे बड़े स्वास्थ्य अध्ययनों में से एक इस अध्ययन में 2010 में हुई मौतों के कारणों का विश्लेषण किया गया और फिर उनकी तुलना बीस साल पहले जुटाए गए आंकड़ों से किया गया जब पोषण का आभाव बीमारियों का मुख्य कारण होता था।

अध्ययन में पता चला है कि 2010 में दुनिया में मोटापे के कारण 30 लाख से ज्यादा मौतें हुईं, जो कुपोषण से हुई मौतों से तीन गुना ज्यादा है। रिपोर्ट कहती है कि अफ्रीका में कुपोषण अब भी असमय मौतों का कारण बना हुआ है।
मोटापे के कारण : इस अध्ययन रिपोर्ट के एक सह-लेखक और क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एलन लोपेज का कहना है कि अध्ययन के नतीजे हैरान करने वाले हैं।

वो कहते हैं, 'इन निष्कर्षों से हम बहुत आश्चर्यचकित हैं। जब हमने सभी प्रमाण देखे तो कुपोषण से सभी प्रभावों पर नजर डाली। खास कर बच्चों के बीच हमने पाया कि पिछले दो दशकों के दौरान कुपोषण का प्रभाव घट रहा है। ये एक बड़ी गिरावट है। लेकिन हमें पता चला कि मोटापे की वजह से होने वाली बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।'
उनका कहना है कि मोटापा सिर्फ अमीर देशों में नहीं, बल्कि विकासशील देशों में भी एक बड़ी समस्या बन रहा है।

प्रोफेसर एलन लोपेज कहते हैं, 'ये सिर्फ अमीर देशों की समस्या नहीं है। हमने देखा कि पिछले दशकों में मोटापा लगातार बढ़ रहा है। हमारे लिए हैरानी वाली बात ये है कि विकासशील देशों में भी मोटापा चुनौती बन रहा है। बेशक वहां ये समस्या अमीर देशों जितनी गंभीर नहीं है, लेकिन लगातार बढ़ रही है।'
लोपेज के अनुसार मोटापा जरूरत से ज्यादा खाने की वजह से बढ़ रहा है। लेकिन वो कहते हैं कि अफ्रीका में असमय होने वाले मौतों का कारण अब भी कुपोषण ही बना हुआ है।

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