आनंद महिंद्रा ने 'जख्मी जूतों के डॉक्टर' को गिफ्ट किया नया 'हस्पताल'
आपको याद है कुछ समय पहले ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा ग्रुप के चेयरमेन आनंद महिंद्रा ने ट्विटर पर ‘जख्मी जूतों के डॉक्टर’ से परिचय करवाया था। दरअसल, उन्होंने नरसी राम नाम के मोची की दुकान पर टंगे पोस्टर को शेयर किया था, जिसमें लिखा था- ‘जख्मी जूतों का हस्पताल’। इस तस्वीर को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा था- “इस आदमी को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में मार्केटिंग की पढ़ाई करवानी चाहिए।”
नरसी राम के आइडिया से महिंद्रा इतने प्रभावित होते हुए उन्होंने अपनी टीम को उसके पास भेजा। जब टीम ने उनसे पूछा कि उन्हें क्या चाहिए तो उसने कहा कि वह बस मदद के तौर पर एक kiosk यानी बूथ जैसी दुकान चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने नरसी राम के लिए अपने इंजीनियर्स के मदद एक पोर्टेबल दुकान तैयार करवाई है। महिंद्रा ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस बात की जानकारी देते हुए उस दुकान का एक वीडियो भी शेयर किया है और कहा कि इस दुकान को वह जल्द ही नरसी राम तक पहुंचाएंगे।
आपको बता दें कि हरियाणा के जींद में नरसी राम जूते-चप्पल ठीक करने की अपनी दुकान लगाते थे। दुकान की खास बात यह थी कि उस पर एक बैनर लगाया हुआ था, ‘जख्मी जूतों का हस्पताल’ और बैनर पर लंच टाइम से लेकर सारी जानकारी अस्पताल की तरह से लिखी हुईं थीं।
This man should be teaching marketing at the Indian Institute of Management... pic.twitter.com/N70F0ZAnLP
— anand mahindra (@anandmahindra) April 17, 2018
नरसी राम के आइडिया से महिंद्रा इतने प्रभावित होते हुए उन्होंने अपनी टीम को उसके पास भेजा। जब टीम ने उनसे पूछा कि उन्हें क्या चाहिए तो उसने कहा कि वह बस मदद के तौर पर एक kiosk यानी बूथ जैसी दुकान चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने नरसी राम के लिए अपने इंजीनियर्स के मदद एक पोर्टेबल दुकान तैयार करवाई है। महिंद्रा ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस बात की जानकारी देते हुए उस दुकान का एक वीडियो भी शेयर किया है और कहा कि इस दुकान को वह जल्द ही नरसी राम तक पहुंचाएंगे।
आपको बता दें कि हरियाणा के जींद में नरसी राम जूते-चप्पल ठीक करने की अपनी दुकान लगाते थे। दुकान की खास बात यह थी कि उस पर एक बैनर लगाया हुआ था, ‘जख्मी जूतों का हस्पताल’ और बैनर पर लंच टाइम से लेकर सारी जानकारी अस्पताल की तरह से लिखी हुईं थीं।

