Premanand Ji Maharaj Controversy: प्रेमानंदजी का जवाब सुन देश की महिलाएं भड़क गईं, आखिर क्या है पूरा मामला
अनिरुद्धाचार्य के बाद संत प्रेमानंदजी के बयान पर बवाल
Premanand Ji Maharaj News : कथाकार अनिरुद्धाचार्ज के बयान को लेकर विवाद थमा नहीं, इस बीच वृंदावन के संत प्रेमानंदजी के बयान लेकर बवाल मच गया है। प्रेमानंदजी पिछले दिनों से युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुए हैं। वे एकांतिक वार्ता में लोगों के सवालों के जवाब देते हैं। ऐसे ही एक महिला के प्रश्न के जवाब में उन्होंने यह बात कही। हालांकि उनके बयान को लेकर लोगों की अलग-अलग राय है।
एक धड़ा उनके बयान का समर्थन करता नजर आया। उस बयान की जिस पर बवाल हो रहा है तो वह बयान प्रेमानंद के प्रवचन के लंबे हिस्से का एक छोटा सा अंश है। महाराज जी कहना चाह रहे हैं कि आज की जीवनशैली और सोच में पहले की तुलना में काफी ज्यादा बदलाव आ गया है। उन्होंने कहा कि पहले के समय में लड़कियां काफी संयमी और परंपराओं के अनुसार चलने वाली होती थीं, लेकिन आज के जमाने के ज्यादातर लड़के और लड़कियां रिश्तों को लेकर गंभीर नहीं हैं।
महिला ने पूछा था सवाल
प्रेमानंदजी महाराज के 12 जून 2025 को ये वीडियो अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर डाला था। यह वायरल क्लिप उनके एक प्रवचन का हिस्सा है। वीडियो को शुरुआत से देखेंगे तो आपको एक महिला सवाल करती नजर आएंगी। महिला का सवाल था कि आजकल चाहे प्रेम विवाह हो या अरेंज मैरिज, दोनों ही मामलों में रिश्ते टूट रहे हैं। ऐसे में माता-पिता कैसे तय करें कि बच्चों का भविष्य अच्छा होगा।
संत प्रेमानंदजी महाराज ने यह दिया था जवाब
संत प्रेमानंद महाराज ने कहा था कि आज के समय में 100 में से मुश्किल से दो-चार लड़कियां ही पवित्र होती हैं बाकी सभी ब्वॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड के चक्कर में लगी हुई हैं' प्रेमानंद महाराज का ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। संत प्रेमानंद महाराज ने कहा था कि अगर कोई युवक 4 लड़कियों से संबंध बनाता है, तो वह अपनी पत्नी से संतुष्ट नहीं रह पाएगा, क्योंकि उसे व्यभिचार की आदत लग चुकी होती है। इसी तरह, जो लड़की चार पुरुषों से संबंध बना चुकी है, उसके अंदर एक पति को स्वीकार करने की हिम्मत नहीं रहती।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि 100 में से मुश्किल से दो-चार कन्याएं ही ऐसी होती हैं जो पवित्र जीवन जीकर किसी एक पुरुष को समर्पित होती हैं। महाराज जी का पूरा वाक्य था कि अब 100 में से कोई दो-चार कन्याएं होंगी जो पवित्र जीवन जी रही होंगी और किसी एक पुरुष को पूरी श्रद्धा से समर्पित होती होंगी। उन्होंने यह बात समाज में बढ़ती लिव-इन रिलेशनशिप, बार-बार ब्रेकअप और फिजिकल रिलेशन को लेकर चिंता जताते हुए कही थी। इस वीडियो में प्रेमानंदजी आगे कहते हैं कि जैसे अगर किसी को रोज होटल का खाना खाने की आदत लग जाए तो घर का साधारण भोजन अच्छा नहीं लगेगा, वैसे ही जब इंसान जब बार-बार रिश्ते बदलता है तो एक स्थायी और पवित्र रिश्ता निभाना मुश्किल हो जाता है।
वीडियो सामने आते ही लोगों के रिएक्शन आए सामने
प्रेमानंद महाराज का वीडियो सामने आया, ट्विटर और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर #RespectWomen, #SantsGoneWrong जैसे ट्रेंड चलने लगे। लोग यह सवाल करने लगे हैं कि आखिर इन संतों को महिलाओं पर बयान देने की इतनी जरूरत क्यों महसूस हो रही है। कुछ ने इसे 'डिजिटल वायरलिटी की लालसा' बताया, तो कुछ ने इसे सीधे-सीधे स्त्री विरोधी मानसिकता करार दिया।
I can proudly say that Premanand Maharaj is absolutely right.
— Ritikaa (@ritikuuuu) July 30, 2025
The ones feeling offended are those who know deep down that they dont belong to that 2-4%. pic.twitter.com/8Fsx1c9M0k
कई यूजर्स ने किया समर्थन
एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा है कि क्या प्रेमानंद महाराज ने कभी आसाराम और गुरमीत राम रहीम के बारे में बोला है। एक और यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा है 'उन्होंने बच्चे-बच्चियां दोनों की बात की है तुम सिर्फ आधी बात ही क्यों बता रहे हो। एक यूजर ने उनके बयान का समर्थन करते हुए हुए लिखा कि गलत क्या बोले हैं? जनसामान्य के लिए उन्होंने वही बोला है, जो हकीकत है। इसमें सिर्फ लड़कियों पर उन्होंने टिप्पणी नहीं की... लड़कों पर भी की है। लेकिन औसतन मीडिया की तरह इस बात को भी ऐसे प्रसारित किया जा रहा है, जैसे प्रेमानंद जी ने सिर्फ लड़कियों पर टिप्पणी की।
सौ में चार लड़कियां ही पवित्र"कहने वाले मनुवादी बाबा,
— B_L Bairwa (@BSSVERMA) July 29, 2025
पहले ये बताओ आप कितने पवित्र हैं
दशरथ की 3, कृष्ण की 16,108,ब्रह्मा, शिव, विष्णु – सबकी कई पत्नियां।
क्या उन्हें भी अपवित्र कहोगे?
ऐसे बाबा संत नहीं, समाज को गुमराह करने वाले पाखंडी हैं।#Premanand
pic.twitter.com/LyR3oJ8Hrb
राजभर ने नकारा
यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज के बयान को सिरे से नाकारा हैं। उनका कहना हैं कि 'हम उनकी बातों से सहमत नहीं है क्योकि आज आधी आबादी महिलाओं की हैं इतना ही नहीं भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बैठी हैं। राजभर आगे कहते हैं कि भारत की प्रधानमंत्री दिवगंत इंदिरा गांधी रही थी और तो और मायावती जो कि उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री रही थी। Edited by : Sudhir Sharma
