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क्या बिहार के पोल्ट्री में पाया गया कोरोना वायरस का संक्रमण...जानिए पूरा सच...
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच सोशल मीडिया पर अखबार की एक कटिंग जमकर वायरल हो रही है। इसमें दावा किया गया है कि बिहार स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोल्ट्री मुर्गों की जांच में कोरोना वायरस पाया गया है।
क्या है वायरल-
वायरल फोटो कथित तौर पर दैनिक जागरण का बताया जा रहा है। इसमें तारीख 12 अप्रैल 2020 लिखी है। खबर का शीर्षक है- 'बिहार स्वास्थ्य विभाग ने पोल्ट्री मुर्गी को पुनः जांच कर कोरोना वायरस पुष्टि की है।'
इस खबर में लिखा गया है- 'बिहार स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार के सुबह दस अलग - अलग जगहों से पोल्ट्री मुर्गा का सैंपल पटना ले जाया गया जहां पर पोल्ट्री मुर्गा में कोरोनावायरस थी सामने आई है स्वास्थ्य विभाग ने बिहार एवं अन्य शहरों एवं राज्य के लोगों को हिदायत देते हुए कहा है की लोग पोल्ट्री मुर्गा खाने से दूर रहे एवं पोल्ट्री उद्योग के मालिकों को हिदायत दिया है कि वह इस समय अपने उद्योग को जितना जल्दी हो सके बंद कर दे ताकि आम लोगों में वायरस न फाइलें....'
क्या है सच-
वायरल खबर में भाषा की बहुत गलतियां थीं, इसलिए वेबदुनिया को इसकी सच्चाई पर संदेह हुआ। हमने 12 अप्रैल 2020 का दैनिक जागरण का ई-पेपर खंगाला, लेकिन हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली। इसके साथ ही पता चला कि वायरल अखबार की कटिंग फर्जी है क्योंकि वायरल कटिंग में दैनिक जागरण का मास्टहेड असल अखबार से अलग है। साथ ही, तारीख इंग्लिश में लिखी गई है, जबकि हिन्दी अखबारों में अमूमन ऐसा नहीं होता है।
पड़ताल जारी रखने पर हमें बिहार स्वास्थ्य विभाग का एक फेसबुक पोस्ट भी मिला, जिसमें विभाग ने इस वायरल खबर को फर्जी बताया है। बिहार स्वास्थ्य विभाग ने लिखा है- '12 अप्रैल 2020 को कुछ अख़बारों में छपा है की स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोल्ट्री मुर्गी की जाँच में कोरोना वायरस पाया गया - यह फ़र्ज़ी खबर है और राज्य स्वास्थ्य समिति इसका खंडन करती है और आगाह करती है की तथ्यों को जाँच के उपरांत ही खबर छापी जाए।'
वेबदुनिया की पड़ताल में पाया गया है कि बिहार स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोल्ट्री मुर्गों की जांच में कोरोना वायरस पाए जाने की वायरल खबर फर्जी है।
क्या है वायरल-
वायरल फोटो कथित तौर पर दैनिक जागरण का बताया जा रहा है। इसमें तारीख 12 अप्रैल 2020 लिखी है। खबर का शीर्षक है- 'बिहार स्वास्थ्य विभाग ने पोल्ट्री मुर्गी को पुनः जांच कर कोरोना वायरस पुष्टि की है।'
इस खबर में लिखा गया है- 'बिहार स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार के सुबह दस अलग - अलग जगहों से पोल्ट्री मुर्गा का सैंपल पटना ले जाया गया जहां पर पोल्ट्री मुर्गा में कोरोनावायरस थी सामने आई है स्वास्थ्य विभाग ने बिहार एवं अन्य शहरों एवं राज्य के लोगों को हिदायत देते हुए कहा है की लोग पोल्ट्री मुर्गा खाने से दूर रहे एवं पोल्ट्री उद्योग के मालिकों को हिदायत दिया है कि वह इस समय अपने उद्योग को जितना जल्दी हो सके बंद कर दे ताकि आम लोगों में वायरस न फाइलें....'
वायरल खबर में भाषा की बहुत गलतियां थीं, इसलिए वेबदुनिया को इसकी सच्चाई पर संदेह हुआ। हमने 12 अप्रैल 2020 का दैनिक जागरण का ई-पेपर खंगाला, लेकिन हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली। इसके साथ ही पता चला कि वायरल अखबार की कटिंग फर्जी है क्योंकि वायरल कटिंग में दैनिक जागरण का मास्टहेड असल अखबार से अलग है। साथ ही, तारीख इंग्लिश में लिखी गई है, जबकि हिन्दी अखबारों में अमूमन ऐसा नहीं होता है।
पड़ताल जारी रखने पर हमें बिहार स्वास्थ्य विभाग का एक फेसबुक पोस्ट भी मिला, जिसमें विभाग ने इस वायरल खबर को फर्जी बताया है। बिहार स्वास्थ्य विभाग ने लिखा है- '12 अप्रैल 2020 को कुछ अख़बारों में छपा है की स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोल्ट्री मुर्गी की जाँच में कोरोना वायरस पाया गया - यह फ़र्ज़ी खबर है और राज्य स्वास्थ्य समिति इसका खंडन करती है और आगाह करती है की तथ्यों को जाँच के उपरांत ही खबर छापी जाए।'वेबदुनिया की पड़ताल में पाया गया है कि बिहार स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोल्ट्री मुर्गों की जांच में कोरोना वायरस पाए जाने की वायरल खबर फर्जी है।
