प्रेम संदेश पहले और अब
प्रेम पत्र की जगह ली ई-कार्ड ने
|
पहले के जमाने में प्रेम-संदेश कबूतर या मुसाफिर के माध्यम से प्रेषित किए जाते थें। उस जमाने के प्रेमियों में इतना धैर्य होता था कि वे कई दिनों तक संदेश के उत्तर का इंतजार भी कर लेते थें परंतु आजकल के प्रेमियों में सब्र नाम की चीज ही नहीं होती है। उनको तो इज़हार और प्यार दोनों में ही देरी बर्दाश्त नहीं होती है।
अपने प्रेमी का दिल जीतने के लिए हर कोई अलग-अलग तरीके अपनाता है। कोई प्रेमी अपनी प्रेमिका का नाम का टेटू अपने शरीर पर गुदवाता है तो कोई उसके लिए आलीशान बंगला बनवाता है। हर किसी के प्यार के इज़हार का तरीका अनूठा व कुछ हट कर होता है।
| |
आज भी कॉलेज में किताबों के माध्यम से प्रेम संदेशों का आदान-प्रदान होता है तो एक-दूसरे के दोस्तों को संदेशवाहक बनाकर प्यार का संदेश भेजा जाता है।
प्यार का इज़हार करने के तरीके कुछ भी हो परंतु मकसद केवल एक होता है और वो है अपनी प्रेमी तक अपने दिल की बात पहुँचाना। तो क्यों न आप भी इस वेलेंटाइन पर अपने प्यार को एक प्यारा सा संदेश भेजकर अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करें।
