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Last Modified: लखनऊ , गुरुवार, 18 सितम्बर 2025 (19:42 IST)

5 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के साथ नवंबर में होगी जीबीसी

Land allotment to industrial units
  • साढ़े आठ वर्षों में 15 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे
  • भूमि अधिग्रहण में संवाद व समन्वय को प्राथमिकता, किसानों की संतुष्टि और उनका हित सुरक्षित करने के निर्देश
  • बोले मुख्यमंत्री, भूमि से किसानों का भावनात्मक संबंध, अधिग्रहण पर मुआवजा दर बढ़ाने पर हो विचार
  • औद्योगिक इकाइयों को आवंटित भूमि तीन साल में उपयोग न होने पर होगी रद्द
  • नोएडा क्षेत्र में फिनटेक हब विकसित करने पर मुख्यमंत्री का जोर, कहा बैंकिंग व निर्यात को बढ़ावा देने के हों प्रयास
  • मुख्यमंत्री का निर्देश और सरल व सहज बनाएं निवेश मित्र और निवेश सारथी पोर्टल, निवेशकों को कतई न लगाना पड़े दफ्तरों का चक्कर
  • 22 सितम्बर से लागू हो रहे जीएसटी सुधार का आम नागरिक को लाभ मिलना सुनिश्चित करायें: मुख्यमंत्री
  • हर जिले में सरदार पटेल रोजगार ज़ोन विकसित करने की कार्ययोजना पर मंथन, उद्योग व रोजगार का नया मॉडल बनेगा यूपी
  • 2025-26 में विनिर्माण क्षेत्र का 5 लाख करोड़ रुपए GVA लक्ष्य
Uttar Pradesh Government: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 लाख करोड़ से अधिक की निजी निवेश परियोजनाओं के साथ पांचवें ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के आयोजन की तैयारी के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को औद्योगिक विकास विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र के साथ बीते साढ़े 8 वर्षों में अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जा चुकी है। इसके माध्यम से 15 लाख करोड़ से अधिक की औद्योगिक परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं तथा 60 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी एवं रोजगार की गारंटी मिली। अब आगामी नवंबर माह में जीबीसी@5 के आयोजन की तैयारी की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी विभाग समयबद्ध तरीके से कार्यवाही सुनिश्चित करें और प्रत्येक निवेश प्रस्ताव की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
 
विभिन्न निजी औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन के प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सामंजस्य के साथ ही होनी चाहिए। अपनी भूमि के साथ हर किसी का एक भावनात्मक संबंध होता है। यह उसके जीवन भर की पूंजी है। यदि प्रदेश हित में उनकी भूमि का अधिग्रहण आवश्यक है तो उन्हें अच्छा मुआवजा मिलना चाहिए। कहीं से भी उत्पीड़न की शिकायत नहीं आनी चाहिए। संवाद और समन्वय से यह काम बड़ी आसानी से हो सकता है। सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप भूमि अधिग्रहण के लिए वर्तमान मुआवजे की दर में बढ़ोतरी पर विचार करें। यह समय की मांग है, इसी में किसानों का हित है।
 
निर्यात प्रोत्साहन के प्रयासों को बढ़ाने की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी में से किसी एक क्षेत्र में फिनटेक हब विकसित किया जाए। यहां बड़े बैंकिंग संस्थाओं के कार्यालय हों। उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्यात को और बेहतर करने के लिए नियोजित प्रयास की आवश्यकता है।
 
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि भूमि आवंटन के उपरांत भूमि का समुचित उपयोग न करने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटन अधिकतम तीन वर्षों के उपरांत रद कर दिया जाए। वह भूमि अन्य निवेशक को आवंटित किया जाना चाहिए।
 
मुख्यमंत्री ने निवेश मित्र और निवेश सारथी पोर्टलों को और अधिक सहज व सरल बनाए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि निवेशक छोटा हो या बड़ा, कार्यालयों के चक्कर किसी को भी न लगाना पड़े। आगामी 22 सितंबर से प्रभावी होने जा रहे जीएसटी सुधारों का लाभ हर आम नागरिक को मिलना सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि इससे आम आदमी को सीधा लाभ होगा।
 
बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित विशेष रोजगार जोन के विकास की कार्ययोजना पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध रूप से सभी जिलों में कम से कम 100 एकड़ में इस रोजगार जोन का विकास किया जाना है, इसके लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। यह क्षेत्र उद्योग, निवेश, उद्यमिता, नवाचार, कौशल विकास और रोजगार का हब होगा। यह कार्ययोजना पूरे देश में एक मॉडल बनेगी। 
 
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2025-26 के लिए विनिर्माण क्षेत्र का 5 लाख करोड़ का GVA लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए फैक्ट्री अधिनियम के अंतर्गत 8,000 नई/विद्यमान इकाइयों का पंजीकरण आवश्यक है। अभी तक 1,354 इकाइयों का पंजीकरण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने श्रम सुधारों की प्रक्रिया को और तेज करने और अप्रयुक्त औद्योगिक भूखंडों को सक्रिय करने के निर्देश दिए।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
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