ramcharitmanas

Ayodhya : BJP के लिए क्यों चुनौतीपूर्ण बनी मिल्कीपुर विधानसभा सीट, क्या CM योगी की रणनीति से मिल पाएगी जीत

Updated: गुरुवार, 16 जनवरी 2025 (19:12 IST)
अयोध्या जनपद की मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र हमेशा ही भाजपा के संघर्षपूर्ण सीट रही है। 1967 में अस्तित्व में आई मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में अब तक केवल 3 बार ही भाजपा को जीत हासिल हो पाई है। भाजपा के लिए हमेशा यह चुनावी क्षेत्र चुनौतीपूर्ण ही रहा है। भाजपा को इस क्षेत्र से सबसे पहली सफलता  1969 में भारतीय जनसंघ के प्रत्याशी रहे हरिनाथ तिवारी के नाम के साथ हुई लेकिन उसके बाद भाजपा के लिए मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र से जीत एक सपना-सा हो गया भाजपा को दूसरी जीत 24 वर्षों के बाद राम लहर के दवरान वर्ष 1991 में भाजपा प्रत्याशी मथुरा प्रसाद तिवारी को मिली थी।

इसके बाद तीसरी जीत के लिए भाजपा को और भी इंतजार करना पड़ा। 2017 में भाजपा के प्रत्याशी गोरखनाथ बाबा को मिली थी जिन्होंने फैज़ाबाद लोकसभा सीट से सपा के नवनिर्वचित सांसद अवधेश प्रसाद को हराया था, किंतु 2022 के विधानसभा चुनाव में मिल्कीपुर के मतदाताओं ने सपा प्रत्याशी अवधेश प्रसाद को विधायक चुना जिन्होंने फैज़ाबाद लोकसभा सीट से सांसद चुने जाने के बाद मिल्कीपुर सीट से इस्तीफा दिया।
ALSO READ: अयोध्या मिल्कीपुर उपचुनाव के नतीजे 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अहम हो सकते हैं
इसके लिए यहां उप चुनाव होने जा रहा है। समाजवादी पार्टी ने सांसद अवधेश प्रसाद के पुत्र अजीत प्रसाद को टिकट दिया है तो भाजपा ने दो बार से जिला पंचायत सदस्य रहे चंद्रभानु पासवान को प्रत्याशी बनाया है। इस चुनाव की कमान उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं अपने हाथों में ली है।

इस क्षेत्र के उपचुनाव के लिए मुख्यमंत्री योगी ने एक तेजतरार टीम बनाई है। इसका नेतृत्व स्वयं करते हुए टीम में अपनी कैबिनेट के 7 तेजतर्रार मंत्रियों को जिम्मेदारी के रूप में रखा है जो बराबर चुनावी क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और शायद इसी आत्मविश्वास के बलबूते भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता अतिउत्साहित भी कि इस क्षेत्र में भगवा ध्वज लहराने से कोई रोक नहीं सकता।
ALSO READ: मिल्कीपुर से चंद्रभान पासवान भाजपा उम्मीदवार, सपा के अजीत प्रसाद से मुकाबला
दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी अपना पूरा दमखम लगाए हैं कि दुबारा से फिर इस सीट पऱ सपा का कब्जा हासिल हो सके लेकिन इनकी स्फूर्ति व जोश में वह ताजगी नहीं दिख रही है जो कभी देखने को मिलती थी, जिससे उम्मीद को बल मिल सकता है कि भाजपा के जख्मों को भरने में मिल्कीपुर उपचुनाव कि जीत काफी मददगार साबित हो सकती है।

लेखक के बारे में
संदीप श्रीवास्तव
संदीप श्रीवास्तव करीब 25 वर्ष से ज्यादा समय से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वेबदुनिया के लिए उत्तर प्रदेश में स्ट्रिंगर के रूप में कार्य करते हैं। .... और पढ़ें

Show comments

ChatGPT का 80s Photo Trend वायरल, ऐसे बनाएं अपनी तस्वीर को 1980 के दशक की रेट्रो फोटो

इंदौर नगर निगम की हरकत, अपोलो टॉवर सील किया तो बेजुबान कुत्‍तों को भी अंदर कैद कर दिया, लोगों ने दी गालियां

FAS की रिपोर्ट देख सो नहीं पाएगा पाकिस्तान, भारत के पास करीब 190 Nuclear Warheads होने का अनुमान, नए मिसाइल सिस्टम से बढ़ सकता है जखीरा

iPhone Duo यहां मिल रहा सबसे सस्ता, भारत से करीब 1 लाख रुपए कम है कीमत, iPhone 18 Pro और Pro Max की कीमत भी जानिए

इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी ने मांगी छात्रों से राय, कहा एजुकेशन सिस्टम में उम्मीद खो चुके स्टूडेंट

सभी देखें

बाबा बागेश्वर की अपील के बीच बंगाल में मछली भोग पर सियासत, कालीघाट मंदिर में BJP CM शुभेंदु अधिकारी ने खाया Fish Bhog

उत्तराखंड में 17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान', 17 अक्टूबर तक चलेगा, CM पुष्कर सिंह धामी ने दी जानकारी

चेन्नई में Garuda Aerospace की डिफेंस ड्रोन फैक्ट्री पहुंचे सेना के वरिष्ठ अधिकारी, स्वदेशी तकनीक का लिया जायजा

महिलाओं के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की जरूरत, मुकेश अंबानी ने 'अपराजिता' के विमोचन पर कही बड़ी बात

BRICS Summit 2026 : PM मोदी और पुतिन की अहम मुलाकात, डिफेंस और एनर्जी सहयोग पर अहम फैसले

अगला लेख