10 बातों से जानिए किन पर मेहरबान है मोदी सरकार, बजट में किसको हुआ नुकसान

Last Updated: शुक्रवार, 5 जुलाई 2019 (14:03 IST)
नई दिल्ली। मोदी सरकार-2 का पहला बहुप्रतीक्षित बजट सामने आ गया है। इसमें जहां अमीरों पर टैक्स बढ़ाया गया है, वहीं गांव, गरीब और किसान का ध्यान रखा गया है। नई शिक्षा नीति लाने का भी सरकार ने ऐलान किया है, जिससे युवाओं को फायदा मिलेगा। 'नारी से नारायणी' में सरकार ने महिलाओं का खास ध्यान रखा है। आइए जानते हैं बजट की 10 खास बातें...
सस्ते घर पर छूट : वित्तमंत्री ने बजट में 45 लाख रुपए तक हाउसिंग लोन पर टैक्स की छूट सीमा बढ़ाई है। अब यह लिमिट 2 लाख से बढ़ाकर 3.5 लाख कर दी गई है। इस घोषणा से मध्यम वर्ग के जो लोग मकान खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें आयकर में छूट मिलेगी।

अमीरों पर ज्यादा टैक्स : अमीरों को अब ज्यादा टैक्स चुकाना होगा। 2 से 5 करोड़ की टैक्सेवल इनकम पर अब 3 प्रतिशत ज्यादा टैक्स चुकाना होगा, जबकि 5 करोड़ से ज्यादा पर अब 7 फीसदी ज्यादा टैक्स देना होगा। हालांकि 2 करोड़ तक की आय पर टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

शिक्षा : सरकार एक करोड़ छात्रों के लिए स्किल योजना चलाएगी, जबकि विदेशी छात्रों को भारत में शिक्षा के लिए आकर्षित करने के लिए ‘स्टडी इन इंडिया’ कार्यक्रम चलाएगी। सरकार ने कहा है कि देश के लिए नई शिक्षा नीति आ रही है। शीर्ष संस्थानों के लिए 400 करोड़ की घोषणा की गई है, वहीं राष्ट्रीय शोध परिषद् स्थापित करने की घोषणा भी की गई है। सभी मंत्रालय के फंड को इसमें समाहित किया जाएगा।

महिला : देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्तमंत्री ने अपने पहले बजट में 'नारी से नारायणी' पर जोर दिया गया है। अब महिलाओं के नेतृत्व में योजनाएं चलेंगी। साथ ही मुद्रा योजना के तहत महिलाओं को 1 लाख रुपए तक का लोन दिया जाएगा। उन्होंने महिलाओं के लिए जनधन खाता वाले हर स्वयं सहायता समूह की सत्यापित महिला सदस्य को 5,000 रुपए की ओवरड्राफ्ट सुविधा देने का ऐलान भी किया।
59 सेंकड में 1 करोड़ का लोन : बजट में छोटे उद्योगों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई। छोटे कारोबारियों को अब मात्र 59 सेकंड में 1 करोड़ रुपए तक का लोन मिल सकेगा। नया स्टार्टअप शुरू करने वालों की मदद के लिए एक नया टीवी चैनल शुरू किया जा रहा है। साथ ही स्टार्टअप के लिए जुटाए गए धन की आयकर जांच भी नहीं होगी।

गांव, गरीब और किसान : सरकार ने बजट में गांव, गरीब और किसानों का खास ध्यान रखा है। 2022 तक हर ग्रामीण को गैस और बिजली का कनेक्शन मिल जाएगा। पीएसयू की जमीनों पर सस्ते घर बनाए जाएंगे। पहले घर बनाने में 314 दिनों का समय लगता था पर अब यह काम भी मा‍त्र 114 दिन में हो जाएगा। अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाएंगे। साथ ही कृषि से संबधित ग्रामीण उद्योग में 75 हजार नए उद्यमी तैयार करने की भी योजना है।
दुकानदारों को पेंशन : वित्तमंत्री ने बजट में छोटे और मध्यम खुदरा दुकानदारों के लिए पेंशन देने का ऐलान किया है। इससे करीब 3 करोड़ दुकानदारों को फायदा होगा। सरकार इस योजना के तहत ऐसे दुकानदारों को फायदा देगी जिनका टर्नओवर 1.5 करोड़ तक होगा। पेंशन बैंक खाते और आधार कार्ड के जरिए मिलेगी।

विदेशी निवेश : बीमा में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश होगा। मीडिया, विमानन क्षेत्र में भी एफडीआई बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। भारत को एफडीआई का फेवरेट डेस्टीनेशन बनाया जाएगा। सिंगल ब्रांड रिटेल में भी विदेशी निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया है। देश में हर साल ग्लोबल इंवेस्टमेंट मीट आयोजित करने का प्रस्ताव भी किया गया है।
कार्पोरेट टैक्स : पहले प्रत्यक्ष कर से सरकार को 6.38 लाख करोड़ रुपए मिलते थे लेकिन 2018-19 में प्रत्यक्ष कर संग्रह 78 प्रतिशत बढ़कर 11.37 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इससे खुश सरकार ने कार्पोरेट कर में बड़ी छूट की घोषणा कर दी। अब 400 करोड़ वाली कंपनियों को 25 प्रतिशत टैक्स देना होगा। पहले 250 करोड़ तक की कंपनियों के लिए यह व्यवस्था थी।

टैक्स रिटर्न में आसानी : सरकार ने यूं तो मध्यम वर्ग के लिए बजट में राहत की कोई बड़ी घोषणा नहीं की है, लेकिन प्रक्रिया को थोड़ा आसान बनाने की घोषणा जरूर की है। यदि आपके पास पैन कार्ड नहीं है तो आधार कार्ड के जरिए आप इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।

 

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