आँगन में मेरे आके खड़ी हो गई है धूप
अपने ही घर में जब न मिला इसको आसरा,
आँगन में मेरे आके खड़ी हो गई है धूप - अज़ीज़ अंसारी
आँगन में मेरे आके खड़ी हो गई है धूप - अज़ीज़ अंसारी

