टी राजा सिंह को दिया टिकट, तेलंगाना में भाजपा की पहली सूची जारी
Telangana BJP first list of candidates : भाजपा ने रविवार को तेलंगाना में 52 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। पार्टी ने टी राजा सिंह का निलंबन रद्द कर उन्हें गोसामहल से उम्मीदवार बनाया है।
पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख किशन रेड्डी ने कहा कि भाजपा ने तेलंगाना के अपने विधायक राजा सिंह का निलंबन रद्द कर दिया है। कुछ ही देर बाद उन्हें टिकट दे दिया गया।
पहली सूची में पार्टी ने 12 महिलाओं को उम्मीदवार घोषित किया है। 3 सांसदों को चुनाव मैदान में उतारा हैं। बंदी संजय कुमार को करीम नगर और सोयम बापू राव को बोएथ और अरविंद धरमपुरी को कोरातला से टिकट दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि तेलंगाना में 30 नवंबर को एक चरण में मतदान होगा। वोटो की गिनती 3 दिसंबर को होगी।BJP releases the first list of candidates for the upcoming Assembly Elections in Telangana.
— ANI (@ANI) October 22, 2023
Party MPs Soyam Bapu Rao fielded from Boath, Arvind Dharmapuri from Koratla and Bandi Sanjay Kumar from Karimnagar.
T Raja Singh to contest from Goshamahal. pic.twitter.com/IkghIilEpM
कौन हैं टी राजा सिंह
दरअसल, टी राजा का जन्म 15 अप्रैल 1977 को हैदराबाद के धूलपेट में एक लोध परिवार में हुआ था। धूलपेट अवैध शराब और नशीली दवाओं की तस्करी का केंद्र माना जाता है। धूलपेट के लोध खुद को राजपूतों का वंशज बताते हैं। टी राजा इसी इलाके से आते हैं। बता दें कि टी राजा सिंह ने शुरुआत में अपने घर के बाहर ऑडियो और वीडियो कैसेट बेचने की एक दुकान चलाई। बाद में इसे बंद करके इलेक्ट्रिक वायरिंग का बिजनेस शुरू कर दिया। उनके परिवार में कोई राजनीति बैकग्राउंड नहीं रहा है। कहा जाता है कि उनके पूर्वज देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाते थे। बाद में टी राजा ने भी अपने पारिवारिक कारोबार को जारी रखा।
टी राजा सिंह की राजनीति
टी राजा सिंह पहले तेलुगू देशम पार्टी के सदस्य रहे हैं। इस बीच उनका संबंध बजरंग दल से भी बताया जाता है। वे बाद में बीजेपी में शामिल हो गए और विधायक बने। हालांकि विवादित बयानों के चलते उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। अब उन्हें न सिर्फ पार्टी में शामिल किया गया बल्कि टिकट भी दिया गया है।
राजा का अपराधों से पुराना नाता
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टी राजा का विवादों से पुराना कनेक्शन रहा है। रिपोर्ट बताती है कि उन पर अब 75 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें से कम से कम 30 मामले धार्मिक भावनाएं आहत करने और दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने के हैं। 17 मामले दंगा करने के हैं तो वहीं खतरनाक हथियार रखने और एक मामला हत्या के प्रयास से जुड़ा है। 2018 में टी राजा की ओर से दाखिल चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनके खिलाफ 43 आपराधिक मामले हैं। इनमें से 16 में चार्जशीट फाइल हो चुकी है।

