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Last Modified: शुक्रवार, 29 दिसंबर 2023 (21:35 IST)

छत्तीसगढ़ में मंत्रियों को मिले विभाग, मध्य प्रदेश में अभी भी इंतजार

छत्तीसगढ़ में मंत्रियों को मिले विभाग, मध्य प्रदेश में अभी भी इंतजार - Chhattisgarh ministers get departments, still waiting in Madhya Pradesh
Ministers get portfolios in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों को विभागों की जिम्मेदारी दे दी। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश में मंत्रियों के नामों की घोषणा तो कर दी गई है, लेकिन अभी तक विभागों का बंटवारा नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि मप्र में भी जल्द ही मंत्रियों को विभाग बांट दिए जाएंगे। 
 
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु साय के पास सामान्य प्रशासन, खनिज साधन, ऊर्जा, जनसंपर्क, वाणिज्यिक कर (आबकारी) और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव को लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, विधि और विधायी कार्य तथा नगरीय प्रशासन विभाग जिम्मेदारी दी गई है।
 
उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को गृह एवं जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
 
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, संसदीय कार्य, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की जिम्मेदारी दी है।
 
इसके अलावा राम विचार नेताम के पास आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग की जिम्मेदारी होगी।
 
उन्होंने बताया कि साय मंत्रिमंडल के सदस्य दयाल दास बघेल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और केदार कश्यप वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता विभाग के मंत्री होंगे।
 
लखनलाल देवांगन को वाणिज्य और उद्योग एवं श्रम विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
 
अधिकारियों ने बताया कि मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को जन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा और बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग तथा ओपी चौधरी को वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक तथा सांख्यिकी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
 
मुख्यमंत्री ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण और टंकराम वर्मा को खेलकूद एवं युवा कल्याण तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है।
 
राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 54 सीट जीतकर विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार बनाई है। इस चुनाव में कांग्रेस को 35 और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को एक सीट मिली है। चुनाव में जीत के बाद 13 दिसंबर को एक समारोह में विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री तथा अरुण साव और विजय शर्मा ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
 
अब मंत्री का एक पद खाली : बाद में राजभवन में 22 दिसंबर को नौ विधायक- बृजमोहन अग्रवाल, रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओपी चौधरी, टंक राम वर्मा और लक्ष्मी राजवाड़े, ने मंत्री पद की शपथ ली थी। 90 सदस्यीय विधानसभा वाले छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों की संख्या 13 हो सकती है। वर्तमान में राज्य मंत्रिमंडल में कुल 12 सदस्य हैं।
 
सबसे ज्यादा ओबीसी : राज्य मंत्रिमंडल के 12 में से छह सदस्य- अरुण साव, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओपी चौधरी, टंक राम वर्मा और लक्ष्मी राजवाड़े, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से हैं। तथा तीन सदस्य- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, रामविचार नेताम और केदार कश्यप, अनुसूचित जनजाति (एसटी) से हैं।
 
मंत्रिमंडल में अनुसूचित जाति (एससी) से एक सदस्य दयालदास बघेल हैं तथा सामान्य वर्ग से दो सदस्य विजय शर्मा और बृजमोहन अग्रवाल हैं। इसके साथ ही राजवाड़े मंत्रिमंडल में एकमात्र महिला सदस्य हैं। (भाषा/वेबदुनिया)
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