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हरतालिका तीज पर वैवाहिक जीवन सुखमय बनाने के लिए करें ये 4 अचूक उपाय
hartalika teej ke upay: हरतालिका तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट प्रेम और त्याग का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए कठोर व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर आप इस दिन कुछ विशेष उपाय करती हैं, तो आपका वैवाहिक जीवन और भी मधुर और सुखमय हो सकता है। आइए जानते हैं :
1. खीर का भोग
हरतालिका तीज के दिन, पूजा के दौरान माता गौरी को खीर का भोग अवश्य लगाना चाहिए। खीर प्रेम और मिठास का प्रतीक मानी जाती है। पूजा के बाद इस खीर को प्रसाद के रूप में अपने पति को खिलाएं। ऐसा माना जाता है कि इससे पति-पत्नी के रिश्ते में मिठास और आपसी समझ बढ़ती है, और उनका जीवन प्रेम से भर जाता है।
2. सोलह श्रृंगार का महत्व
इस पर्व पर सुहागन स्त्रियों को निर्जला व्रत रखना चाहिए। शाम को 16 श्रृंगार करके भगवान शिव के मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करनी चाहिए। सोलह श्रृंगार, जिसे अष्टदल श्रृंगार भी कहते हैं, माता पार्वती के प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक है। सोलह श्रृंगार करके पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि होती है। यह क्रिया पति-पत्नी के रिश्ते को और भी मजबूत बनाती है।
3. मंत्र का जाप
पूजा करने के बाद, 'ओम गौरी शंकर ओम नमः' मंत्र का जाप करना बेहद शुभ माना जाता है। यह मंत्र भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है और उनके आशीर्वाद को आकर्षित करता है। इस मंत्र का जाप करने से वैवाहिक जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और पति-पत्नी के बीच तालमेल और प्रेम बढ़ता है।
4. इन चीजों को चढ़ाने का है महत्व
हरतालिका तीज के दिन मां गौरी को लाल वस्त्र और सोलह श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करना बहुत महत्वपूर्ण है। लाल रंग प्रेम और सौभाग्य का प्रतीक है। माता को चढ़ाई जाने वाली चुनरी में अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21, या 101 रुपये जरूर बांधें। पूजा संपन्न होने के बाद, इन पैसों को अपने पास सुरक्षित रखें। ऐसी मान्यता है कि यह धन आपकी समृद्धि और सौभाग्य को बढ़ाता है और आपके दांपत्य जीवन को हमेशा सुखमय बनाए रखता है।
1. खीर का भोग
हरतालिका तीज के दिन, पूजा के दौरान माता गौरी को खीर का भोग अवश्य लगाना चाहिए। खीर प्रेम और मिठास का प्रतीक मानी जाती है। पूजा के बाद इस खीर को प्रसाद के रूप में अपने पति को खिलाएं। ऐसा माना जाता है कि इससे पति-पत्नी के रिश्ते में मिठास और आपसी समझ बढ़ती है, और उनका जीवन प्रेम से भर जाता है।
2. सोलह श्रृंगार का महत्व
इस पर्व पर सुहागन स्त्रियों को निर्जला व्रत रखना चाहिए। शाम को 16 श्रृंगार करके भगवान शिव के मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करनी चाहिए। सोलह श्रृंगार, जिसे अष्टदल श्रृंगार भी कहते हैं, माता पार्वती के प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक है। सोलह श्रृंगार करके पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि होती है। यह क्रिया पति-पत्नी के रिश्ते को और भी मजबूत बनाती है।
पूजा करने के बाद, 'ओम गौरी शंकर ओम नमः' मंत्र का जाप करना बेहद शुभ माना जाता है। यह मंत्र भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है और उनके आशीर्वाद को आकर्षित करता है। इस मंत्र का जाप करने से वैवाहिक जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और पति-पत्नी के बीच तालमेल और प्रेम बढ़ता है।
4. इन चीजों को चढ़ाने का है महत्व
हरतालिका तीज के दिन मां गौरी को लाल वस्त्र और सोलह श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करना बहुत महत्वपूर्ण है। लाल रंग प्रेम और सौभाग्य का प्रतीक है। माता को चढ़ाई जाने वाली चुनरी में अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21, या 101 रुपये जरूर बांधें। पूजा संपन्न होने के बाद, इन पैसों को अपने पास सुरक्षित रखें। ऐसी मान्यता है कि यह धन आपकी समृद्धि और सौभाग्य को बढ़ाता है और आपके दांपत्य जीवन को हमेशा सुखमय बनाए रखता है।
इन उपायों को सच्चे मन और श्रद्धा के साथ करने से माता पार्वती और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और प्रेम बना रहता है।
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