सूर्य ग्रहण 2022 : कब, कैसे, क्यों और कहां, जानिए 25 खास बातें

Last Updated: शुक्रवार, 29 अप्रैल 2022 (13:59 IST)
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: वर्ष 2022 का पहला सूर्य ग्रहण होने जा रहा है। आओ जानते हैं कि यह सूर्य ग्रहण कब प्रारंभ होगा, कहां दिखा देगा, कब इसका मोक्ष काल होगा, कैसा दिखाई देगा और इसी तरह की अन्य 25 खास बातें।


1. किस तारीख को लगेगा सूर्य ग्रहण : वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल 2022 को लगेगा।

2. किस समय लगेगा सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse 2022 Surya Grahan 2022 Timings In India ) : भारतीय समय के अनुसार रात 12:15 से प्रारंभ होगा।
जहां दिखाई देगा वहां का समय दोपहर 12.15 मिनट पर शुरू होगा तथा शाम 04.07 मिनट पर समाप्त होगा। स्थानीय समयानुसार इसके समय में अंतर रहेगा।
3. कहां-कहां नजर आएगा सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2022 visibility) : सूर्यग्रहण दक्षिण अमेरिका का दक्षिण-पश्चिमी भाग, प्रशांत महासागर, अटलांटिक और अंटार्कटिका महासागर क्षेत्र। यानी यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा।

4. आंशिक है यह सूर्य ग्रहण : ज्योतिष शास्त्र (Astrology) मान्यता है कि जब भी सूर्य ग्रहण लगता है तो इसका असर संपूर्ण धरती पर पड़ता है। हालांकि वर्ष के पहले सूर्य ग्रहण को आंशिक ग्रहण कहा जा रहा है।
5. क्या होता है आंशिक सूर्य ग्रहण (Anshik surya grahan) : आंशिक ग्रहण तब होता है जब सूर्य और चंद्रमा एक सीधी लाइन में नहीं होते और चंद्रमा सूर्य के एक हिस्से को ही ढंक पाता है। यह स्थिति खण्ड-ग्रहण कहलाती है खंडग्रास का अर्थ अर्थात वह अवस्था जब ग्रहण सूर्य या चंद्रमा के कुछ अंश पर ही लगता है। अर्थात चंद्रमा सूर्य के सिर्फ कुछ हिस्से को ही ढंकता है।

6. किन राशियों पर पड़ेगा इस ग्रहण का प्रभाव (The effect of this eclipse will be on the zodiac signs): मेष, सिंह और धनु। तीनों के लिए यह ग्रहण शुभ है।
7. दान पुण्य का मुहूर्त (surya grahan me daan) : ग्रहण के बाद दान पुण्य करने का महत्व है। ग्रहण के पश्चात मंदिर में सीधा रखना, सफाईकर्मी को सिक्के दान देने का खास महत्व है। इस दिन सूर्य के संबंधित दान करें। जैसे गेहूं, तांबे और गुड़ का दान करें।

8. सूतक काल (Sutak Kaal) : यह सूर्य ग्रहण जहां दिखाई देगा वहां ही सूतक काल मान्य होगा। ये सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। इसलिए भारत में इस सूर्य ग्रहण का धार्मिक प्रभाव और सूतक मान्य नहीं होगा। हालांकि जो भारतीय विदेश में ग्रहण वाले स्थान पर रह रहे हैं वे सूतक काल का पालन करें।
9. कब लगता है सूतककाल
(Sutak Kaal) :
आमतौर पर सूतक काल ग्रहण लगने से ठीक 12 घंटे पहले लग जाता है।

10. क्या करें इस अमान्य सूतक ग्रहण में (Sutak kaal me kya na kare) : यह सही है कि भारत में सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा तो इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। फिर भी सावधानी रखें। भोजन और पानी में तुलसी का प्रयोग करके ही उन्हें उपयोग में लें। श्रमशील कार्यों और यात्रा से बचें। गर्भवती महिलाएं और बच्चे इस दौरान सावधानी रखें। घर से बाहर ना निकलें।
11. चश्मे का उपयोग करें : जहां भी यह सूर्य ग्रहण दिखाई दे रहा है वे यदि सूर्य ग्रहण देखना चाहते हैं तो अपनी आंखों की सुरक्षा के लिए एक्लिप्स ग्लास का इस्तेमाल करें। घर के बने फिल्टर या पारंपरिक धूप के चश्मे का इस्तेमाल न करें इससे आंखें खराब हो सकती है।
12. बच्चों का रखें विशेष ध्यान : जो बच्चे ग्रहण देखना चाहते हैं वे माता-पिता की देखरेख में ऐसा कर सकते हैं, क्योंकि यह तय करना जरूरी है कि बच्चे किस तरह के ग्लास से यह देख रहे हैं, कहीं ग्लास हटाकर भी तो सूर्य ग्रहण को नहीं देख रहे हैं।
13. संगीत सुनें : यह भी कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान संवेदनशील या भावुक व्यक्ति और भी भावुक या संवेदनशील हो जाते हैं। यह हमारी भावनाओं पर असर करता है और नकारात्मक भावों को जन्म देते हैं। इसलिए इस दौरान सावधान रहें। मन को किसी संगीत या मनोरंजन में लगाएं।

14. घर को शुद्ध करें : ऐसे भी कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान बैक्टीरिया और वायरसों की संख्या घट-बढ़ जाती है। ऐसे में किसी भी प्रकार का रोग नहीं हो इसके लिए ग्रहण के बाद घर की साफ-सफाई के साथ ही उसका शुद्धिकरण किया जाता है।
15. ये कार्य करना वर्जित है : मान्यता के अनुसार ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार का अग्निकर्म नहीं किया जाता है। जैसे खाना पकाना, दाह संस्कार करना आदि। हालांकि इस संबंध में किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

16. इनका प्रयोग न करें : ग्रहण के दौरान में चाकू, छुरी या तेज धार वाली वस्तुओं का प्रयोग न करें।

17. पूजा और स्नान न करें : ग्रहण के दौरान पूजा करना और स्नान करना भी शुभ नहीं माना जाता। ग्रहण के पश्चात ही यह कार्य करें।
18. मंदिर की करें सफाई : ग्रहण के दौरान घर या बार के मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। ग्रहण के बाद ही मंदिर में जल छिड़ककर पवित्र करने के बाद ही पूजा पाठ या आरती की जाती है।

19. सावधान रहें : यह भी कहा जाता है कि ग्रहण के पूर्व या बाद में 40 दिन के अंतराल में भूकंप आता है और समुद्र में तूफान भी उत्पन्न होते हैं। ऐसे में यदि आप ऐसी जगह पर रह रहे हैं जहां पर भूकंप या तूफान आने का अंदेशा ज्यादा रहता है तो आप को सावधान रहना।
20. शरीर का रखें ध्यान : कहते हैं कि ग्रहण के दौरान व्यक्ति सुस्त या थका हुआ महसूस करता है। यह भी कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान हमारी प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ता है। इसलिए आप अपने शरीर को लेकर सावधान रहें। रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने से मौसमी बीमारियों की चपेट में आ सकते हो।

21. ताजा भोजन ही करें : यह भी माना जाता है कि भोजन पर भी ग्रहण का असर होता है इसीलिए ग्रहण समाप्त होने के बाद ही भोजन पकाकर खाया जाता है। ग्रहण से दो घंटे पहले हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन खाने की सलाह दी जाती है। ग्रहण के बाद ताजे भोजन में भी तुलसी का पत्ता डालकर उसे खाया जाता है। ग्रहण के बाद भोजन ताजा ही बनाकर खाएं।
22. नॉनवेज और नशे से रहे दूर : सूर्य ग्रहण पर अमावस्या है इसलिए भी सभी तरह के नशे के साथ ही नॉनवेज दूर रहें।

23. नारियल बहाएं बहते पानी में : यदि कुंडली में सूर्य ग्रहण है तो इस दिन किसी ज्योतिष की सलाह पर 6 नारियल खुद के उपर से वार कर किसी बहते जल में बहा दें।

24. (types of solar eclipse) : ग्रहण कई प्रकार होते हैं जैसे खग्रास या पूर्ण, खंडग्रास, मान्द्य, कंकणाकृति आदि।
25. कैसे होता है सूर्य ग्रहण (How does a solar eclipse happen): सूर्य ग्रहण तब होता है जब सूर्य आंशिक अथवा पूर्ण रूप से चंद्रमा द्वारा आवृत्त हो जाए। वैज्ञानिकों के अनुसार धरती सूरज की परिक्रमा करती है और चंद्रमा धरती की परिक्रमा करता है। जब सूर्य और धरती के बीच चंद्रमा आ जाता है तो वह सूर्य की रोशनी को कुछ समय के लिए ढंक लेता है। इस घटना को ही सूर्य ग्रहण कहते हैं।



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