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Shravan 2024: श्रावण में राशिनुसार करें यह पूजन, मिलेगा स्वास्थ्य, धन और समृद्धि का आशीष

Written By WD Feature Desk
Published: शनिवार, 27 जुलाई 2024 (16:57 IST)
Sawan 2024 
 

Highlights 
 
* श्रावण में शिव की पूजा कैसे करें।
* श्रावण में भोलेनाथ को कौन सा पुष्प चढ़ाएं।
* राशि के अनुसार कैसे करें शिव जी की आराधना।
 
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Shravan Monday : सावन का महीना शिव कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम मास माना गया है। शिव पुराण के अनुसार श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ पृथ्वी पर अवतरित होकर अपनी ससुराल गए थे और वहां उनका विशेष जलाभिषेक से स्वागत हुआ था। अत: मान्यता है कि प्रतिवर्ष श्रावण में भगवान शिव अपनी ससुराल जाते हैं, इसीलिए पृथ्वी पर रहने वाली सभी लोगों के लिए इन दिनों शिव जी का पूजन-अर्चन करके उनसे वरदान पाने का यह सबसे शुभ समय होता है। 
 
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार मारकंडू ऋषि पुत्र मारकंडेय जी की अल्पायु थी, जिसके लिए मारकंडेय ने श्रावण मास में ही भगवान शिव की अराधना की थी और उन्हें भगवान शिव का साक्षात्कार हुआ था। और श्रावण मास में मारकण्डेय जी को प्रथम बार महामृत्युंजय मंत्र का साक्षात्कार हुआ था, इसलिए भी सावन मास विशेष महत्वपूर्ण है। इसीलिए श्रावण मास स्वास्थ्य, धन, समृद्धि और शिव जी का आशीष पाने के लिए उत्तम मनाना जाता है। 

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आइए यहां जानते हैं श्रावण मास और सावन सोमवार के दिन अपनी राशि के अनुसार पूजन कैसे करें :
 
12 राशि और शिव पूजन 
 
मेष- शिव जी को लाल चंदन और लाल पुष्प चढ़ाएं।
उपाय : नागेश्वराय नम: का जप करें।
 
वृष- शिव जी को चमेली का पुष्प चढ़ाएं।
उपाय : रूद्राष्टक का पाठ करें। 
 
मिथुन- शिव जी को धतूरा, भांग चढ़ाएं। 
उपाय : पंचाक्षरी स्त्रोत का पाठ करें।
 
कर्क- शिव जी का भांग मिश्रित दूध से अभिषेक करें।
उपाय : ॐ नमो भगवते रुद्राय का जप करें।
 
सिंह- शिव जी को आंकड़े के फूल अर्पित करें। 
उपाय : शिव चालीसा का पाठ करें।
 
कन्या- शिव जी को बेलपत्र धतूरा, भांग चढ़ाएं। 
उपाय : पंचाक्षरी मंत्र का जप करें।
 
तुला- जल मिश्रित दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें। 
उपाय : शिव सहस्त्रनाम स्त्रोत का पाठ करें।
 
वृश्चिक- शिव जी को गुलाब पुष्प और बेलपत्र चढ़ाएं।
उपाय : रूद्राष्टक का पाठ करें।
 
धनु- शिव जी को पीले रंग पुष्प चढ़ाकर खीर का भोग लगाएं। 
उपाय : शिव तांडव स्त्रोत का पाठ करें।
 
मकर- धतूरा, भांग, बेलपत्र, कमल पुष्प शिव जी को चढ़ाएं। 
उपाय : मां गौरी की स्तुति पाठ करें।
 
कुंभ- शिव जी का गन्ने व शहद से अभिषेक करें। 
उपाय : पंचक्षरी मंत्र का जाप करें। 
 
मीन- आप पंचामृत, पीले पुष्प शिव जी को अर्पित करें और सफेद चंदन की माला चढ़ाएं। 
उपाय : शिव पंचाक्षर स्तोत्र करें।
 
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