हिन्दू धर्म की महानता के 16 कारण...

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
‘कृण्वन्तो विश्वमार्यम’
अर्थात सारी दुनिया को श्रेष्ठ, सभ्य एवं सुसंस्कृत बनाएंगे।
हिन्दू धर्म को दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म माना जाता है। कुछ लोग इसे मूर्तिपूजकों, प्रकृति पूजकों या हजारों देवी-देवताओं के पूजकों का धर्म मानकर इसकी आलोचना करते हैं, कुछ लोग इसको जातिवादी धारणा को पोषित करने वाला धर्म मानते हैं, लेकिन यह उनकी सतही सोच या नफरत का ही परिणाम है। उन्होंने कभी उपनिषदों या गीता का अध्ययन नहीं किया। आलोचना का अधिकार उसे होना चाहिए जिसने सभी धर्मों का गहन रूप से अध्ययन किया हो। समालोचना सही है लेकिन धर्मान्तरण करने हेतु आलोचना क्षमायोग्य नहीं मानी जाएगी।
 
 
हिन्दू धर्म को जातिवाद के नाम पर तोड़े जाने का कुचक्र सैकड़ों वर्षों से जारी है। हालांकि जो लोग खुद को ऊंचा या नीचा समझते हैं उनको जातियों के उत्थान और पतन का इतिहास नहीं मालूम है। उन्होंने मुगल और अंग्रेजों के काल का इतिहास अच्छे से पढ़ा नहीं है। वे तो 70 वर्षों की विभाजनकारी राजनीति के शिकार हो चले हैं। इतिहास की जानकारी अच्छे से नहीं होने के कारण ही राजनीतिज्ञों ने नफरत फैलाकर हिन्दुओं को धर्म, जाति और पार्टियों में बांट रखा है। यह बहुत आसान है। आज हम बताएंगे आपको कि क्यों हिन्दू धर्म दुनिया का महान धर्म है।
 
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