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भारत के इन 11 पर्वतों की यात्रा जरूर करें, जानिए उनका रहस्य...

रविवार,सितम्बर 27, 2020
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रंगों का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। वैज्ञानिकों के अनुसार रंग तो मूलत: पांच ही होते हैं- कला, सफेद, लाल, नीला और पीला। काले और सफेद को रंग मानना हमारी मजबूरी है जबकि यह कोई रंग नहीं है। इस तरह तीन ही प्रमुख रंग बच जाते हैं- लाल, पीला और नीला। ...
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हनुमानजी बहुत ही जागृत देव हैं और वे सभी युगों में साक्षात विद्यमान हैं। वे बहुत ही जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं। उनकी कृपा आप पर निरंतर बनी रहे। आओ जानते हैं कि किन बातों और संकेतों से पता चलेगा कि रामदूत हनुमानजी की हम पर कृपा है या वह हमसे ...
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यह माना जाता है कि गंगा में स्नान करने से पाप धुल जाते हैं। गंगा नदी के जल को सबसे पवित्र जल माना जाता है। इसके जल को प्रत्येक हिंदू अपने घर में रखता है। ऐसा कहते हैं कि गंगा नदी दुनिया की एकमात्र नदी है जिसका जल कभी सड़ता नहीं है। वेद, पुराण, ...
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दुनिया में बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें उनके जीवन में दैवीय सहायता मिलती है। किसी को ज्यादा तो किसी को कम। कुछ तो ऐसे हैं जिन के माध्यम से उपरी या दैवीय शक्तियां अच्छा काम करवाती है। सवाल यह उठता है कि आम व्यक्ति कैसे पहचानें कि उसकी दैवीय शक्तियां ...
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एक सभ्य समाज में सबसे घातक प्रचलन चला है लिव इन रिलेशनशिप। इसे अब कानूनी मान्यता मिल चुकी है। कई लोग अब कुछ साल लिव इन में रहने के बाद दूसरे के साथ रहने चले जाते हैं और अब यह रिश्ता अपराध के चरम स्तर पर पहुंच चुका है। लिव-इन सम्बन्ध या लिव-इन ...
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हमारी धरती पर हाथी सबसे संवेदनशील प्राणी है। यह मनुष्य से ज्यादा समझदार और बुद्धिमान माना गया है। इससे भी ज्यादा संवेदनशील और बुद्धिमान जलचर प्राणी डॉल्फिन को माना जाता है। आजो जानते हैं हाथी के बारे में 10 रहस्य।
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प्रत्येक व्यक्ति जीवन में अपार धन कमाना चाहता है लेकिन लाख प्रयास के बाद भी वह सफल नहीं हो पाता है तो यह जानना जरूरी है कि उसकी असफलता का कारण क्या है। असफलता के दो कारण होते हैं पहला आपका अधूरा कर्म या दूसरा आपके भाग्य का साथ न देना। लेकिन वास्तु ...
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यदि जिंदगी बदलना है तो पढ़ें हिन्दू धर्म के ये 10 तरह के ज्ञान। सुख, संपत्ति, समृद्धि, निरोगी काया और सभी तरह की शांति मिलेगी।
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वैसे तो श्राद्ध कर्म या तर्पण करने के भारत में कई स्थान है, लेकिन पवित्र फल्गु नदी के तट पर बसे प्राचीन गया शहर की देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी पितृपक्ष और पिंडदान को लेकर अलग पहचान है। पुराणों के अनुसार पितरों के लिए खास आश्विन माह के कृष्ण ...
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हिन्दू धर्म में पुर्वजन्म को एक सत्य माना गया है। कौन-सी आत्मा कैसे जन्म लेती है इसके बारे में भी स्पष्ट किया गया है। कौन-सी आत्मा भटकती है और फिर कब जन्म लेती है इसके बारे में भी खुलासा किया गया है। यह भी कि कौन-सी आत्मा कुछ काल तक पितृलोक, ...
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ब्रह्म कमल सक फूल एक अद्भुत ही फूल है। यह वर्ष में एक बार ही उगते हैं। अगस्त और सितंबर में इसके फूल खिलते हैं और वह भी 4 या 5 घंटे के लिए। अधिकतर यह हिमालय के राज्यों में ही पाया जाता है परंतु आजकल लोग इसे घर में अपने गमले में भी उगाने लगे हैं।
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वैजयंती के वृक्ष पर बहुत ही सुंदर फूल उगते हैं। इसके फूल बहुत ही सुगंधित और सुंदर होते हैं। इसके बीजों की माला बनाई जाती है। वैजयंती के फूल भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को बहुत ही प्रिय है। आओ जानते हैं इसके 6 लाभ।
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हिन्दू धर्म का नृत्य, कला, योग और संगीत से गहरा नाता रहा है। हिन्दू धर्म मानता है कि ध्वनि और शुद्ध प्रकाश से ही ब्रह्मांड की रचना हुई है। भारत में संगीत की परंपरा अनादिकाल से ही रही है।
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भगवान गणेश की पूजा के लिए मोदक का लड्डू, दुर्वा, लाल पुष्प, जनेऊ, नारियल, मिश्री, पान सुपारी, सिंदूर आदि वस्तुओं के साथ गणेश शंख का भी उपयोग किया जाता चाहिए। आओ जानते हैं गणेश शंख के फायदे।
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ऋषि-मुनियों और अवतारों की भूमि 'भारत' एक रहस्यमय देश है। भारत में ऐसे कई स्थान हैं जिनका आज भी रहस्य बरकरार है। इन अनसुलझे रहस्यों को सुलझाने का क्या कोई प्रयास कर रहा है? वैसे तो भारत में हजारों अनसुलझे रहस्य हैं लेकिन यहां प्रस्तुत हैं प्रमुख 10 ...
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5 अगस्त 2020 को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम जन्मभूमि पूजने के पूर्व हनुमानगढ़ी क्षेत्र में पारिजात के पौधे का रोपण किया गया। जानिए इसे पेड़ का महत्व और इसके चमत्कारिक फायदे।
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हिन्दू धर्म में सफेद, लाल, नारंगी, पीला, केसरिया और भगवान रंग का बहुत महत्व है। गेरू और भगवा रंग एक ही है, लेकिन केसरिया में मामूली-सा अंतर है। हम गेरूआ, भगवा और केसरिया रंग को एक ही मानकर चलते हैं तो आओ जानते हैं केसरिया या भगवा रंग के 10 रहस्य।
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भगवान शिव अपने शरीर पर भस्म धारण करते हैं। यह भस्म कई प्रकार से बनती है, लेकिन कहते हैं कि खासकर मुर्दे की भस्म ही महाकाल में चढ़ाई जाती है। हालांकि वर्तमान में मुर्दे की भस्म का उपयोग नहीं होता है। आओ जानते हैं शिव की भस्म और भस्मारती के रहस्य।
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विद्या और कला में अंतर होता है। विद्या दो प्रकार की होती है अपरा और अपरा विद्या। इसी के अंतर्गत कई प्रकार की विद्याएं होती हैं। इसी तरह कलाएं भी दो प्रकार की होती है। पहली सांसारिक कलाएं और दूसरी आध्यात्मिक कलाएं। आओ जानते हैं इसके बारे में ...
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