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नवरात्रि महोत्सव में नवदुर्गा से जुड़े 9 खास मंदिर

रविवार,सितम्बर 29, 2019
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नारी में क्षमा, प्रेम, उदारता, लज्जा, विनय, समता, शांति, धीरता, वीरता, सेवा, सत्य, पर दुःख कातरता, शील, सद्भाव, सद्गुण और सौंदर्य इन सभी गुणों से युक्त नारी गरिमामयी बन पाती है। वर्तमान युग में महिलाएं हर मोर्चे पर अपनी योग्यता का प्रदर्शन कर सफलता ...
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नवदुर्गा के पवित्र पर्व के माध्यम से हमें दुनिया की प्रत्येक महिला के 9 रूपों का दर्शन होता है। प्रत्येक महिला खुद को 9 रूपों में व्यक्त करती ही है। जो महिला माता पार्वती के इन 9 रूपों के रहस्य को समझ लेती है, उसका जीवन सफल हुआ समझो।
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उपनिषद कहते हैं कि मृत्यु शरीर की होती है, आत्मा की नहीं। जिस आत्मा ने खुद को शरीर से अलग करके नहीं देखा, वही जन्म, मृत्यु और उसके बीच के जीवन के दुखद चक्र से गुजरता रहेगा। यह गीता का उपदेश है कि 'न कोई मरता है और न कोई मारता है तो फिर मौत से क्यों ...
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श्राद्ध में कौए या कौवे को छत पर जाकर अन्न जल देना बहुत ही पुण्य का कार्य है। माना जाता है कि हमारे पितृ कौए के रूप में आकर श्राद्ध का अन्न ग्रहण करते हैं। इस पक्ष में कौओं को भोजन कराना अर्थात अपने पितरों को भोजन कराना माना गया है। आओ जानते हैं कौए ...
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वैसे तो श्राद्ध कर्म या तर्पण करने के भारत में कई स्थान है, लेकिन पवित्र फल्गु नदी के तट पर बसे प्राचीन गया शहर की देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी पितृपक्ष और पिंडदान को लेकर अलग पहचान है। पुराणों के अनुसार पितरों के लिए खास आश्विन माह के कृष्ण ...
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जब कोई देह छोड़ता है तो वह उसके कर्मों के अनुसार कई तरह की संभावनाएं बनती है। पहला यह कि वह अन्य योनी धारण कर लेता है, दूसरा पितृलोक चला जाता है, तीसरा वह कई काल तक प्रेत योनी में भटकता रहता है और चौथा वह अनिश्‍चितकाल तक
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घर में अपने मृतकों के चित्र कहां लगाएं और कहां नहीं लगाएं इस संबंध में वास्तु शास्त्र में स्पष्ट उल्लेख मिलता है। गलत स्थान पर चित्र लगाने का बुरा असर होता है। अत: अपने मृतकों या पूर्वजों के चित्र आप उचित‍ स्थान पर ही लगाएं। आओ जानते हैं कुछ खास 5 ...
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हमारे पितृ या पूर्वज कई प्रकार के होते हैं। उनमें से बहुतों ने तो दूसरा जन्म ले लिया और बहुतों ने पितृलोक में स्थान प्राप्त कर लिया है। पितृलोक में स्थान प्राप्त करने वाले हर वर्ष श्राद्ध पक्ष में अपने वंशजों को देखने आते हैं और उस वक्त वे उन्हें ...
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हमारे पितृ या पूर्वज कई प्रकार के होते हैं। उनमें से बहुतों ने तो दूसरा जन्म ले लिया और बहुतों ने पितृलोक में स्थान प्राप्त कर लिया है। पितृलोक में स्थान प्राप्त करने वाले हर वर्ष श्राद्ध पक्ष में अपने वंशजों को देखने आते हैं और उस वक्त वे उन्हें ...
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हमारे पितृ या पूर्वज कई प्रकार के होते हैं। उनमें से बहुतों ने तो दूसरा जन्म ले लिया और बहुतों ने पितृलोक में स्थान प्राप्त कर लिया है। पितृलोक में स्थान प्राप्त करने वाले हर वर्ष श्राद्ध पक्ष में अपने वंशजों को देखने आते हैं और उस वक्त वे उन्हें ...
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अशोक का असली वृक्ष अब कम ही देखने को मिलता है। हालांकि अधिकतर घरों के सामने लंबे लंबे अशोक के वृक्ष लगे हुए मिलता है। क्या यह सचमुच ही अशोक के वृक्ष हैं? आओ जानते हैं अशोक के वृक्ष के बारे में रोचक जानकारी।
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दक्षिण भारत में असुरराज विरोचन के पुत्र राजा बलि की तो उत्तर भारत में कश्यप पुत्र भगवान वामन की पूजा का महत्व है। विष्णु के पांचवें अवतार वामन की पूजा भाद्रपद की शुक्ल द्वादशी को होती है जबकि बलि की पूजा भाद्रपद में त्रयोदशी को होती है। इस दिन को ...
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भगवान विष्णु ने सिर्फ मनुष्‍य रूप में ही अवतार नहीं लिया था। उन्होंने समय और परिस्थिति अनुसार अन्य रूप में अवतार भी लिया था। ऐसे ही 5 अवतारों की संक्षिप्त जानकारी।
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दुनिया चांद पर चली गई है। मतलब कि दुनिया के कुछ देशों ने चांद पर अपने मानव रहित यान उतार दिए हैं। भारत ने भी चंद्रयान 2 मिशन के माध्यम से चंद्रमा पर विक्रम रोवर उतार दिया है। अब सवाल यह उठता है कि कौन रहता है चांद पर? हिन्दू धर्म इस संबंध में क्या ...
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पुराणों अनुसार देव और दानवों द्वारा किए गए सागर मंथन से जो 14 रत्न निकले थे उनमें से एक चंद्रमा भी थे जिन्हें भगवान शंकर ने अपने सिर पर धारण कर लिया था। अब सवाल यह उठता है कि क्या शिव के मस्तक पर विराजित चंद्रमा का रहस्य छुपा है कैलाश पर्वत में? यह ...
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हिन्दू धर्म में वैसे तो बहुत सारे त्योहार हैं। सभी त्योहार या पर्व धर्म, मौसम और उत्सव से जुड़े हुए हैं। लेकिन हम यहां कुछ खास और मजेदार 11 त्योहारों की जानकारी देंगे जिसे संपूर्ण भारतवर्ष में मनाया जाता है।
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हिन्दुओं के तीर्थ, मठ और प्रमुख मंदिर नदियों के तट पर बसे हुए हैं। पहाड़ों में खासकर शक्तिपीठ और गुफा आश्रमों की संख्या ही अधिक है। आओ जानते हैं नदी के तट पर बसे हिन्दुओं के प्रमुख तीर्थों के नाम।
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आमतौर पर भगवान गणेश को दो भुजाधारी बताया गया है, लेकिन उनकी चार भुजाएं भी होती हैं। उनकी चार भुजा में चार वस्तुएं होती हैं। उनकी चार भुजाओं में से एक हाथ में अंकुश, दूसरे हाथ में पाश, तीसरे हाथ में मोदक व चौथे में आशीर्वाद है। आओ जानते हैं कि ये चार ...
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नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवारी की पुस्तक सेंचुरी में भारत, हिन्दू धर्म और महान राजनेता के उत्थान की बात कही है। आओ जानते हैं इस बार हिन्दू धर्म से जुड़ी 5 सटीक भविष्यवाणी।
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