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घर में चींटियां निकल रही हैं तो जानिए शुभ-अशुभ संकेत

सोमवार,अक्टूबर 26, 2020
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ज्योतिष में राहु काल को अशुभ माना जाता है। अत: इस काल में शुभ कार्य नहीं किए जाते है। यहां आपके लिए प्रस्तुत है सप्ताह के दिनों पर आधारित राहुकाल का समय, जिसके देखकर आप अपना दैनिक कार्य कर सकते हैं।
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हमने अक्सर मंदिरों में आटे के दीये जलते हुए देखे हैं, लेकिन हम नहीं जानते कि ऐसा क्यों किया जाता है? आइए जानते हैं शास्त्रसम्मत कुछ बातें...
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चंद्र देव सौम्य और शीतल देवता हैं लेकिन कुंडली में अशुभ हो तो कई परे‍शानियां देते हैं आइए जानते हैं उन्हें शुभ कैसे बनाया जाए...
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विजयदशमी का त्योहार या दशहरे का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है... इस दिन भूलकर भी व्यक्ति को कुछ काम नहीं करने चाहिए। आइए जानते हैं क्या हैं वे चीजें...
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नीलकंठ पक्षी को भगवान का प्रतिनिधि माना गया है। दशहरा पर्व पर इस पक्षी के दर्शन को शुभ और भाग्य को जगाने वाला माना जाता है। जिसके चलते दशहरे के दिन हर व्यक्ति इसी आस में छत पर जाकर आकाश को निहारता है कि उन्हें नीलकंठ पक्षी के दर्शन हो जाएं। ताकि साल ...
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हिन्दू पंचांग और ज्योतिष के अनुसार जब कोई मुहूर्त नहीं निकल रहा हो और किसी कार्य को शीघ्रता से आरंभ करना हो अथवा यात्रा पर जाना हो तो उसके लिए चौघड़िया मुहूर्त देखकर कार्य करना या यात्रा करना उत्तम होता है।
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आजकल देश और समाज में चहूंओर सोशल मीडिया का चलन बढ़ता ही जा रहा है। केवल युवा ही नहीं हर वर्ग में इसकी गहरी पैठ स्पष्ट दिखाई दे रही है। देश व समाज में सोशल मीडिया का प्रयोग सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही प्रकार से बखूबी किया जा रहा है। अब यह उपयोग ...
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दिवाली या दीपावली हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार है। यह 5 दिवसीय पर्व है, जो धनतेरस से भाई दूज 5 दिनों तक चलता है। दिवाली अंधकार पर प्रकाश की विजय को दर्शाता पर्व है।
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वास्तव में अग्नि देव की पत्‍नी हैं स्‍वाहा। इसलिए हवन में हर मंत्र के बाद होता है इनका उच्‍चारण। जानिए विस्तार से...
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कन्या पूजन का महत्व तो हम सभी जानते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि कन्या की संख्या के हिसाब से भी शुभ फल मिलता है।
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विधि विधान से कलश स्थापना के बाद 17 अक्टूबर 2020 से नवरात्रि का शुभ पर्व आरंभ हो जाएगा। इस बार तो कोरोना काल के कारण सुंदर मास्क और सेनेटाइजर की छोटी बॉटल भी दे सकते हैं। याद रखें कि कन्याओं को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाएं और कोरोना से बचाव की ...
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मंदिर में भगवान के दर्शन के समय अभिवादन हेतु सिर झुकाकर नमस्कार करें। मंत्र जाप करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखें। यदि भगवान के समक्ष बैठकर जाप करना हो तो इस ढंग से करें -
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नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। शैलीपुत्री हिमालय की पुत्री हैं। इसी वजह से मां के इस स्वरूप को शैलपुत्री कहा जाता है। इनकी आराधना से हम सभी मनोवांछित फल प्राप्त कर सकते हैं।
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महाराजा अग्रसेन का जन्म आश्विन शुक्ल प्रतिपदा को सूर्यवंशी क्षत्रिय कुल में हुआ था। अग्रकुल प्रवर्तक महाराजा अग्रसेन प्रतापनगर के सूर्यवंशी क्षत्रिय राजा वल्लभ के पुत्र थे
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17 अक्टूबर 2020 से नौ दिन माता भगवती को अपराजिता का फूल अर्पित कर बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करें। आइए जानें इन 9 दिनों में क्या करें, क्या न करें...
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17 अक्टूबर से नवरात्रि महोत्सव आरंभ होगा... जानिए नवदुर्गा के हर दिन की ‍तारीख...
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अमावस्या में दानवी आत्माएं ज्यादा सक्रिय रहती हैं, तब मनुष्यों में भी दानवी प्रवृत्ति का असर बढ़ जाता है इसीलिए उक्त दिनों के महत्वपूर्ण दिन में व्यक्ति के मन-मस्तिष्क को धर्म की ओर मोड़ दिया जाता है।
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यदि आप नवरात्रि का व्रत रख रहें हैं तो आपको 9 खास नियमों का पालन करना चाहिए।
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देवी माता के 51 शक्तिपीठों के बनने के सन्दर्भ में पौराणिक कथा प्रचलित है। राजा प्रजापति दक्ष की पुत्री के रूप में माता जगदम्बिका ने सती के रूप में जन्म लिया था और भगवान शिव से विवाह किया।
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