सूरज रेवन्ना की मुश्किलें बढ़ीं, अदालत ने बढ़ाई न्यायिक हिरासत की अवधि
Troubles rise for Suraj Revanna : बेंगलुरु की एक अदालत ने बुधवार को 2 पुरुषों के यौन उत्पीड़न के आरोपी व जनता दल (सेक्यूलर) के विधान परिषद सदस्य सूरज रेवन्ना को 18 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सूरज रेवन्ना को आज यानी 3 जुलाई तक अपराध अन्वेषण विभाग (CID) की हिरासत में भेजा था, जिसे अब बढ़ा दिया गया है।
बेंगलुरु के 42वें अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने एक जुलाई को सूरज रेवन्ना को आज यानी तीन जुलाई तक अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) की हिरासत में भेजा था जिसे अब बढ़ा दिया गया है। सीआईडी उनके खिलाफ मामलों की जांच कर रही है।
सीआईडी ने पिछले सप्ताह सूरज रेवन्ना की मेडिकल जांच कराई थी। उनके डीएनए नमूने भी लिए गए और उनका पौरूष परीक्षण भी कराया गया। रेवन्ना को 23 जून को गिरफ्तार किया गया था। सीआईडी ने दो पीड़ितों के डीएनए नमूने भी एकत्रित किए हैं जिन्होंने आरोप लगाया है कि विधान परिषद सदस्य ने उनका यौन उत्पीड़न किया था।
पहले मामले में हासन जिले के एक युवक ने आरोप लगाया है कि रेवन्ना ने घन्नीकाडा स्थित फार्म हाउस में 16 जून को उसका यौन उत्पीड़न किया था तथा उसे जान से मारने की धमकी दी थी। दूसरे मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 36 वर्षीय रेवन्ना ने तीन साल पहले कोविड-19 महामारी के दौरान उसका यौन उत्पीड़न किया था।
बड़े भाई भी कर रहे यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना : पुलिस ने सूरज रेवन्ना के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा-377 (कुकर्म), धारा-342 (अवैध रूप से बंधक बनाना), धारा-506 (आपराधिक धमकी) और धारा- 34 (समान मंशा से कई लोगों द्वारा किया गया कृत्य) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। वह जद(एस) के पूर्व सांसद प्रज्ज्वल रेवन्ना के बड़े भाई हैं। प्रज्ज्वल भी यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे हैं। (भाषा)
Edited By : Chetan Gour
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